माँ चुदी मेरे फेसबुक फ्रेंड से

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विक्रम है, मेरी इस साईट पर ये पहली और सच्ची कहानी है जो मेरे साथ हुई। में एक सामान्य परिवार से हूँ और फरीदाबाद में रहता हूँ। मेरे घर में में, मम्मी, पापा है और पापा का आपना काम है और में कभी पापा के साथ काम पर तो कभी मस्ती करना बस यही मेरा काम है। मेरी माँ हाउस वाईफ है। दोस्तों ये कहानी मेरी माँ की है, मेरी माँ का नाम सपना है और उनकी उम्र 48 साल है, फिगर साईज 36-34-38 है। अब में आपको ज़्यादा बोर ना करते हुए सीधा कहानी पर आता हूँ, ये कहानी मेरी माँ और मेरे फेसबुक फ्रेंड की है, मेरी माँ इस कहानी से पहले एक नॉर्मल हाउस वाईफ थी।
दोस्तों ये कहानी 3 महीने पहले की है और करीब 3 महीने पहले में अपने एक फेसबुक फ्रेंड को अपने घर लेकर आया था और उसे अपने माँ पापा से मिलाया था। वो हमारे घर से करीब 5 किलोमीटर दूर का ही था और अब हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती हो गयी और उसका मेरे घर आना जाना हो गया। अब वो कभी-कभी मेरे ना होने पर भी मेरे घर आने लग गया था और कभी मेरी माँ उसे मार्केट में मिलती तो वो माँ की मदद भी कर देता था। अब धीरे-धीरे वो माँ के बहुत नजदीक हो गया और माँ ने अपना फोन नम्बर भी उसे दे दिया था, ये सब मुझको मेरे उस दोस्त ने बाद में बताया था इसलिए पता है।
फिर एक दिन वो मेरे घर आ गया और उस समय माँ घर पर अकेली थी और मेरी माँ घर का काम कर रही थी। फिर माँ ने दरवाजा खोला तो सामने मेरा दोस्त राहुल था। फिर माँ ने बोला कि अरे राहुल अंदर आओ, फिर वो अंदर आ गया, अब माँ पूरी गीली थी और नाइटी में थी। अब वो माँ को देखता ही रह गया, फिर माँ बोली कि तुम इस टाईम कैसे आए? तो उसने बोला कि ऐसे ही आंटी आपसे मिलने का मन किया तो आ गया, आप घर का काम कर रहे हो में कुछ मदद करा दूँ। माँ ने कहा कि नहीं, सब काम ख़त्म हो गया है बस में तो अब नहाने जा रही हूँ तो राहुल ने मजाक में बोला कोई नहीं में नहला दूँ, वो ऐसे छोटे मज़ाक पहले भी मेरी माँ से कर लेता था। माँ ने बोला तुम बैठो में नहाकर आती हूँ, फिर तुम्हारे लिए चाय बनाती हूँ, फिर वो बोला अच्छा आंटी। फिर माँ अपने रूम में जाकर कपड़े लेकर जल्दी-जल्दी नहाने के लिए बाथरूम में चली गयी।
अब मेरा दोस्त बाथरूम के पास ही जा कर खड़ा हो गया कि शायद कुछ दिख जाए, लेकिन उसे कुछ नहीं दिखा, वहाँ ऐसी कोई जगह थी ही नहीं। फिर जब उसे लगा कि माँ नहा ली, तो वो भागकर वापस अपनी जगह पर बैठ गया और फिर थोड़ी देर में माँ की आवाज़ आई कि राहुल सुन ज़रा, फिर राहुल बाथरूम के पास गया और बोला हाँ आंटी तो माँ ने कहा कि में जल्दी-जल्दी में अपना टावल लाना भूल गयी हूँ, टावल उनके बेड पर रह गया है लाकर दे दे। फिर राहुल माँ के बेड से टावल लेकर आ गया और माँ को आवाज़ दी कि आंटी लो टावल। फिर मेरी माँ ने हल्का सा बाथरूम का दरवाजा खोला और हाथ आगे किया और हल्का सा चेहरा बाहर किया तो राहुल ने माँ को टावल दे दिया, लेकिन उसने हाथ पकड़ लिया और हल्के से खींच दिया, जिससे माँ थोड़ी सी आगे आ गयी और माँ के नंगे बूब्स दिख गये। फिर माँ गुस्से में बोली कि राहुल ये क्या है? तो राहुल ने हल्का सा हँसकर बोला आंटी में मज़ाक कर रहा था। फिर माँ दरवाजा बंद करके कपड़े पहन कर बाहर आ गयी और रूम में चली गयी, फिर माँ 5 मिनट के बाद बाहर आई, तो राहुल चुपचाप बैठा था।
फिर माँ ने राहुल से बोला कि चाय पीनी है, तो राहुल ने हाँ कर दिया। फिर माँ किचन में चली गयी और चाय बनाने लगी। फिर राहुल भी किचन में आया और मेरी माँ से सॉरी बोला तो माँ ने हल्की सी स्माइल देते हुए कहा कि कोई बात नहीं। इस बात से जैसे राहुल की हिम्मत बढ़ गयी और फिर वो बोला वैसे आंटी एक बात बोलूं, तो माँ बोली बोलो। वो बोला कि आपके बूब्स बहुत अच्छे है पीने का मन कर रहा था, तो माँ ने गुस्से में उसे डांटा और घर से निकाल दिया। फिर राहुल थोड़ी देर तक बाहर ही खड़ा रहा और बेल बजाई, लेकिन माँ ने दरवाजा नहीं खोला। फिर राहुल ने माँ के फोन पर कॉल किया तो माँ ने फोन रिसीव नहीं किया। फिर राहुल जाने के लिए जैसे ही मुड़ा तो उसे दरवाजा खुलने की आवाज़ आई।
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