चुदक्कर भाग – ७

मैंने सुरी को फ़ोन लगाया-“यार सुरी, एक लड़की है, बहुत मस्त। उसको सिर्फ़ एक बार के लिए बुक कर दो आज-कल में। नहीं-नहीं घंटा वाला नहीं, फ़ुल टाईम। हाँ दिन में भी (और मैंने सानिया से इशारे से पूछा, और वो हाँ की) कर सकते हो। पर उसको मर्द थोड़ा सही देना। बच्ची है। हाँ, अपनी ही समझो, घर की बच्ची है, जरा मस्ती के मूड में है। अरे यार सुरी, नहीं, मैं तो ठीक है पर उसका मन जरा पैसा कमाने का है। नहीं बस एक बार अभी। ठीक है, तुम फ़ोटो ले लो एक उसकी, किधर हो? वाह, फ़िर आ जाओ मेरे घर मैं हूँ, ओके।”
मैंने अब सानिया से कहा कि सुरी इसी इलाके में है, अभी आ कर तुम्हारी फ़ोटो ले लेगा, फ़िर एक दो दिन में कोई फ़िक्स कर देगा। पर त्म एक बार सोच लो। सानिया बोली-“अभी करीब एक वीक हैं ना अम्मी को आने में तब तक तो हो जायेगा ना एक दिन कोई?” मैं उसकी बेताबी देख हैरान था। करीब आधे घन्टे बाद सुरी आ गया। मैंने सानिया को बुलाया। सुरी उसकी सुन्दरता पर दंग था। एक पल के लिए तो सन्न था सानिया के मक्खन बदन से नजर ना हट रही थी साले भरवे की। सानिया सर नीचे करके खड़ी थी सामने। मैंने ही रुम की शान्ति भंग की-“यही लड़की है सुरी, कब तक सेट कर दोगे। मेरे घर तीन दिन है (मैंने झूठ कहा, ताकि जल्दी काम हो), जिसमें एक दिन तुम इसको ले जा सकते हो।” सुरी बोला (उसकी आवाज हल्का सा लड़की जैसा लगता था) -“अरे सर, ऐसी चीज के लिए तो लाईन लगा दुँगा। एकदम फ़्रेश दिख रही है, कहाँ से लाये सर?”
उसके आवाज में शरारत थी। मैंने कहा-“अरे कहा ना घर की लड़की है। यार हमेशा दुसरे की बेटी चोदता हूँ तो फ़र्ज बनता है कि अपने घर से भी थोड़ा कन्ट्रीब्युट कर दूँ दुनिया के लिए।” मैं अपनी ही बात पर हँस दिया। वो बोला-“हाँ सर हम लोग तो धर्म का काम करते हैं, लड़का को लड़की से मिला देते हैं और लड़की को पैसे दिला देते हैं, दोनों खुश और हम भी खुश।” हम दोनों हँस दिए। सानिया बोली-“मैं पानी लाती हूँ।” और चली गई। शायद उसको शर्म आ रही थी अब। मैंने सुरी को बता दिया कि सानिया को मैं रोज चोद रहा हूँ, जब से वो शुरु हुई है, और अब वही चाहती है कि थोड़ा टेस्ट बदल कर देखे और पैसा भी कमा ले। मैंने कहा कि तब मुझे सुरी की याद आई कि क्यों न सुरी भी थोड़ा कमा ले, वर्ना जब लड़की का मन हो गया तो उसको चोदने वाले बहुत मिल जाएँगे।
सुरी मेरा अहसान माना, और बोला-“सर अगर यह वीक में एक बार भी आए ना तो मेरा २५००० पक्का हो जायेगा। तभी सानिया पानी ले कर आ गई। सुरी ने उपर से नीचे तक उसको घुरा फ़िर उसके चारों तरफ़ घुम कर उसको सब तरफ़ से देखा, बोला-“बहुत सही चीज खोजे सर आप”, इसके एक रात की बुकिंग १०००० की करुँगा कम से कम”। फ़िर सानिया से बोला-“क्यों ठीक है, १०००० तुम्को मिल जायेगा, पर एक बार मेरे साथ करना पड़ेगा फ़्री, मेरा कमीशन यही होगा पहली बार का। उसके बाद तुम्को जो मिलेगा उस्का २०% मेरा, और मेरे लिए ५०० पर शौट। मंजूर है तो बोलो” सुरी थोड़ा भारी बदन का था, और ऐसे तो कोई सेक्सी लड़की उससे नहीं चुदाती, पक्का। सानिया को यह सब समझ नहीं आया ठीक से, तो वो मुझे देखी। मैंने कहा, “अरे बेटी, सब ठीक है, पहली बार करा लो, फ़िर बाद का बाद में सोच लेना। आगे तो तुम्हारी मर्जी है।” सानिया ने हाँ कर दी। सुरी ने उसको टौप और पैन्ट खोलने को कहा, और फ़िर ब्रा पैन्टी में उसकी अपने मोबाईल में ३-४ फ़ोटो खींचा, फ़िर चला गया। सानिया कपड़े पहनने लगी तो मैंने कहा-“क्यों अब सिर्फ़ १०००० देने वाले से ही चुदाओगी क्या, फ़िर मेरा क्या होगा?” बच्ची शर्मा गई, और मैं उसको अपने बाहों में उठा कर बेड्रुम में आ गया। आगे की बात आप को पता है, कि क्या हुआ होगा उस माल के साथ जब मेरे जैसा चुदक्कड़ हरामी बिस्तर पर हो तो।
अगले दिन सुबह ८ बजे सुरी का फ़ोन आया-“सर, आज १० बजे उसको तैयार रहने बोलिए, कल सुबह को फ़्री होगी वो। बहुत किस्मत से मेरे एक क्लाईंट का फ़ोन आया अभी। पाकिस्तानी हैं, अबुधाबी में रहते हैं। बाप-बेटा हैं पर एक साथ ही लड़की चोदते हैं जब मेरे से लड़की बुलाते हैं। पुरी दुनिया में बिजनेस है उनका। जहाँ जाते हैं पहले एक दिन सिर्फ़ वहाँ की लोकल लड़की चोदते हैं। पैसा बहुत देते हैं सर। उसको २०००० में बुक किया है, आज दिन और फ़िर रात के लिए। लकी हैं, ये माल। पहली बार हीं बुड्ढ़ा और जवान दोनो मिल जायेगा उसको।” सानिया तब बाथरुम में थी। मैंने जब उसको बताया तो वो बहुत खुश हुई। मैंने कहा-“मुझे ट्रीट देना पड़ेगा”, तो वो जवाब में बोली-“रोज तो आपको टीट(चुची) देती हूँ, अभी ट्रीट बाकी है क्या?” सानिया ने शब्दों से अच्छा खेला था। फ़िर मेरे औफ़िस जाते समय वो भी साथ हीं घर से निकली। रास्ते में मैंने सुरी को फ़ोन किया कि कहाँ सानिया को मैं छोड़ूँ, सुरी ने सानिया को एक चौराहे पर छोड़ने को कहा कि वो खुद सानिया को पिक कर के होटल ले जायेगा। सुरी हम लोग का वहाँ इंतजार कर रहा था। मैंने सानिया को “बेस्ट औफ़ लक” किया और औफ़िस के लिए निकल गया।
मेरे दोस्त की बेटी सनिया खान एक टीपिकल मुस्लिम लड़की बनी हुई थी। आज उसने सफ़ेद जौर्जेट का हल्का कामदार सल्वार सुट पहना था और हरे दुपट्टे को सर पर से ओढ़ा था। उसका गोरा चेहरा सुर्ख हो कर दमक रहा था। पुरे कौन्फ़िडेन्स के साथ वो मुझे बाय की और सुरी की गाड़ी में बैठ गई। सुरी ने कहा-“सर सुबह को आठ बजे तक इसकी बुकिंग है, फ़िर एक-सवा घन्टा मैं इसके साथ लुँगा और करीब दस बजे तक मैं इसको आपके घर के पास छोड़ दुँगा।”
इसके आगे की बात सानिया की जुबानी मैं बताउँगा, क्योंकि जब वो लौटी तो अगले एक दिन वो मेरे से नहीं चुदाई और इस दौरान उसने जो बताया वही मैं लिख रहा हूँ। उसने तीन बार नोट-बुक को पढ़ा और फ़िर जब अपनी कहानी से संतुष्ट हो गयी तब खुश हो गयी कि अब वो भी कहानी लिख सकती है।
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