Maa ki chudai ki sachchi kahani

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम अजय है मई देल्ही का र्हने वाला हू.. और मस्तकाानी.कॉम का रेग्युलर विज़िटर हू.. मेरी उमर 21 एअर है.. मई इंडोरे से स्टडी कर रहा हू.. ये कहानी मेरी और मेरी मा की है.. उनकी आगे 42 है फेगुरे 36-34-36 है चिकना बदन लंबे 2 बाल भारी 2 गाड़..बिकुल गोरी रेखा जैसी ल्गती है है बिल्कुल..मैने मा के बारे मे कभी ग़लत नही सोचा था..और ना ही मैं कभी बुरी नज़र डाली थी..लेकिन एक घटना ने मेरी और मा की ज़िंदगी बदल दी..बात आज से 6 मंत फ्ले की है जब मा मुझसे मिलने इंडोरे आई थी..

मई बहूत खुस था की मा की आने की वज से..रात मे हम दोनो ने बाहर ही खाना खाया और फिर हम दोनो सोने के लिए वापस अपने अपने कमरे मे आ गये..मेरे रूम मे 1 ही सिंगल बेड था..मैने क्पडे चनगे किए और 1 शॉर्ट और टसार्ट डाल ली..मा भी वॉशरूम ड्रेस चेंज करने चली गई और वापस आई तो शॉर्ट नाइट सेक्सी ड्रेस मे किसी आक्ट्रेस की तरह लग र्ही थी उनका पूरा बदन निघट्य के उपर से ही दिख रहा था बड़ी चूची ब्रा के अंदस्र भी आप यकीन नही करेंगे बिल्कुल टाइट और ताने हुए थे गांद भी बिलकुक बाहर की ओर उभरी हुई दिख रही थी मा ने वॅक्स करवाया हुआ था क्यों की पैर मे 1 भी बाल न्ही दिख र्हे थे बिल्कुल क्लीन दिख रहा था मा की निघट्य बिल्कुल टाइट थी लाइफ मे पहली बार मुझे मा को देखकर अजीब सा फील हुआ मुझे अपने शॉर्ट मे अजीब सा महसूस हो रहा था..मई बस मा को देखे जा रहा था होश

मुझे तब आया जब मा ने कहा अजय अब सोने चले काफ़ी रात हो गई है बेटा और हम सो गये मई काफ़ी देर तक मा के बारे मे सोचता रहा और मुझे महसूस हुआ मेरा लॉडा बिलकुट टाइट है मेरे पंत के आंद्र मुझे अपने आप पे गुस्सा भी आ रहा था की मैं अपनी मा के बारे मे ग़लत सोच रहा हू लेकिन मेरा मॅन मेरे काबू मे न्ही था सयद मा सो गई थी मई वॉशरूम गया और लाइफ मे पहली बार मा के नाम की मुत्ह मारी और इतना सुकून मिला मई ब्टा न्ही सकता..

फिर मई आक्र् सो गया और फिर मैं उटा तो सुबह हो गई थी मई बातरूम गया और फ्रेश होकर बाहर से नास्टा लाया फिर मैने और मा ने नास्टा काइया फिर हम बाहर गये ढेर सारा शॉपिंग काइया मा ने मेरे लिए भी शॉपिंग की फिर हम साम को वापस आ गये मई देखने ल्गा मा ने क्या क्या लिया है अचंक मेरी नज़र उसमे रखे 1 पकेट पे पड़ी मैने सोचा इसमे क्या है और खोलने ल्गा मैने डेका उसमे मत ब्रास और पेंटी थे मई पनटी हाथ मे लकर् देखने ल्गा बिल्कुल सॉफ्ट सा मूल्याँ पनटी थी मई बहूत हरण था की मा इतनी मॉर्डन और शॉर्ट पनटी फंटी ह मई बार 2 पाल्ट के पनटी को देख रहा था और सोच रहा था ये मेरे मा की बड़ी गाड़ को कैसे धकती होती तबी मा आ गई और बोली अजय ये क्या क्र र्हे हो मई बिल्कुल दर गया

और कुछ बोल भी नही पाया मा ने खा वो टुमरे काम की न्ही है रख दो तो मैने रख दिया फिर हम रात मे खाकर सोने चले गये मा ने आज ब्लॅक शॉर्ट निघट्य फनी थी जिसके बॅक मे ज़िप ल्गा था मुझे तुम बार बार मा की पेंटी याद आ रही थी और मेरा लॉडा बिल्कुल टाइट हो गया था मई सोच रहा था कस 1 बार अपने मा को उस पनटी मे देख पता मई काफ़ी देर तक सोने की कोशिश करता रहा लेकिन बार बार मा के बदन आखो के सामने आ जाता मुझसे अब बिल्कुल कंट्रोल नही हो रहा था मैने देखा मा गहरी नीब्द मे सो र्ही थी मेरा मान हुआ क्यू ना मा के बदन पे हाथ रखा जाए

लेकिन दर से हिम्मत नही हो र्ही थी लॉडा का बुरा हाल था मैने बहूत हिम्मत करके 1 हाथ मा की कमर पे रखा कुछ देर ऐसे ही रखे रहा और फिर मा से चिपक के लेट गया मेरा मान था की अमि की निघट्य उपर करू हिम्मत करके तोड़ा सा निघट्य उप्र काइया तो मा की मोटे 2 चिकने घनग दिखने ल्गे मैने अपना 1 हाथ मा की झांग पे रख दिया अमि के गांघ बिल्कुल मुलायम थे और बहूत सॉफ्ट मेरे लॉडा मानो फट जाएगा ऐसा महसूस हो रहा था मैने निघट्य और उपर कर दी अब मा की बड़ी गाड़ बिल्कुल मेरे सामने थी मा अब भी गहरी नीड मे थी मैने मैने अपनी पंत उतार दी और अपना लॉडा पनटी के उपर से ही मा की गाड़ के बीच रख दिया और हल्का सा दबाव डाला तो लॉडा का सुफदा गाड़ की सुराख मे अटक गया मई वैसी ही लेते रहा मा अब भी सो रही थी मैने हिम्मत करके निघट्य की ज़िप खोल दी मा ने ब्रा फनी थी मई ब्रा के उपर से ही उनके केले जैसे ताने हुए चूची ड़बने ल्गा और लॉडा को गाड़ की सुराख पे रगड़ने ल्गा मुझे बहूत म्ज़ा आने ल्गा त्बी मा ने करवट ली

उसके बाद तो मई झट से दूर हो गया मा उठ के बात गई मई सोने का नाटक क्रटा रहा मई दर से काप रहा था मा ने मेरी तरफ देखा और अपनी निघट्य की हुक को बंद की और सो गई सुबह मई जान बूझक्र देर तक सोया रहा सोच रहा था मा क्या बोलेंगी फिर मा ने उठाया बोली आज बहूत नीड आ र्ही रात को कम जगा क्रो और हास दी मई ने सोचा मा गुस्सा नही ह सारा दिन ऐसे ही निकल गया रात को मई और अम्मी सो गये आज मई मा को छोड़ना चाहता कुछ देर बाद जब ल्गा मा सो गई तो मई मा से चिपक गया और मई मा की निघट्य उपर करने लगा और मई ये देखकर हैरान था मा ने पेंटी नही पहनी थी मा की बड़ी चूतड़ बिल्कुल मेरे सामने थी मेरा लॉडा अपने काबू मे नही था मैने लॉडा को मा की गांद पे रखा…

आप ये स्टोरी मस्तकाानी.कॉम पे पढ़ रहे रहै. ….तो मुझे लगा स्वर्ग मे हू मेरी हिमत बढ़ गई थी मैने मा की छूट पे हाथ रखा तो वॉया बिल्कुल ब हेर्स नही थे मैने मों की निघट्य की ज़िप खोल दी और देखा मों ने आज ब्रा भी नही फना था था मई उनके चूची मसलने ल्गा अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था तो लॉडा मों की छूट पे रख दिया और 1 हल्का सा ढाका मारा तो लॉडा फिस्ल गया मों की छूट बहूत टाइट थी फिर लॉडा पे थूक ल्गा के छूट के होल पे रखा और जोरदार ढाका मारा मेरा आड़ा लॉडा छूट मे च्ला गया और मा की चीख निकल गई फिर मई रुका नही और और अगले ही झतके मे मे पूरा लॉडा छूट मे था फिर मई अंडरर बाहर केने लगा मों वैसे ही लेती रही 15 मीं मे मैने अपना स्पर्म मा की छूट मे ही छोड़ दिया बाकी कहनी अगली बार आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी ज़रूर कॉमेंट कीजिएगा