Jab Pahla Land Mari Chut Me Utra Tha – जब पहला लंड मेरी चूत में उतरा था "चुदाई की कहानियां"

मैंने शोर्ट मेंअपनी जिंदगी कीकुछ बातें नीचे लिखींहैं, मैं 23 सालकी औरत हूँ, 6 महीने कीशादीशुदा हूँ, चूतबहुत प्यासी हैक्यूंकि शादी सेपहले कई लंडथे, अब सिर्फएक है। शुरूसे ही मैंएक चालू लड़कीके तौर सेजानी जाती थी।
मर्दों की तो मर्द जाने ! एक औरत होने के नाते मेरी चूत तो गीली हो जाती है, पढ़ते- पढ़ते हाथ नाड़ा खोल कच्छी में चला जाता है, फिर दिल करता है कि रात को पतिदेव जल्दी घर आयें और मुझे चोदें। पर मेरे पति का लंड बहुत छोटा है सिर्फ 5 इंच का ! न ज्यादा मोटा है न ही वो ज्यादा वक़्त चोद पाते हैं। सौ बात की एक बात बात यह है कि मैं अपने पति से खुश नहीं हूँ, आजकल नया लंड ढूंढ रही हूँ। शादी को आज 6 महीने हो चुके हैं।

16 साल कीउम्र में पहलालंड मेरी चूतमें उतरा था।

मेरे चाचा केबेटे की शादीथी, पंजाब मेंशादी कई दिनपहले से शुरुहो जाती है।सर्दियों के दिनथे। उसके काफीदोस्त आये हुएथे, जिनके लिएभाई ने अलगइंतजाम किया था।वहीं दारु, खाना-पीना सबकुछ !मैंने जवानीमें नया-नयापैर रखा था, मेरा दाना कूदनेलगा था। ऊपरसे मेरी कंपनीभी अच्छी नहींथी। अपने सेबड़ी लड़कियों सेमेरी दोस्ती थीजिनके दो दोबॉयफ्रेंड थे औरचुदवाती भी थीं।वो भी रोज़शाम को हमारेघर ही आजाती थी। भाईके कई दोस्तहम तीनों परलाइन मारते थे।

एक मनीष नाम के लड़केने मुझे प्रपोज़कर दिया। मैंनेकोई जवाब नहींदिया, बस मुस्कुरादी। वो समझगया !

ऐसे ही वोदोनों सहेलियाँ तोमहान थीं, जहाँदोस्त ठहरे हुएथे, वहीं पहुँचगईं। पता नहींकितनों से चुदवायाहोगा।

शगुन की रातसे एक रातपहले सभी नाचरहे थे, लड़केअलग, लड़कियाँ अलग! नाचते-नाचते बहुत थकगई, पसीने सेकुर्ती भीग गई।मनीष की नज़र मेरेमम्मों पे थी, उसका ध्यान मुझपर ही था।मैं पानी पीनेके लिए नीचेगई, मनीष मेरे पीछेआ गया। सभीऊपर थे, उसनेमेरी बांह पकड़ली और मुझेअपने सीने सेलगा लिया। मैंपहली बार किसीलड़के के इतनाकरीब आई थी।मुझे कुछ कुछहोने लगा, शर्मसे मुखड़ा लालहो गया। उसनेमेरे गुलाबी होंठोंको चूम लिया, एक हाथ मेरीकुर्ती में डालमेरे मम्मे दबादिए।छोड़ो ! कोई आजाएगा !

उसने थोड़ी पीरखी थी, बोला- चलो, दूसरे घरचलतें हैं। सभीमस्त हैं ऊपर! किसी को ध्याननहीं है !

प्लीज़ छोड़ो !

उसने मुझे उठायाऔर स्टोर रूममें ले गया, कुण्डी लगा दीऔर पास मेंपड़ी रजाई परडाल मुझ परसवार हो गया।मेरी कुर्ती उतारदी, लाचा खोलदिया, मेरे मम्मेचूसने लगा। मैंपहली बार किसीलड़के के नीचेनंगी हुई थी।

उसने अपना लंडनिकाला और मेरेहाथ में देदिया- सहलाओ इसको!

प्लीज़ छोड़ दो! यह गलत है!

कुछ गलत नहींहै !

बाहर अचानक कोई चीज़गिरी तो हमअलग हुए। मैंनेकुर्ती डाली, लाचा बांधा।

उसने मुझे कसमदे दी किउस घर मेंजा रहा हूँ, वहाँ कोई नहींहै, तुझे आनाहोगा !

पहले वो धीरेसे निकला, फिरमैं !

मैंने ऊपर जाकरसब अपनी सहेलियोंको बताया। उन्होंनेमुझे कहा- तुझेजाना चाहिए! वोनाराज़ हो जाएगा! हम यहाँ देखलेंगी, कोई बातहुई तो संभाललेंगी।

मैं चुपके से उसघर चली गईजहाँ भाई नेसिर्फ दोस्तों केरुकने का इंतजामकिया हुआ था।जाते ही उसनेमुझे बाँहों मेंकस लिया, बिस्तरपर उसने मुझेनंगी कर दिया।सिर्फ पैंटी रहगई।

उसने एक-दोपेग और लगालिए थे। उसनेमेरे निपल चूसनेशुरु किये, वोमेरे विकसित होरहे अनारों कारस पीने लगा।उसने अपना लंडनिकाल कर मुझेपकड़ा दिया, मेरासर पकड़ अपनेलंड की ओरदबाया और अपनेलंड को मेरेमुँह में डालदिया।

मैं थोड़ा हैरानहुई !

उसने कहा- सेक्समें यह सबकरना पड़ता है! तेरा पति भीकरवाया करेगा !

मुझे उसका चूसनाअच्छा लगने लगा।उसने 69 में लाकरमेरी चूत परहोंठ रख दिएऔर मैं पागलहो गई। मैंजोर जोर सेउसके लंड कोचूसने लगी। मेरादिमाग घूम गया।उसकी जुबान मेरीचूत में हरक़तकरती तो मैंपगला जाती !

उसने मेरी दोनोंटाँगे चौड़ी करवाली और अपनालंड मेरी चूतपर टिकाते हुएरगड़ा तो मस्तीसे मेरी आंखेंबंद हो गई।लेकिन जैसे हीउसने झटका मारा, मानो मेरे गलेमें हड्डी फंसगई हो !

न चीख पारही थी। क्यूंकिदोनों होंठ उसनेअपने होंठों मेंले रखे थे।आँखों से आंसूनिकल आये लेकिनबेदर्दी ने अपनालंड जड़ तकपहुँचा कर छोड़ा! खून से सफ़ेदचादर पर दागपड़ चुके थे।जब उसके लंडने घिसना छुरुकिया तब जाकरमुझे राहत मिली।फिर तो मानोमुझे स्वर्ग दिखनेलगा। जब उसकोलगा कि मैंसेट हो चुकीहूँ तो उसनेमुझे ढीला छोड़दिया।

मैंने उसकी पीठपर नाख़ून गाड़दिए और औरगाण्ड उठा-उठाकर चुदवाने लगी।उसने भी पूरेदम से मुझेचोदा।

जैसे ही मेरापानी निकला, उसकेलंड ने भीअपना पानी छोड़दिया और दोरसों का मिलनहो गया। उसनेअपना लण्ड मेरीचूत में सेनिकाल मेरे मुँहमें घुसा दिया।मैंने उसे चाटकर साफ़ कियाऔर वो फ़िरमेरे अंगों सेखेलने लगा। उसनेपास पड़ी बोतलसे पेग बनायामआधा मुझे पिलादिया। इतना हीकाफी था मुझेघुमाने के लिए!

मैं भी उसकेलंड से खेलनेलगी, लण्ड दोबाराखड़ा होने लगातो मैंने चूसकर उसको पूराखड़ा कर दिया।उसने मुझे अपनेलंड पर बैठनेको कहा तोमैंने हाथ नीचेले जाकर ठिकानेपर सेट कियाऔर उसको अपनेअन्दर ले लिया।थोड़ी तकलीफ केबाद पूरा घुसगया। रात केतीन बज़े तकउधर संगीत चला, इधर चुदाई !

इतने में उसनेमुझे तीन बारचोदा, पहली चुदाईमें ही तीनबार चुदी।