Jawaan Ladki Ki Seal Tory

हेलो फ्रेंड्स! सबसे पहली मैं अपना इनटोरदूकटीओं करा डून. मेरा नाम अली है और मैं लाहोर मैं रहता हूँ, बा का स्टूडेंट हूँ और मेरा लंड 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा है और मैं ऐक खूबसूरत स्मार्ट लरका हूँ.

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जो कहानी मैं आपको सुननी जा रहा हूँ वो बिल्कुल सच है और यह मेरा पहला सेक्स का तजुर्बा है जो मैने अपनी हंसाई क साथ काइया. उसका नाम फराह है और उसकी आगे 18 यियर्ज़ है और वो मेरे घर क साथ वाली घर मैं रहती है. वो बोहट खूबसूरत लर्की है. यह उन दीनो की बात है जब मैं फा क पेपर्स दे क फ्री हुआ था और मेरा सारा टाइम कंप्यूटर पे ही गुज़रता था. फराह मेरी छोटी बेहन की सहैयली थी और उसका हुमारे घर मैं काफ़ी आना जाना था. उस क मामी (बूब्स) उसकी आगे क हिसाब से काफ़ी बरी थाइ. ऑलमोस्ट 32 साइज़ क उसकी बूब्स थाइ. हुमारा घर सेकेंड फ्लोर पेर है. नीची सिर्फ़
ऐक ड्रॉयिंग रूम है जो क मैं गाते क बिल्कुल साथ है. फराह ऐक बोहट ही सेक्सी लर्की है और जब वो चलती है तो उस क चलनी का स्टाइल काइया कमाल का था. जब उसकी गंद (चूतड़) हिलती थी तो काइया गाज़ाब की लगती थी. उफ़फ्फ़! मेरी छोटी बेहन और वो ऐक ही स्कूल मैं पर्हती तीन. उन ड्षन पेपर्स हो रही थाइ और कुछ दीनो क बाद पेपर्स ख़तम होगआय तो वो हुमारे घर काफ़ी अन्य जानी लगी और हुमारे घर मैं खैइलती रहती थी.

मैं जब भी उसी देखता तो मेरा लंड खरा हो जाता और उसी छोड़नी का सोचता रहता. वो जब भी मुझी देखती तो मुस्कुरा देती तो मैं भी मुस्कुरा देता ल्यकीं कोई बात ना हो पति. मैं उस से बात करनी को बरा बयचईन था जब भी उसको देखता तो दिल करता क अभी इस क मम्मो (बूब्स) को पाकर लून. ल्यकीं हिम्मत नही होती थी. ऐक दिन हुमारे सारी घर वाली बिग ब्रदर क रिषती की बात करनी क लिए खाला क घर जानी की टियारियाँ करनी लगी और मुझी भी अमि ने कहा चलो अली तुम भी त्यआर हो जाओ. ल्यकीं मैने बहन बना दिया क मेरी तबेअत ठीक नही है इसलिए मैं घर पही राहोंगा और वैसी भी घर पे कों रहयगा. तब उन्हो ने कहा ठीक है तुम घर पे ही रुक जाओ और
मैं खुश होगआया क आज घर कोई नही होगा मोक़ा अछा है.

सब लोआग त्यआर हो क सुबह 10आम बाजी घर से निकल गये, भाई ऑफीस चला गया तो मैं घर मैं अकेला ही रह गया था. मैं आ क लाइट गया और केबल पेर रेसलिंग देखनी लगा जो क मैं बोहट शोआक् से देखता हूँ. और अचानक 11आम बाजी बेल बाजी, मैने डोर खोला तो फराह खरी थी.वो मुझी देख क शर्मा गये और उसने मुझसे मेरी छोटी बेहन क बरी मैं पोछा तो मैने कहा क ऊपेर वाली कमरी मैं है और वो ऊपेर वाली कमरी मैं चली गई. मैने दरवाज़ी की कुण्डी लगाई और उस क पीछी चला गया और दिल ही दिल मैं खुशी क से पागल हो रहा था क आज मैं अपना खवाब पूरा कर क ही करोंगा और मेरा लंड खरा होना शॉरो होगआया.

वो ऊपेर क कमरी मैं पोंची तो वहाँ कोई नही था. इतनी मैं वो वापिस पलटनी लगी तो मैं पोंच गाय. वो मुझी देख क घबरा गई और मुझी कहनी लगी क अली तुमने मुझसे झूट किओं बोला. मैने कहा क तुमसे कुछ बात करना चाहता हूँ, ल्यकीं दिल मैं दर भी रहा था क कहीं उसने घर मैं अमि या चोरी बेहन को बता दिया तो मेरी खैर नही. ल्यकीं मैं हिम्मत कर क डार्टी हुए उस क क़रीब हो क उसका हाथ पाकर लिया तो वो शर्मा गई, जिस से मेरी हिम्मत कुछ और बरह गई. मैने उस से कहा फराह मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ और तुमसे बोहट प्यार करता हूँ ल्यकीं तुमसे कहनी से डरता था क कहीं तुम किसी को बता ना दो. उसने शर्मा क मूँह नीची कर लिया और कहा क मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ ल्यकीं कहनी की हिम्मत नही थी. इतना सुना ही था क मैने उसी बाहों मैं ले क सीनी से लगा लिया, जब उस क मॅमी (बूब्स) मेरे सीनी से लगी तो मेरा लूँ (लंड, डिक) लोहे की तरहा साहट होगआया. मैने उस से कहा क मुझी तुम्हारे मॅमी (बूब्स) बोहट पसंद हैं तो वो शर्मा गई. मैने उस क गुलाभी होंतों पेर अपनी होन्ट रख दिए और किस करनी लगा, ल्यकीं वो खामोश खरी रही.

मैने उस से कहा क अब किओं शर्मा रही हो अब तो हम दोस्त हैं और फिर उसी किस करनी लगा और उस क गुलाबी होंतों को चूसनी लगा. उस क होंतों से जो गुलाबी रस्स निकल रहा था काइया बताओं मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था. उसका नर्म नर्म रोई जैसा जिस्म मेरी बाहों मैं था, इस क साथ साथ मैं ऐक हाथ से उस क बूब्स को भी दबा रहा था. मैने ज़िंदगी मैं पहली बार किसी लर्की क बूब्स को हाथ लगाया था. मैं जब भी उस क बूब्स दबाता तो उस क मूँह से सिसकारी निकल जाती. मैं उसी किस कार्य करती बेड पेर ले गया और उसकी गर्दन चूमनी लगा. इस से वो मचलनी लगी तो मैने उसी कमीज़ उतार दी. नीची उसने ऐक ब्लॅक कलर का ब्रेज़ियर पहना हुआ था. मैं उसी बूब्स देखनी लगा और कुछ ही दायर मैं उस क ब्रेज़ियर का हुक खोल क उस क जिसम से अलहदा कर दिया. उस क मिल्क जैसी वाइट बूब्स जो काफ़ी बिग थाइ देख क मैं
तो बयक़ाबू होगाय और उस क बूब्स को मसलनी और सहलानी लगा. उसकी निपल्स को दबाया तो उस क मूँह से बयीखहतियार सीईए की आवाज़ निकल गई, मैं उस क बूब्स को चूसनी क लिए बयचईन था और तभी मैने उसकी निपल्स को मूँह मैं ले बचों की तरहा चूसनी लता तो वो तार्पनी लगी और मेरे सिर को ज़ोर से पाकर क अपनी बूब्स मैं दबनी लगी. मैने भी मज़ा ले रहा था.

इस क साथ ही मैने भी अपनी शर्ट उतार दी और दोबारा उस क बूब्स को चूसेनी (सक) करनी लगा और दूसरी हाथ से उसकी शलवार ऐक ही झटकी मैं उतार थी. उसने नीची ऐक पिंक कलर का अंडरवेर पहना हुआ था. शलवार मैं लस्टिक्क होनी की वजा से फॉरन उतार गई और व्ब वो मेरे संनी सिर्फ़ अंडरवेर भी ही थी. मुजसे अब रहा नही जा रहा था मैने उसका अंडरवेर भी ऐक ही झटकी मैं उस क जिस्म से अलग कर दिया. उसकी छोटी सी गुलाबी छूट (फुदी) देख क मेरी आंखाईं चमाकनी लगी और मुझी नशा सा होनी लगा. जैसी ही मैने उसकी छोटी सी पिंक छूट को हाथ लगाया तो उस क जिस्म
मैं करेंट डॉर्नी लगा और वो ऐक दम मचलनी लाई और सिसकारियाँ भरनी लगी. मैं कुछ दायर तक उसको मसलता रहा फिर मैने अपनी होन्ट उसकी छूट (फुदी) क होंतों पेर रख दिए और उन्हइन चूसनी लगा. पहली तो मुझी बोहट अजीब सा ज़ायक़ा लगा ल्यकीं बाद मैं मज़ा अन्य लगा और मैने अपनी ज़ुबान उसकी छूट मैं दहल कर दी जिस से वो तारपनी लगी. वो बोहट गरम हो चुकी थी. मैने अपनी पेंट और अंडरवेर भी उतार दिया, मेरा लंड (डिक, लॉरा, लूँ) रोड की तरहा खरा था. मैने अपना लंड उस क होंतों से टच काइया और उसी वो उसी मूँह मैं ले कर चूसनी लगी तो वो और साहट होगआया. मैने साथ साथ उस क बूब्स को भी दबा रहा था जिनसे वो और ज़ियादा गरम होगआई.

अब मुझसे भी बर्दाश्त नही हो रहा था. मैं उठ कर उसकी टाँगों की तरफ़ आ क बेत गया और उसकी टाँगों को खोल दिया और उसकी छूट को उंगली (फिंगर) से मसलनी लगा और अपनी ऐक फिंगर उसकी छूट मैं दहल कर दी. उसकी छूट कुँवारी होनी की वजा से बोहट टाइट थी और उंगली बरी मुश्किल से अंदर गई जिस से वो उछाल पारी. मैने कहा जान थोरी से दर्द होगी बर्दाश्त कर लेना उस क बाद मज़ा आएगा और साथ ही उंगली
थोरी थोरी अंदर बाहर करनी लगा. उसकी छूट मैं चिकनाहट की वजा से मुश्किल नही हो रही थी. अब मैने उसकी टाँगों को फोल्ड कर क उस क कंधों क साथ लगा दिया और साथ ही ड्रेसिंग टेबल क दराज़ से वसलिने की बॉटल निकली और उसकी छूट पेर मालनी लगा और थोरी सी अपनी लंड (डिक, लंड, कॉक) पेर भी लगा ली और लंड उसकी छूट पेर रगरनी लगा जिस से वो मचलनी और तारपनी लगी.इस क साथ ही मैने ऐक झटका लगाया जिस से मेरा लूँ 2 इंच तक उसकी छूट मैं चला गया और उसकी ज़ोरदार चीख निकल गई और कहनी लगी आय मैं मार गई, प्लीज़ इसी बाहर निकालो बोहट दर्द हो रहा है.मैं कुछ दायर क लिए रुक गया किओं क वो अभी बची थी और उसकी आगे सिर्फ़ 18 साल थी. मैने लंड उसकी छूट मैं ही रहनी दिया. मुझी ऐसा लगा क जैसी
आगी कोई चीज़ हो, यह उसकी छूट की सील ही थी और वो उसकी छूट का परदा था जो मेरे लंड को अंदर जानी से रोआक् रहा था.मैने ऐक ज़ोर का झटका मारा और मेरा लूँ उसकी छूट क सारी रास्ती खोलता हुआ जर तक अंदर चला गया.उसकी ऐक और ज़ोरदार चीख निकली, वो रॉनी लगी और सिर पटखनी लगी. उसकी छूट से खून निलालनी लगा.मैने उस क होंतों पेर अपनी होन्ट रख दिए और चूसनी लगा ल्यकीं कोई हेरकत ना की.कुछ दायर क बाद मैने देखा क उसका दर्द कुछ कम हुआ तो मैने आहिस्ता आहिस्ता लंड को आगी पीछी करनी लगा. अब ज़ियादा मुश्किल नही हो रही थी और उसी भी मज़ा अन्य लगा था.

उस क मूँह से आआआआआआआः आआआआः उूुुुउउफफफफफफफफफ्फ़ सस्स्स्स्स्स्स्सस्स की आवाज़ैईन निकलनी आ रही तीन. वो मुझी कमर से पाकर कर अपनी तरफ़ खैंच रही थी और कह रही थी ज़ोर से छोड़ो और ज़ोर से फार दो इसी. मैं उस क मूँह से यह सब सुन क बोहट खुश होगआया और जोश मैं आगेया और ज़ोर से ढाकी मारनी लगा. उसी और मुझी दोनो को ही बोहट मज़ा अरहा था. तकरीबन 15 मिनिट्स क बाद मैं उसकी छूट मैं ही छूट (फारिघ्) होगा गया और उस क साथ ही वो भी (छूट) फारिघ् होगआई. मैं उस क साथ ही लाइट गया और हम कुछ दायर क लिए ऐक दूसरी ही लेयिटी रही. फिर मैं उसी दोबारा किस करनी लगा, कुछ दायर क बाद मेरा लंड फिर से खरा होगआया और वो भी गरम होगआई और दोबारा चुदाई क लिए त्यआर थी. अब मैने उसी तंगायन (लेग्स) उठा क
अपनी कंधों (आर्म्स) पे रखी और अपना लंड उसकी छूट मैं डाल दिया. इस बार भी उसी थोरी थोरी दर्द हुई ल्यकीं उसकी छूट मैं चिकनाहट की वजा से आसानी से उसकी छूट मैं चला गया था. इस बार मैं ज़ियादा ओर से ढाकी (स्टॉक्स) मार रहा था और वो भी कमर उठा उठा क प्पोरा रेस्पॉन्स दे रही थी. इस बार 30 मिनिट्स मैं उसी छोड़ता रहा और कुछ दायर क बाद हम इकाती हो छूट (फारिघ्) होगआय. हम काफ़ी तक चुकी थाइ. हम इकाती ही वॉशरूम मैं चली गये और ऐक दूसरी को सोप लगा क नहलाया और वापिस आ कर कपरी पहन्नी लगी और बार मैं ऐक दूसरी को किस करनी लगी अब तो
वो भी किस का रेस्पॉन्स दे रही थी. कुछ दायर क बाद वो जानी लगी तो उस से चला नही जा रहा था बरी मुश्किल से चल रही थी और वो मुझी किस कर क चली गई. मैने बेड की चादर बदली जिस पे उसका खूब लगा हुआ था. वो काफ़ी दिन हुमारे घर नही आई बुत उस क बाद जब भी वो है और मुझी मोक़ा मिलता है तो मैं उसी छोड़ता हूँ. इस क बाद मैने और भी काफ़ी लरकिओं को छोड़ा है जिस क बरी मैं फिर कभी बताओंगा.

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Hello Friends! Sabse pehly main apna intorduction kara doon. Mera naam ali hai aur main lahore main rehta hoon, BA ka student hoon aur mera lund 6 inch lamba aur 2 inch mota hai aur main aik khoobsoorat smart larka hoon.
Jo kahani main aapko sunany ja raha hoon woh bilkul such hai aur yeh mera pehla sex ka tajurba hai jo maine apni hamsai k sath kia. Uska naam farah hai aur uski age 18 years hai aur woh mere ghar k sath waly ghar main rehti hai. woh bohat khoobsoorat larki hai. yeh un dino ki baat hai jab main FA k papers de k free hua tha aur mera sara time computer pe hi guzarta tha. Farah meri choti behan ki sahaili thi aur uska humare ghar main kafi ana jana tha. Us k mamy (boobs) uski age k hisab se kafi bary thy. Almost 32 size k uski boobs thy. Humara ghar second floor per hai. Neechy sirf
aik drawing room hai jo k main gate k bilkul sath hai. Farah aik bohat hi sexy larki hai aur jab woh chalti hai to us k chalny ka style kia kamal ka tha. Jab uski gand (chutad) hilti thi to kia ghazab ki lagti thi. Ufff! Meri choti behan aur woh aik hi college main parhti theen. Un dion papers ho rahy thy aur kuch dino k baad papers khatam hogaye to woh humare ghar kafi any jany lagi aur humare ghar main khailti rehti thi.

Main jab bhi usy dekhta to mera Lund khara ho jata aur usy chodny ka sochta rehta. Woh jab bhi mujhy dekhti to muskura deti to main bhi muskura deta lykin koi bat na ho pati. Main us se bat karny ko bara bychain tha jab bhi usko dekhta to dil karta k abhi is k mammo (boobs) ko pakar loon. Lykin himmat nahi hoti thi. Aik din humare sary ghar waly big brother k rishty ki bat karny k liye khala k ghar jany ki tiyarian karny lagy aur mujhy bhi ami ne kaha chalo ali tum bhi tyar ho jao. lykin maine bahan bana dia k meri tabeat theek nahi hai isliye main ghar pehi rahonga aur waisy bhi ghar pe kon rahyga. Tab unho ne kaha theek hai tum ghar pe hi ruk jao aur
main khush hogaya k aaj ghar koi nahi hoga moqa acha hai.

Sab loag tyar ho k subah 10am bajy ghar se nikal gaye, bhai office chala gaya to main ghar main akela hi reh gaya tha. Main aa k lait gaya aur cable per wrestling dekhny laga jo k main bohat shoak se dekhta hoon. aur achanak 11am bajy bell baji, maine door khola to farah khari thi.woh mujhy dekh k sharma gaye aur usne mujhse meri choti behan k bary main pocha to maine kaha k ooper waly kamry main hai aur woh ooper waly kamry main chali gai. maine darwazy ki kundi lagai aur us k peechy chala gaya aur dil hi dil main khushi k se pagal ho raha tha k aaj main apna khawab poora kar k hi karonga aur mera lund khara hona shoro hogaya.

Woh ooper k kamry main pohanchi to wahan koi nahi tha. itny main woh wapis palatny lagi to main pohanch gaay. woh mujhy dekh k ghabra gai aur mujhy kehny lagi k ali tumne mujhse jhoot kion bola. maine kaha k tumse kuch bat karna chahta hoon, lykin dil main dar bhi raha tha k kaheen usne ghar main ami ya chori behan ko bata dia to meri khair nahi. Lykin main himmat kar k darty huye us k qareeb ho k uska hath pakar lia to woh sharma gai, jis se meri himmat kuch aur barh gai. maine us se kaha farah main tumse dosti karna chahta hoon aur tumse bohat pyar karta hoon lykin tumse kehny se darta tha k kaheen tum kisi ko bata na do. Usne sharma k moonh neechy kar lia aur kaha k main bhi tumse pyar karti hoon lykin kehny ki himmat nahi thi. Itna suna hi tha k maine usy bahon main le k seeny se laga lia, jab us k mammy (boobs) mere seeny se lagy to mera lun (lund, dick) lohay ki tarha sahat hogaya. maine us se kaha k mujhy tumhare mammy (boobs) bohat pasand hain to woh sharma gai. maine us k gulabhi honton per apny hont rakh diye aur kiss karny laga, lykin woh khamosh khari rahi.

Maine us se kaha k ab kion sharma rahi ho ab to hum dost hain aur phir usy kiss karny laga aur us k gulabi honton ko choosny laga. us k honton se jo gulabi rass nikal raha tha kia bataon main to jannat ki sair kar raha tha. uska narm narm roi jaisa jism meri bahon main tha, is k sath sath main aik hath se us k boobs ko bhi daba raha tha. maine zindgi main pehli baar kisi larki k boobs ko hath lagaya tha. main jab bhi us k boobs dabata to us k moonh se siskari nikal jati. main usy kiss kary karty bed per le gaya aur uski gardan choomny laga. is se woh machalny lagi to maine usy kameez utar di. neechy usne aik black colour ka brazier pehana hua tha. main usy boobs dekhny laga aur kuch hi dair main us k brazier ka hook khol k us k jisam se alehda kar dia. us k milk jaisy white boobs jo kafi big thy dekh k main
to byqaboo hogaay aur us k boobs ko masalny aur sehlany laga. Uski nipples ko dabaya to us k moonh se byikhtiar seeeee ki awaz nikal gai, main us k boobs ko choosny k liye bychain tha aur tabhi maine uski nipples ko moonh main le bachon ki tarha choosny lata to woh tarpny lagi aur mere sir ko zor se pakar k apny boobs main dabany lagi. maine bhi maza le raha tha.

Is k sath hi maine bhi apni shirt utar di aur dobara us k boobs ko chooseny (suck) karny laga aur doosry hath se uski shalwar aik hi jhatky main utar thi. usne neechy aik pink colour ka underwear pehna hua tha. shalwar main lastick hony ki wajha se foran utar gai aur wb woh mere samny sirf underwear bhi hi thi. mujse ab raha nahi ja raha tha maine uska underwear bhi aik hi jhatky main us k jism se alag kar dia. uski choti c gulabi choot (phudi) dekh k meri aankhain chamakny lagi aur mujhy nasha sa hony laga. jaisy hi maine uski choti see pink choot ko hath lagaya to us k jism
main current dorny laga aur woh aik dam machalny lai aur siskarian bharny lagi. main kuch dair tak usko masalta raha phir maine apny hont uski choot (phudi) k honton per rakh diye aur unhain choosny laga. pehly to mujhy bohat ajeeb sa zaiqa laga lykin baad main maza any laga aur maine apni zuban uski choot main dahal kar di jis se woh tarapny lagi. woh bohat garam ho chuki thi. maine apni pent aur underwear bhi utar dia, mera lund (dick, lora, lun) rod ki tarha khara tha. maine apna lund us k honton se touch kia aur usy woh usy moonh main le kar choosny lagi to woh aur sahat hogaya. maine saath saath us k boobs ko bhi daba raha tha jinse woh aur ziada garam hogai.

Ab mujhse bhi bardasht nahi ho raha tha. main uth kar uski tangon ki tarf aa k beth gaya aur uski tangon ko khol dia aur uski choot ko ungli (finger) se masalny laga aur apni aik finger uski choot main dahal kar di. uski choot kunwari hony ki wajha se bohat tight thi aur ungli bari mushkil se andar gai jis se woh uchal pari. maine kaha jaan thori se dard hogi bardasht kar lena us k bad maza ayega aur sath hi ungli
thori thori andar bahar karny laga. uski choot main chiknahat ki wajha se mushkil nahi ho rahi thi. ab maine uski tangon ko fold kar k us k kandhon k sath laga dia aur sath hi dressing table k daraz se vasline ki bottle nikali aur uski choot per malny laga aur thori c apny lund (dick, lund, cock) per bhi laga li aur lund uski choot per ragarny laga jis se woh machalny aur tarapny lagi.is k sath hi maine aik jhatka lagaya jis se mera lun 2 inch tak uski choot main chala gaya aur uski zordar cheekh nikal gai aur kehny lagi oi main mar gai, please isy bahar nikalo bohat dard ho raha hai.main kuch dair k liye ruk gaya kion k woh abhi bachi thi aur uski age sirf 18 saal thi. maine lund uski choot main hi rehny dia. mujhy aisa laga k jaisy
agy koi cheez ho, yeh uski choot ki seal hi thi aur woh uski choot ka parda tha jo mere lund ko andar jany se roak raha tha.maine aik zor ka jhatka mara aur mera lun uski choot k sary rasty kholta hua jar tak andar chala gaya.uski aik aur zordar cheekh nikli, woh rony lagi aur sir patakhny lagi. uski choot se khoon nilalny laga.maine us k honton per apny hont rakh diye aur choosny laga lykin koi herkat na ki.kuch dair k bad maine dekha k uska dard kuch kam hua to maine ahista ahista lund ko agy peechy karny laga. ab ziada mushkil nahi ho rahi thi aur usy bhi maza any laga tha.

Us k moonh se aaaaaaaaaaaaah aaaaaaah uuuuuuuffffffffff sssssssssss ki awazain nikalny aa rahi theen. woh mujhy kamar se pakar kar apni tarf khainch rahi thi aur keh rahi thi zor se chodo aur zor se phar do isy. main us k moonh se yeh sab sun k bohat khush hogaya aur josh main agaya aur zor se dhaky marny laga. usy aur mujhy dono ko hi bohat maza araha tha. takreeban 15 minutes k baad main uski choot main hi choot (farigh) hoga gaya aur us k sath hi woh bhi (choot) farigh hogai. main us k saath hi lait gaya aur hum kuch dair k liye aik doosry hi laity rahy. phir main usy dobara kiss karny laga, kuch dair k baad mera lund phir se khara hogaya aur woh bhi garam hogai aur dobara chudai k liye tyar thi. ab maine usy tangain (legs) utha k
apny kandhon (arms) pe rakhi aur apna lund uski choot main daal dia. is bar bhi usy thori thori dard hui lykin uski choot main chiknahat ki wajha se asani se uski choot main chala gaya tha. is bar main ziada or se dhaky (stocks) maar raha tha aur woh bhi kamar utha utha k ppora response de rahi thi. is bar 30 minutes main usy chodta raha aur kuch dair k baad hum ikathy ho choot (farigh) hogaye. hum kafi thak chuky thy. hum ikathy hi washroom main chaly gaye aur aik doosry ko soap laga k nehlaya aur wapis aa kar kapry pehnny lagy aur bar main aik doosry ko kiss karny lagy ab to
woh bhi kiss ka response de rahi thi. kuch dair k baad woh jany lagi to us se chala nahi ja raha tha bari mushkil se chal rahi thi aur woh mujhy kiss kar k chali gai. maine bed ki chadar badli jis pe uska khoob laga hua tha. woh kafi din humare ghar nahi ai but us k baad jab bhi woh hai aur mujhy moqa milta hai to main usy chodta hoon. is k baad maine aur bhi kafi larkion ko choda hai jis k bary main phir kabhi bataonga.

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