Mehnat ka lund lamba hota hai

मेरा नाम गोद है आज मई आपको अपने जीवन की एक सत्यकथा सुनाने जा रहा हूँ ।जब मैं 15 साल का था तब से ही मुझे मुट्ठ मरने की आदत लग गई थी । जो की मुझे मेरे मदरचो ….. दोस्तों ने सिखाई थी ।इसके कारन मैं बड़ा परेशां था ।मैं जेसे ही किस चीनल पर कोई भी होत सीन देखता था तो तुंरत मेरा लंड कदा हो जाता था और मुझे चूत की हुड़क होने लगती थी पर चूत मिलती कहाँ से ? चूतें कोई आसमान से तो टपकती नही । तो मजबूरन मुझे मुट्ठ मरना पड़ता था . जिसके फलस्वरूप मेरा लुंड की भदत रुक गई और नाटो मेरा लुंड लुम्बा हुआ ,न उसमें पोवार रही मेरा लुंड इतना बेकार होगया की मेरा पानी १ मिनट मैं ही चूत जाता था ।मेरा लंड इतना बेकआर था की सुकारने के बाद मुझे ख़ुद पता नही नै चलता था की मेरा लूँ गया तो गया कहाँ ? क्योंकि मेरा lund खड़ा होने बाद बी मात्र ३ इंच का था । अपनी हवास को पूरा करने मैं 1 बार रंदिखाने गया तो उ s ४०० रस की चुदापो नै भी मेरे लुंड का मजाक उदय . तो शर्म के कारन मैं उसे बिगर चोदे ही भाग आया . ४ -५ साल बाद मेरे भाई की शादी हो गई और wo भाभी के साथ नॉएडा मई सिफत होगया . मेरे भाई ने वहां एक १५० गज जमीन मैं माकन बी बनवा लिया पर वह रहने वाले सिर्फ़ दो लोग थे so भाई ने मेरा अड्मिशन वहां के ही एक एन्गिनेअरिंग कोल्लागे मैं करा दिया ।ओउर मई भी वहां उनके साथ रहने लगा साथ रहते रहते मेरी भाभी से अची दोस्ती हो गयी । भाई सुभाह 9 बजे ऑफिस जाते थे ओउर शाम को ८ बजे तक ही घर मैं घुसते थे ।ओउर भाभी घर के काम करती थी । मैं भुत ह i शर्मीला था मारा ये नतुरे भाभी भी जानती थी . वो मेरे सामने सारी तक पहन लेती थी क्योंकि उन्हें पता था की जब वो साडी पहनेंगी तो मैं उनकी तराफ तेरी आँख से भी नही देखूंगा . एक बार की बा टी है हम आपस मैं बात कर kar रहे थे की मने भाभी से किसी सेक्स इस्पेश्लिस्ट डॉक्टर के बारे मैं पूछ लिया तो भाबी तो मेरे गले से ही लटक गईं ओउर बार पूछने लगी की तुमें क्या प्रोब्लम है ।पर मैं उन्हें नही बताया । भाभी समझ गई की ये शर्म कारन नही बता रहा तो एक दिन भाभी ने मेरी जांघ पर गर्म चाय गिरा दी मैं बुरी तरह जल गया तुब तो भाभी ने सॉरी बोला ओउर कहा क्या मैं दावा लगा दूँ पर मैंने मन कर दिया । अगले दिन मैं अपने कमरे मई सिर्फ़ टोवल पहन कर बता था ओउर शीशे मैं अपन i जला हुआ देख रहा था कमरे का किवार केवल भीरा हुआ था बंद नही था .थाभी भाबी वहां आगई .मैं एक दम घबरा गया ओउर तोलिये से अपनी जांघ को धक् लिया तो भाभी ने कहा की देवर ji ज़रा अपना घाव तो दिखाओ भाभी के कहने पर मुझे अपना घाव दिकाना पारा मैं पोतो से लेकर घुटने तक बुरी तरह जल गया था भाबी मेरे लियए बाज़ार से घाव का एक ट्यूब ले आई और बोली ki लाओ मैं लगा दूँ मैंने मन किया पर भाभी नही मणि ओउर ट्यूब लगाने ली भाभी के स्पर्श से मेरा लुंड खरा होने लग अ मेरा लंड कहर होते देख भभी बोली इसको तो कंट्रोल मैं रखो देवर जी तो मेरे मुह से निकल गया की ” भाभी ये है ही कितना लंबा ” तभी भाभी सारा माज़रा समझ गई ओऊ र बोली ज़रा दिकाना तो मानिने हिचकिचाते हुए तोलिया अपने लंड पर से हटा दिया लुंड वाकई मैं छोटा था । भाबी ने कहाः देवर मेरी एक बात मानोगेमेने कहा बोलो तो भभी ने खा मैं तुमरे लंड को ठीक कर सकती हूँ ।मेने कहा उसके लियए मुझे क्या करना होगा भाभी ने कहा रोज़ मालिश करवानी होगी मेने पुछा आप भी से तो नही कहोगी भाभी ने खा मैं किसी से नही कहूँगी क्योंकि मैं भी चाहती हूँ की आप अपना जीवन सुख से कट सकें । भाभी बोली कल से हम आपकी मसाज सुरु करेंगे मैंने कहा ठीक है .अगले दिन दोपहर मैं भाभी मेरे पास एक तेल की शीसी और एक रेज़र लेकर ई और नीचे ज़मीन पर मेरे पास बेथ गई और मेरी पैंट ओउर चड्डी उतर वादी मेरा लंड फिर खड़ा हो गया भाभी ने पहले मेरी ज्हंतो के बाल साफ़ किए फिर पानी से लुंड को धोया फिर भाभी ने उस पर तेल लगाकर दीरे दीरे मालिश करना शुरू किया उससे मेरे लुंड का पानी चूत गया भाभी ने फिर से लुंड को धोया ओउर मलिश की । ये मालिश का सिल्ल्सिला करीब १ साल तक चला पर मेरे लुंड मैं मुझे कोई सुधर पता न चला पर मालिश कुछ तो फायदा हुआ होगा पर कोई भी फायदा दिकाई नही पारा १ साल २ महीने बीतने के बाद भिया को ऑफिस के काम से १५ दिन के लिए ब्राजील जन पर गया ।उनके जाने के अगले दिन भभी बाथरूम मैं नहा रही थी तभी उसने मुझे आवाज़ दी और बुलाकर कमरे मैं से हेयर रेमोविंग क्रीम लेन को कहा मैंने लाकर दे दी . उसके कुछ देर बाद भाभी ने फिर बुलाया ओउर कहा की देवर जी जरा मेरी हेल्प करोगे मीन पुछा क्या हेल्प करून भाभी ? भाभी ने कहा -जरा अनादर आकर मेरी मादाद कर दो ।मैंने कहा मगर आप तो अन्दर नहा रही हैं और मैं अन्दर केसे आ जाओ ।भाभी ने कहा अब तो हम दोस्त हैं .तुम अन्दर आ सकते हो .तो मैं अन्दर घुस गया तो मने देखा की भभी ने चड्डी और ब्रा के सिवा कुछ नही पहन रखा था मैंने कहाक्य हुआ भाभी भाभी ने खा देवर जी जरा मेरी गंद के बाल साफ़ कर दो और भाभी घोडी बन गई मैं भाभी की गांड को देखकर पागल सा हो गया मेरे हाथ कपने लगे पर फिर भी मैंने क्रीम लगा दी मैंने गीली होने के डर से अपनी पैंट उतर दी थी मैंने भाभी क i गंद पर हाथ फेरा तो मेरा लंड खरा हों ऐ लगा मेर ऐ लुंड की ये हरकत भाभी देख रही थी मेरा लंड जैसे ही फुल सेज मई आया तो भाभी ने कहा देखो तुम्हारा लंड खड़ा हो रहा है मणि अपने लुंड को देखा तो मेरा लुंड वाकई मैं कदा हो और वो चड्डी तक मैं से बहार आ गया था भाभी ने तुंरत कहा ज़रा अपना लुंड तो देखना देवर जी मैंने अपना लुंड देखा तो मैं वाकई मैं चोंक गे मने अपना लुंड इतने बड़े साइज़ मैं कभी नही देखा था भाभी ने तुरन् टी मेरी चड्डी उतारी ओउर मुजहे अपने कमरे मैं ले गई वहां उसने मेरा लुंड नापा तो मेरा लुंड 8-5 इंच लंबा ओउर 4 इंच मोटा था भाभी ने कहा मेरी म्हणत सफल हो गई देवर जी । भाभी को मेरा लुंड देखकर सेक्स चढ़ आया । भाभी ने कहा देवर जी तुम्हारा लुंड तो मेरी चूत पहाड़ देगा पर फिर भी तुम मुझे अज इस हथियार से लड़ने दो भाभी ने कहते ही मेरा लुंड मुह मैं ले लिया ओउर उसे आम की तरह चूसने लगी मानने भाभी को बिस्तर पर लेता दिय ओउर भाभी से कहा भाभी मुझे 1 कंडोम दे दो भाभी ने कंडोम दे दिया तो कंडोम मेरे लुंड पर आया ही नही ।भाभी ने कहा बिना कंडोम के ही चो दो मैनी भाभी मैं लुंड टेकने क इ कोशिस की तो मेरा लुंड उंदर ही न गया । फिर मैंने भाभाभी को अपने लुंड के ऊपर बिहाय भुत तेल लगा ने के बाद मेरा लुंड भाभी की चूत मैं गया भाभी की चीख निकल गई भाभी की चूत का चबूतरा बन गया पर भाभी डटी रही ओउर मैं लुंड को धेरे धीरे घुसता हिलाता गया लगातार छोड़ते छोड़ते आधे घंटे मैं तीन बार पानी चूत गया लेकिन मेरा नही आधे घंटे बाद भुत जोर लगाने पर मेरे लुंड से करीब २५ पिचकारी छूती जिससे भाभी पूरी तरह तृप्त हो गई । उन १५ दिनों के अन्दर भाभी मेरे पास करीब ८० बार चुदने आई ॥ओउर मैंने भाभी को पूरे मजे दिए अबभी भाभी जब भी भइया नही होते भाभी जबरदस्ती मुझसे चुदने आ जाती है . अब भाभी को सिर्फ़ मेरे लुंड से ही मज़ा आता है …एगा भी क्यो नही म्हणत भी तो उन्ही की है । महनत का लंड लम्बा होता है

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