Meri pyaari makan malkin bhabhi ki chudai

हेलो फ्रेंड आज मैं आपलोग को जो स्टोरी सुनने जेया रहा हू ये मेरी पहली स्टोरी नही मस्तकाानी पे, मेरा नाम रोहन है मैं अपने फ्रेंड के साथ रहता था, ये कहानी यूयेसेस टाइम का है जब मैं पढ़ाई करता था, मेरा एक फ्रेंड था ध्रब वो एक रूम लेकर रेंट पे रहता था, अक्सर मैं भी उसके रूम पर रहता था, ध्रब का मकान मलिक को हम भैया बुलाते थे, और उनकी वाइफ का नामे था अन्नू वो भोथ ही हॉट और बेअतुटीफुल थी, मकान मलिक वो भोथ मज़ाक करता था दिल खुस इंसंन् था वो, एक बार की बात ह म कोल्ज़ गया हुआ था दोफर को वापस आया तो मेने डेका के घर पे सीमा भाभी जी जी नई है भैय किसी लर्की को ला रक्के है, मेने पूछा अपने फ्रेंड से ये लर्की कौन है तो मेरे फ्रेंड ध्रब ने ब्टाया की ये भैया की गर्ल फ्रेंड है तो मूज़े शॉक लगा की शादी शुदा की गिर्ल्फीर्नद और वो भी उसके घर के अंदर,

उसके बाद वो शाम को चली गयइ, फिर दो दिन बाद सीमा भाभी अपने मयके से वापस आई तो मैने उनसे पूछा भाभी जी जी भैया की कोई गर्ल फ्रेंड ह तो भाभी जी रोने लग प्ऱोहन और बोली क आव रोहन आप से क्या छुपाना और उन्होने मूज़े सब कुछ सच सच बीटीये दिया, वो बोली क रोहन उसके पति उस लर्की को ही प्यार करते ह मूज़े नही कई सालो से तो उनको बिना टच किए हो गये, और वो अपना सारा दर्द जो भरा हुआ था उसको निकाल रही थी फिर मेने बोला भाभी जी जी आप भी क्यों परेसन होती हो मैं हू ना आपकी हेल्प के लिए मैं साथ दूँगा आपका और उनके दिल का दर्द को फिर तोड़ा कम किया, और भाभी जी जी को चुप कारया,

फिर भाभी जी जी से मैं धीरे धीरे खुलने लगा, पहले तो मैं नॉर्मल ही बताईएन करता था फिर धीरे धीरे सेक्सी सेक्सी बताएन करने लगा भाभी जी से, एक दिन मेने भाभी जी से पूछ ही लिया क भाभी जी आपकी ब सुहग्रत मानी होगी तो वो मूज़े अजीब से निगाहो से देकने लगी और हासकर बोली क हा, मेने पूछा की ब्ताओ भाभी जी कैसे कैसे क्या क्या हुआ था तो फले तो माना करने लगी रहने दो चड़ो फिर बाद मैं वो मान गयी और बोली की भोथ दर्द हुआ था उस दिन मूज़े जैसे चाकू से उंगली काटे हो तो दर्द होता हैं वैसे ही जब लॉडा और छूट मैं अंदर जाता था तो भोथ दर्द होता था और भाभी जी ने मूज़े अपनी पूरी शादी की रात की बात ब्टाई, आब मेरा लॉडा तो खड़ा हो गया था फहीर भाभी जी ने मेरी कपरी क उप्पर से मेरे लॉडा को डेका और वो समाज गयइ क आअज लोड्‍ा गर्म ह, और ये सब देकर वो अपने रूम मे चली गयइ, आव मूज़े उस दिन का इंतजार था जिस दिन घर मे कोई ना हो, एक दिन मैं कोल्ज़ नही गया और रूम पे था और मान ब्ना लिया था क आअज भाभी जी को छोड़ कर रहूँगा फहीर उसके बाद भाभी जी क बचे तो पढ़ने चली गये और मकान मलिक भैया अपने काम पे चले गये घर मे हम दोनो थे मैं और भाभी जी,

उसके बाद दोस्तों फहीर क्यट हा मैं मौका देकर उनके माकरे मैं चला गया और जाकर भाभी जी जी के बेड पे बैठ गया उसके भाभी जी से बोला भाभी जी आप से बात करना मूज़े अक्चा लगता ह, भाभी जी जी समाज ही गयइ उस दिन मीरी कपरी को देखार और मैने अपना एक हाथ उन्ँके हाथ पेफ रख दिया फिर कुछ देर के बाद उन्होने भी मेरा साथ दे दिया और मेने अपने होत उनके होत की तरफ़ ब्दाए तो उन्होने अपनी अकेन बंद कर ली और मैं उनको किस करने लगा, फिर तो वो ब कुछ देर बाद चालू हो गये और वो भी मूज़े किस करने लगी, और बोली ई लोवे ौउउ रोहन मैं भोथ दीनो से प्यासी हू मूज़े शांत कर दो, फिर क्या था मेने उनके कपड़े उतरे और उनके चूच पीने लगा वाउ क्या टेस्ट था उनके चूच का बस …, उसके बाद में ईक उंगली उनकी छूट मे डाली और अंदर भर करने लगा उसके बाद 2 उंगली उनकी छूट मे डाली और अंडप्र भर करने लगा और आब भाभी जी को हल्का सा दर्द और मज़ा दोनो ही आ रहा था,

फिर भाभी जी पूरी तारह गर्म हो चुकी थी मेने अपना अंडर वेर निकाला और अपना मोटा सा लॉडा उनकी छूट क सूपदे पर रकका और एक डक्का मारा वो चिल्लाने लगी मैं रुक गया उसके बाद 5 मीं ट्के उनको शांत किया फिर मेने दुबारा अपना लॉडा उसी जगह रकका और तेज की धकका मारा इस बार मेरा लॉडा पूरा अंदर जेया चक्का था ‘और भाभी जी भोथ तेज चीक रही थी फिर मैने अपने स्पीड चालू कर दिया और भाभी जी को भी मज़ा आने लगा फिर करीब दस मीं के बाद मैं झाड़ गया और हुँने फिर मेने भाभी जी जी से पूछा की तुम तक तो नही गयी भाभी जी वो बोली अजी इतना मज़ा आ रहा है और तुम कह रहाहो तक गयी क्या आज तो मैं काफ़ी सॅटिस्फाइड महसूस कर रही हू,

फिर मैं झदने के बाद भाई के उपर ही लेता रहा और हम दोनो नंगे ही ईक दूसरो की बहो मे लेते रहे, भाभी जी ने अपनी जीभ से मेरा लॉडा सॉफ किया और उसको मूह मे लेकर पीने लगी आव मेरा लॉडा दुबारा भाभी जी जी को छोड़नाी को टायर हो रहा था ढेररे ढेरे वो बड़ा हो रा था और मूज़े फिर से मज़्ज़ा आ रहा था फिर 10 मीं भाभी जी ने मेरा लॉडा को आइस क्रीम की तारह चूसा उसके बाद मेने उसे उनकी छूट पे रखा फिर से अपना काम डुब्रा सुरू किया पूरे कमरे मे फूच फूच की आवाज़ गूँज रही थी भाभी जी आ अया अया कर रही थी,

कुछ देर बाद झाड़ गया और इस तारह से हूंने उस दिन तीन बार चुदाई किया,ये मेरा पहली चुदाई था इस से मेने पहले कभी भी चुदाई नही किया था उस दिन के बाद मे बहूत खुस हुआ, और इस तारह से मेने प्यासी मकान मालकिनग भाभी की पायस बुझाई और उसके बाद ह्यूम जब भी मौका मिलता हम सेक्स करते है, फ्रेंड आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी जाऊर बताएँ प्लीज़,

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