Mast Massage ke baad chudai dost ki bahan ki

 

हेलो मस्त कहानी के दोस्तों, आज मैं आपको बड़ी ही हॉट स्टोरी लिखने जेया रहा हू, मैं फरीदाबाद से हू, मेरी आगे 26 साल की है, मैं मस्त गाइ हू, खूब ठुकाई करता हू, चाहे गर्ल हो या भाभी हो आज मैं आपको उसी मे से एक स्टोरी के बारे मे बता रहा हू…

ये मस्त स्टोरी जो है वो मेरे एक दोस्त की बहन (शौलू) की है जो मेरे ही घर के पास मे रहती अकेले अपने बेटे क साथ और उसका भाई डुबही मे रहता हा… शौलू को कोई भी हेल्प चाहिए होती है चाहे जो भी हो तो मुहे ही कॉल करती ह किसी भी समय, और मैं भी उसका हेल्प करने के लिए तैयार रहता हू… मैं पहले कभी उसके बारे मे कभी भी ऐसा नही सोचता था लेकिन क्या करें दोस्तों मान तो फिसल ही जाता है… एक दिन मेरे फ्रेंड का फोन आया की दीदी तुम्हारा फोन ट्राइ कर रही है पर लग नही रहा तुम अतभी दीदी से बात कर लो उनकी तबीयत सही नही है… जब मैने उनको कॉल की तो वो बोली तोड़ा सिर मे दर्द हो रहा है मेडिसिन चाहिए तो मैं तुरान ही मेडिसिन लेकर घर पहुच गया मैने मेडिसिन दी फिर मैने बोला अगर आप कहो तो मई आपको सिर की मालिश कर देता हू तो उसने हा कर दी और बोली यहा ऋषभ उनका बेटा जो की 5 य्र का है सो रहा हैं दूसरे कमरे म शेलेट हैं नही तो जाग जाएगा तो मुझे फिर से परेशन करेगा मैने बोला जैसा आप कहो…

हम दोनो दूसरे रूम मे आ गये वो फिर सोफे पर बैठ गयी वो बड़ी ही हॉट लग रही थी फिर मैने उंकप मस्त सिर की मालिश करनी शुरू की जब मई उनके सिर की चम्पी कर रहा था तो वो आँख बंद करके बैठी थी तो मई खड़े होकर चम्पी कर रहा था मेरी नज़र एक दम से उनके टाइट टाइट बूब्स पर पद गयी क्या मस्त लुक आ रहा था मई धीरे धीरे सिर की मालिश करता रहा और उनका क्लीवेज देखता रहा और थोड़ी देर बाद पूछा कैसा लग रहा ह तो उन्होने बोला अब कुछ बेटर है और सिर का दर्द कम हो रहा है…

फिर शालु बिली की मई आपके लिए छाई बनती हू फिर डन एक साथ पीते हैं मैने कहा नही मैं बनता हू आप आराम करो, वो फिर आँख बंद किए सोफे पर लेती रही मैं उनके लिए टी बनाना सामने ओपन किचन मैं गया वाहा से मैं उनके क्लीवेज को देख रहा था और एक हाथ स अपना लॅंड पंत क उपर से ही सहला रहा था जो की काफ़ी देर से खड़ा था… मैं जब अपने लॅंड को सहला रहा था तो देखा तो वो मुझे देख रही थी फिर जैसे ही हमारी नज़रे मिली उन्होने आँखे बंद कर ली मई समझ गया दर्द सर मैं नही कही और ह फिर तब तक टी बन गई मैने एक उनको दी और बगल मैं बैठ कर मई भी टी पीने लगा…

header[1]

तभी वो अचानक बोली रणवीर मई तुमको फालतू मैं परेशन करती रहती हू मैने कहा नही आपका हक़ ह और यहा आपका कोई ह भी नही… वो बात काट कर बीच मैं बोली ये तो सही कह रहे हो कोई नही ह मेरा यहा और स्माइल करते हुए हंस पड़ी मई भी हसा और बोला नही मैं हू ना…

शौलू- ह्म तुम हो तो बुत हर कम नही बोल सकती ना तुमसे कही तुमने कुछ अदरवाइज़ ले लिया तो मेरे जो कम कम हो जाते ह वो भी नही हो पाएँगे…

मैं- आप कोई भी कम हो बता दिया करिए मुझे फ़र्क नही पड़ता आपके ये कम तो होते ही रहेंगे और मई ट्राइ करूँगा आपको परेशानी ना हो…

टी ख़त्म करके मैं घर चला आया मुझे कुछ ऑफीस वर्क करना था रत 11:30 मेरे मैं म्स्ग आया

शौलू- ही, सो गये क्या

मैं- नही अभी नही और आप क्यू जाग रहे हो अभी तक

शौलू- क्या बतौ जब से चम्पी कराई ह मेरा तो दोबारा करने का मान करने लगा ह इनफॅक्ट मुझे लगता ह तुम मेरे पास रहो और चम्पी करते रहो

मैं- ओहो इतनी अची तरह से उनकी सेवा की मैने …… फॉर उर इन्फर्मेशन म मालिश भी काफ़ी अछा करता हू…

शौलू- अरे बताया नही तुमने कभी चेआतेर कही क……वासीए किसी लॅडीस क किया ह मालिश तुमने

मैं- हा कई लॅडीस क कर चक्का हू और कल आपके भी कर डू अगर आप कहो तो……

शौलू- ओक डन…… बुत कल नही अभी करना हो तो आओ……

मैं- (मौका गवाए बिना) ठीक ह आता हू बुत इतनी रत म ओँगा तो फीस लगेगी…

शौलू- आओ तो जो फीस चाहो म दूँगी

मई पंद्रह मिनुते बाद उनके घर पहुच गया और उनके किया तो आवाज़ आई तुम्हारे लिए सारे दरवाज़े खुले है आ जाओ… फिर मई जैसे ही उनके घर के अंदर गया वो मस्त सेक्स्ट निघट्य पहने खड़ी थी. मैं जब देखा तो देखता ही रह गया. शालु बोली आओ आओ ऐसे क्या घूर कर देख रहे हो मई फिर आयेज बढ़ा और उसके बगल मे ही जाकर खड़ा हो गया. मैने कहा इतनी रत म बुलाने की वजह वो बोली मुझे आअज सिर्फ़ मालिश मालिश मालिश सारी रत मालिश करवानी है… बताओ तुम तैयार हो आँख मरते हुए बोली मैने कहा मई तो हमेशा तैयार रहता हू…

फिर क्या बतौन दोस्तों मैने उनकी ऐसी मालिश करी यूयेसेस दिन की मैने उनके बूब को खूब दायेया, गांद मे तेल लगाया, फिर करीब दो घंटे बाद वो मुझे बोली अब छ्चोड़ो सब कुच्छ मेरी चुदाई करो, और फिर तो मत पुच्च्ो इसके आयेज, वो इतनी चुड़क्कड़ निकली को वो पूरी रात मुझसे चुड़वाते रही, मुझे काफ़ी मज़ा आया और आयेज भी रोज रोज मज़ा ले रहा हू, आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी ज़रूर बातायने.

(Visited 40 times, 3 visits today)