पहला सेक्स का अनुभव ८

चाचा प्यार से मेरे गालों पर हाथ फेर कर बोले “ धात पगली बेटी, आज तक कोई लड़की कभी लंड के गुसने से मारी है क्या? अरे दुनिया की सभी लड़कियाँ चुत चुद़वति है. ऐसा होता तो सभी मार ना जाती. चल जल्दी से बेड पर लेट जा. अब रुका नही जा रह है. इक सेकेंड भी रुकना मुश्किल हो रहा है. चल मैं तेरी चुत मे लंड डाल डून.”
मई आराम से बेड पर लेट गयी और आपनी टाँगों को फैला दी. चाचा ने मेरे उपर आते हुए, आपने एक हाथ से मेरी चूची को पाकर लिया और आपना मूह मेरी चुत की तरफ ले गये. मैने आपनी आँखें बंद कर ली. चाचा ने आपने दूसरे हाथ की उंगलियों को मेरी चुत की दारद मे चलाया. मेरी चुत तो बहुत ही गीली हो गयी थी. फिर चाचा ने उंगलियों मे मेरी चुत के दाने को पाकर लिया और आपने मूह को मेरी चुत पर रख कर चूसना शुरू कर दिया और साथ ही एक हाथ से मेरी चूची और दूसरे हाथ से मेरी चुत के दाने को मसलने लगे.
मैं ज़ोर ज़ोर से आवाज़ निकालने लगी.”आआआआः चाचा मुझे छोड़ दो, अब बस करो ना बर्दाश्त नही हो रहा है.” चाचा बोले, “अभी तो कुछ किया ही नही, अभी तो असली खेल बाकी है.” कहते कहते उन्होने एक बार फिर मेरे चुत के उपर किस कर दिया. मैं बिस्तर से उपर उछाल गयी. चाचा बोल रहे थे, “कितने दीनो बाद देख रहा हू तेरा उँचुद़ा छूट. तू मुझे शादी के रात वाली तेरी मा की याद दिला रही है. वो भी ऐसे ही चुत का बाल सॉफ करके आई थी और उसका चुत भी तेरे जैसा ही था. मगर अभी बहुत छोटा छेद होगा तेरा. इसे थोड़ा चौड़ा कर्मा पड़ेगा.”
और चाचा बिस्तेर पर बैठ कर मेरी टाँगे चोदी कर के मेरी चुत मे उंगली डालने लगे. मैं वर्जिन थी ना तो मेरी चुत मैं दर्द होने लगा. चाचा की उंगली मेरी चुत मे आधी ही घुस रही थी और बड़ी टाइट चल रही थी. चाचा मेरी चुत मे उंगली डाल रहे थे और मुझे दर्द हो रहा था. फिर चाचा ने आपनी उंगली निकल ली और उसे चाटने लगे, “नीता तेरी चुत का रस तो बड़ा मीठा है रे.” मैने लाज़ के मारे उनके सीने मे आपना मूह चुपा लिया.
फिर उन्होने आपना मुँह मेरे चुत पर रख दिया और चुत का होंठ चूसने लगे. मेरे मुँह से बार बार चीख निकल रही थी. अगर मा ने नींद की गोली नही खा ली होती तो परॅलिसिस में भी दौड़ते उपर चली आती. चाचा मस्ती में मेरी चुत चाटने लगे. उन्हे मैं माना कर रही थी फिर भी चाचा ने आपनी दो उंगली मेरी चुत मे घुसा दी और और मैं फिर चीख पड़ी.
चाचा मेरे होठ चूसने लगे और उंगलियाँ अंदर बाहर करने लगे चाचा की दो दो उंगली अंदर बाहर होने से मुझे बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन थोड़ी देर बाद मुझे मज़ा आने लगा अब चाचा उठे और अलमारी से एक्सट्रा टाइम कॉंडम का डिब्बा निकल लाए और बोले, “आज रात को तुझे खूब चोदूँगा.” मैं हैरान हो गयी , चाचा तो शायद मेरा जनमदिन मानने की पहले से ही त्यारी किए बैठे थे. मैं मस्त थी और उनके लिए त्यआर थी.
और फिर चाचा ने मेरी टाँगे चोदी की और मेरी चुत पे तेल लगा दिया, बोले, “इस से मेरा लंड तेरे चुत मैं थोड़ा आसानी से चला जाएगा.” मैं दर्द के दर से और काँपने लगी. इच्छा हुवा की बिस्तर से उठ कर भाग जौ. पर मज़ाह इतना आ रहा था की बयान नही कर सकती, वैसे भी चाचा ने मुझे आपने नीचे ही दबा रखा था. फिर आपने लंड पे भी तेल लगा लिया और आपना लंड मेरी चुत के मुँह पे रख दिया. फिर धीरे से मेरी चुत मे धक्का दिया. लेकिन लंड अंदर नही गया तो चाचा ने मेरे होठ आपने मूह मे डाल लिए ताकि मेरी चीख ना निकले. और एक ज़ोर का धक्का मेरी चुत मे मारा. मैं चीख नही सकी और तड़प कर रह गयी चाचा का मोटा लंड 7इंच का था जो अब मेरे उँचुद़े चुत के अंदर था..
अभी उनका दो इंच लंड अंदर जा चुका था. अब वो थोड़ा थोड़ा उसे हिलने लगे. मेरा दर्द कुछ कम हुआ तो चाचा ने ज़ोर का धक्का मारा और पूरा लंड चुत को चीराता हुआ 5 इंच अंदर चला गया. मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मैं चाचा को धक्का देने लगी आपने उपर से हटाने के लिए. मैं तड़पने लगी तो चाचा वैसे ही रुक गये. मेरी चुत की सील टूट चुकी थी और थोड़ा सा खून मेरी चुत से निकल रहा था . लेकिन मुझे दिखाई नही दे रहा था, वो तो मुझे बाद मे पता चला.
कुछ देर बाद मे मेरा दर्द कम हुआ तो चाचा मुझे चोदने लगे अब मुझे भी थोड़ा थोड़ा मज़ा आने लगा और मैं ज़ोर ज़ोर से बोलने लगी, “ऊहोहूहूऊऊऊऊओोहोहोहोह पप्पपपप्पप्प्प्प्प्प्प्प धीरीईए चूऊऊऊदूऊऊऊऊऊवाहाहहहहहहहहः अहहहहहः पपपपपप ढीईरररेरेरेरेरर चूदोडोदोडोडू मररर्र्र्ररर गाआयईीईई ईईईईईईइइइईईईईईईईई ढीईईरएररर माआररर्र्र्र्र्र्र्र्रररीईरएरेर्रीर गाइिइइईईईईईईईईई” मैं चीखती रही और चाचा मुझे चोदते रहे.
और थोड़ी देर मे चाचा उठे और मेरे चूतड़ के नीचे दो तकिये रख दिए जिस से मेरी चुत अब एकदम उपर आ गयी. चाचा ने मेरी चुत के च्छेद पर थोड़ा सात एल लगाया जिस से मेरी चुत काफ़ी गीली हो गयी . और फिर चाचा ने मेरी दोनो टॅंगो को उपर की और मोड़ा और मेरी दोनो टाँगे आपने कंधे पर रख ली. इस आंगल मे मेरी चुत का मूह पूरा खुल गया और चुत का च्छेद बुल्कुल उपर की आयार चाचा के लंड के सूप़ड़े के बिल्कुल करीब आ गया. चाचा ने आपने लंड का सुपरा मेरी चुत के च्छेद के उपर रखा और प्यार से मेरी चूचियाँ सहलाते होये बोले “ बिटिया रानी अब टुजे जीवन का और जवानी का असली आनंद आएगा. बस अब जी भर कर माझा लो “. ये कहते हुए चाचा मेरे उप्पर आ गये और आपना लंड मेरे चुत मे एक ही धक्के में घुसा दिया. एक पल रुक कर ज़ोर का धक्का मररा जिस से मेरी चुत मे उनका 7इंच का लंड पूरा का पूरा घुस गया. मैं पूरी ताक़त से चिल्लाई, “मैं मार गायईयीईईईईईईईईईई. चाचा चूऊऊऊदूऊऊऊऊऊवाहाहहहहहहहहः अहहहहहः पपपपपप मुझे छोड़ दो.”
उन्होने एक ना सुनी और आपना लंड अंदर तेलते गये और लंड मेरी चुत मे घुस गया और सीधे मेरे अंतिम चोर से जाकर टकराया और मैं तड़प उठी, “आआईयईईईईईइइइइइइई मररर्ररर गाइिइईईईईयी धीरेरेरेरर ढेर्रेरेरेरईईईई दादालडोडोडूऊऊलूओल जन्न्ना आइइइइइई धृेरेरेरेर्रेर्रर.” चाचा फिर एक हाथ से मेरी चुचि दबाने लगे.
चाचा ने मेरी टाँगे उठा कर आपने कंधे पे रख ली और ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगे. और एकदम से मेरे पैरो को जो की उन्होने आपने कंधे पर रखे थे को उतार डियै और मेरी टॅंगो को आपनी कमर से लिपटा दिया. मेरी टाँगे चाचा की कमर पर बुरी तरह से कस गयी अब चाचा का लंड मेरी चुत से सिर्फ़ 2 इंच ही निकल रहा था और 5इंच लंड अंदर ही आप्पर नीचे हो रहा था.
मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मज़ा भी आ रहा था. मैं सिसकते सिसकते बोली, “चाचा बाहहहहहहहार निकल लो” चाचा बोले, “ अरे नीता बिटिया रानी, अभी तो मज़ा आने लगा है. कितने दीनो बाद एक कुँवारा उँचुद़ा चुत मिला है.” ज़ोर ज़ोर से धक्के देने लगे. मैं हर धक्के के साथ अहहहहहहहहह अहह कर रही थी क्योंकि हर बार उनका लंड मेरे बच्चेड़ानी के अंतिम चोर से टकरा रहा था और चाचा बहुत तेज तेज धक्के दे रहे थे.

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