प्रिया के ससुराल में मजे लिए

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमित है और में 26 साल का हूँ. मेरी हाईट 6 फुट है और मेरे लंड का साईज 7 इंच है. मेरी शादी प्रिया के साथ तय हुई है, जो बिल्कुल गोरी है और 36-30-36 का फिगर वाली है. मुझे प्रिया ने बताया था कि शादी से पहले मुझे उसके घर पर एक परीक्षा पास करनी पड़ेगी. हालाकिं मैंने शादी से पहले भी प्रिया को कई बार चोदा था, अपनी सारी इच्छाओं को पूरा करते हुए ब्लू फिल्म देखकर, दारू पीकर, अपने 4-5 दोस्तों के साथ मिलकर आदि, उसको भी इन सब तरीक़ो से चुदने में बहुत मज़ा आता था, लेकिन शादी से पहले मुझे एक परीक्षा उसके घर पर पास करनी पड़ेगी, यह सुनकर मुझे बड़ा अजीब लगा.
फिर कुछ दिनों पहले प्रिया के घरवालों ने मुझे बुलाया था कुछ प्रोग्राम था, जिसमें सिर्फ़ घर की औरतें ही रहती है. उस प्रोग्राम में उस दिन प्रिया, उसकी बहन शिवानी और स्वाती और उसकी माँ थी. फिर में वहां पहुंचा तब शाम के 7 बज रहे थे, मुझे बैठाया गया और फिर नाश्ता ले कर आए, फिर इधर उधर की बातें करने के बाद मुझे बताया गया कि उनके खानदान की एक परंपरा है जो लड़की शादी करके उनके परिवार में आती है, उसको पहले घर के सारे मर्दो से चुदवाना होता है, उसके बाद ही वो अपने पति से चुदवा सकती है और जो लड़का घर की बेटी से शादी करने वाला होता है, उसको भी पहले घर की सारी औरतों की भूख मिटानी होती है अगर वो ऐसा कर सका, तभी उसको लड़की की चूत मिलती है. जैसे ही मैंने यह सुना तो मेरा दिमाग़ काम करना बंद हो गया और में कुछ सोच समझ ही नहीं पाया.
फिर 2 मिनिट के बाद जब दिमाग़ काम करना शुरू हुआ, तो मेरी आँखों के सामने स्वाती, शिवानी, प्रिया की माँ सबका नंगा शरीर घूम रहा था. अब इन सबके बारे में जल्दी से बता दूँ कि स्वाती की उम्र 22 साल है, फिगर 34-28-34, शिवानी 24 साल की है, फिगर 34-38-36, माँ 49 साल की है, फिगर 38-34-40 है. फिर मुझे चुप देखकर माँ ने पूछा कि क्या हुआ? शक़ हो रहा है क्या इतनी स्त्रियों को देखकर? चलो कोई बात नहीं, में सिर्फ़ देखूँगी कि तुम हमारी बेटी को खुश रख पाओंगे कि नहीं, लेकिन तुम्हें बाकी दोनों को (स्वाती और शिवानी) को तो चोदना पड़ेगा.
फिर मैंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, में बस यह शर्त रखना चाहता हूँ कि में चोदूंगा सबको, लेकिन अपने तरीके से, फिर मुझे बीच में कोई रोक टोक नहीं चाहिए, मेरी बात सुनकर सब लोग एक दूसरे की शक्ल देखने लगे. फिर माँ बोली कि ठीक है, जैसा तुम चाहो वैसे चोदो, बस इतना ध्यान रखना की स्वाती और शिवानी, दोनों वर्जिन है और तब मैंने कहा कि पहले आप सब लोग बिल्कुल नंगे हो जाओ.
फिर सबने तुरंत अपने कपड़े ऊतार दिए, अपने सामने इतनी नंगी औरतों को देखकर मेरा दिमाग़ खराब हो गया. सबकी चूत पर झाटें थी. वो में देखकर और पागल हो रहा था, मेरा अंदर का जानवर जाग रहा था और मेरा लंड आधा खड़ा हो चुका था. फिर मैंने तुरंत सबसे छोटी स्वाती को अपने पास बुलाया और अपने कपड़े ऊतार कर उसको घुटनों पर बैठाकर अपना लंड उसके मुँह में दे दिया, उसने लंड मुँह में लेने से इनकार किया तो मैंने ज़ोर से थप्पड़ मार दिया. इस पर माँ ने कहा कि यह क्या कर रहे हो?
मैंने कहा कि मेरा चुदाई करने का यही तरीका है, आप लोग सिर्फ़ देखिये और अपनी चूत में उंगली डालते रहिए. मेरा 7 इंच मोटा लंड मुँह में लेकर स्वाती की गांड फट गयी, वो लगभग रोने लगी थी, लेकिन मैंने अपना लंड उसके मुँह से नहीं निकाला, जब उससे नहीं रहा गया तो उसने मुझे पीछे धक्का मार दिया.
उसी समय मैंने उसके खुले हुए मुँह में किस कर दिया. फिर उसको धक्का मारकर पलट दिया और उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और इसके पहले कि वो कुछ समझ पाती, मैंने एक ही झटके में अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया. साली सही में वर्जिन थी, लंड घुसते ही ज़ोर से चिल्लाई मादरचोद, तेरी माँ की चूत, कुत्ता साला, माँ चोद दी तूने भोसड़ी के, ऐसी गालियां सुनकर मुझे और मज़ा आने लगा और तेज़ी से उसके बाल पकड़कर उसको थप्पड़ मारते हुए चोदने लगा.
फिर 3-4 मिनट ही चुदाई हुई होगी कि उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और वो ढेर हो गयी. मेरा लंड तो अब गर्म होना शुरू हुआ था, उसकी चूत के पानी से, वो भीगा हुआ था. मैंने फिर देखा तो बिना बुलाए शिवानी आगे आ गई और खुद कुत्तिया की स्टाइल में तैयार होकर बोली मेरी गांड मार, में अपनी चूत कई बार चुदवा चुकी हूँ, उसकी चूत देखकर पता चल गया था कि वो सच कह रही है.
फिर मैंने उसकी गांड के छेद पर थूक डालकर अपना अंगूठा उसमें घुसाया तो वो चिल्ला पड़ी, ओह बहनचोद. फिर मैंने तुरंत अपना लंड उसके मुँह में देना चाहा तो वो लेने से इनक़ार करने लगी कि उस पर स्वाती की चूत का पानी है, लेकिन मैंने ज़बरदस्ती उसके मुँह में लंड घुसा दिया. काफ़ी देर तक चूसने के बाद मैंने उसकी गांड पर अपना लंड लगाया और इसके पहले कि वो कुछ कहे या समझे मैंने धक्का मार दिया, तो मेरा लंड वो संभाल ना सकी और नीचे गिर पड़ी, लेकिन में जानवर कहाँ रुकने वाला था? मैंने बेरहमी से उसकी चुदाई शुरू कर दी, वो ज़ोर-ज़ोर से रोने चिल्लाने लगी.
फिर कुछ 4-5 मिनट चुदवाने के बाद शिवानी की चूत ने भी पानी छोड़ दिया और वो बेहोश हो कर गिर पड़ी. इस समय मेरा माँ की शक्ल देखने का मन हुआ, लेकिन मुझे उनके चेहरे पर डर की बजाए चुदासपन दिख रहा था. में समझ गया कि यह रंडियो का खानदान है जहाँ फ्री सेक्स का माहौल है, में भी खुश हो गया.
अब माँ उठ कर आ गयी और बोली तेरे जैसा जानवर तो मैंने कभी नहीं देखा है, तेरे लंड से इतनी चूत चुदवाने के बावजूद तू लंड से भी जानवर है और फ़ितरत से भी. आ देखते है तू मेरा क्या हाल बनाता है? इस पर मैंने कहा कि आपके लिए तो ख़ास चुदाई है, जैसे आपने कभी भी नहीं की होगी.
यह कहकर में लेट गया और उनको अपने मुँह पर बैठा लिया और चूत से निकले पानी और झांटो की मिली जुली गंध से में पागल हो गया था. मुझ पर शैतान सवार हो गया था यह सोचकर कि इतनी उम्र की गोरी गदराई औरत नंगी मेरे मुँह पर अपनी चूत रगड़ रही है और मुझसे चुदने के लिए बेकरार है, में उनकी चूत चाट रहा था और वो आआअहह मादरचोद, तेरी माँ की चूत, रंडी की औलाद, साला भोसड़ी का, बहनचोद, ऊहह ऊहह में मर गयी, मेरी चूत से पानी निकल जायेगा कहकर चिल्लाती रही, आख़री में उनसे कंट्रोल नहीं हुआ और वो मेरे मुँह पर झड़ गयी और उसी के साथ मेरे मुँह में मूत दिया.
अब वो उठी तो तुरंत मैंने धक्का मारकर उनको लेटा दिया और अपना लंड उनके मुँह में देकर उनका मुँह चोदने लगा. पहले तो वो मजे से अपने सारे अनुभव का फायदा उठाकर चूसती रही, लेकिन जब मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी और लगातार चोदने लगा, तो वो तड़पने लगी और मुँह से लंड निकालने की कोशिश करने लगी, लेकिन ना निकाल पाई. आख़िर बहुत देर तक चोदने के बाद में उनके मुँह में झड़ गया और उस समय मेरा जितना वीर्य निकला था, वो देखकर में भी पागल हो गया था.
फिर 5 मिनट का ब्रेक हुआ, उसके बाद फिर मेरा लंड अपने आप खड़ा होने लगा. मैंने माँ को लेटाया और उनकी चूत और गांड दोनों चाटने लगा, उनकी गांड सूंघकर मेरा लंड बहुत तेज़ी से साँप की तरह फनफना कर खड़ा हो गया और काफ़ी देर चाटने के बाद में खुद लेट गया और उनसे अपनी गांड चटवाई. वो भी रंडी की तरह बड़े शौक से मेरी गांड के छेद में अपनी जीभ घुसाकर चाट रही थी. फिर मैंने उनके बूब्स को दबाया और उसको बहुत देर तक चूसा और वो मेरा लंड सहलाती रही.
जब दोनों बिल्कुल तैयार हो गये तो मैंने उनको पीठ के बल लेटाया और उनके ऊपर चढ़ गया. एक झटके में सरसराते हुए पूरा लंड उनकी चूत में घुस गया. फिर बहुत देर तक धक्के लगाने लगा और बहुत तेज़ी से लगाता रहा. इतनी तेज़ी से मैंने स्वाती या शिवानी दोनों में से किसी को नहीं चोदा था जितनी तेज़ी से माँ चुद रही थी.
फिर करीब 12-15 मिनट की चुदाई के बाद मैंने उनको उठाया और कहा कि कुत्तिया वाली पोज़िशन में तैयार हो जाओ, वो उत्तेजित होकर तैयार हो गयी. फिर मैंने बिना थूक के उनकी गांड की छेद पर अपने लंड को लगाया और धक्के मारना शुरू हो गया. फिर एक हाथ से बाल और दूसरे से बूब्स पकड़कर, मैंने माँ को बिल्कुल सड़क की रंडी बना कर चोदा. वो भी बिल्कुल रंडी के रोल में आ चुकी थी और गंदी गंदी गालीयां दे रही थी, ओह मादरचोद, ऊऊऊऊओह, आराम से कुत्ते, ऐसा तो मेरे पति ने, ससुर ने, बेटे ने, जीजा ने, पड़ोसी ने, किसी माँ के लोड़े ने कभी नहीं चोदा.
किसी का लंड ऐसा ताक़त वाला नहीं था, तू साला पक्का बचपन से ही अपनी माँ चोदता होगा, तेरी हवस से तेरी कोई बहन बच नहीं पाई होगी, तू बहनचोद बहुत बहुत रंडीबाज है, माँ चोद देता है तू चुदाई करने में, आआआअहह, आआररराम से चोद भोसड़ी के रांड की पैदाइश, जितना वो गाली दे रही थी, उतना में और भड़क रहा था और चोद रहा था.
फिर 10-12 मिनट की ऐसी चुदाई के बाद जब मुझे लगा कि वो आधे होश में ही रह गयी है, इसके साथ ही मैंने अपनी स्पीड बहुत तेज़ कर दी और फ़च फ़च की आवाज़ से उनकी चूत चोदने लगा, जिसके साथ ही अगले 2-3 मिनट बाद में भी माँ की चूत में ही झड़ गया. उसके बाद हम लोग उठे और माँ ने मेरा लंड चूसकर साफ किया और इस पूरी सेक्स सेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हो रही थी. फिर इस सेक्स परीक्षा के बाद मुझे प्रिया से शादी करने की इजाजत मिल गई और में इस हवस के भूखे परिवार का एक हिस्सा बन गया.