मथुरा की चुदासी औरत की चूत की प्यास

नमस्कार दोस्तो, मैं राहुल सिंह आगरा से हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर लगभग सारी कहानियां पढ़ी हैं। मैं आपको अपनी एक कहानी बताता हूँ। यह मेरी सच्ची कहानी है।
मैं एक दिन फेसबुक पर था.. तभी मेरे पास एक लड़की की ‘फ्रेण्ड रिक्वेस्ट’ आई। मैंने तुरंत स्वीकार कर ली।
उधर से उसका मैसेज आया ‘हैलो..’
मैंने भी जबाब दिया- हाय..
तब उसने अपना नाम पूजा बताया, वो एक 30 साल की शादीशुदा औरत थी।
उसने बताया- मैं मथुरा से हूँ.. मेरे पति आर्मी में है। मुझे आपकी सहायता चाहिए आप एक कॉल बॉय हो क्या? आप मेरे साथ सेक्स कर सकते हो।
मैंने कहा- ठीक है.. मैं आ जाऊँगा.. कहाँ आना है?
उसने कहा- मेरे घर पर आना है।
मैंने उससे पूछा- आपके कोई बच्चा नहीं है क्या.. आप अकेली रहती हो?
तो उसने बताया- मेरी एक बेटी है और वो अभी मेरे माँ-पापा के साथ अपने ननिहाल में है और कल मेरे सास-ससुर अपने गाँव जाने वाले है। आपको कल ही आना होगा।
मैंने कहा- ठीक है.. आ जाऊँगा।
फिर उसने मुझसे मेरा नंबर लिया और अपना नंबर मुझे दिया। मैंने उसे अपनी फीस बताई..
सुबह 10:30 पर उसका कॉल आया। उसने कहा- मैंने आपके अकाउंट में पैसे डाल दिए हैं.. और आप आज शाम 5 बजे तक आ जाना।
मैंने अपना अकाउंट चैक किया.. पैसे आ गए थे। मैं शाम 3:30 को अपने घर से मथुरा के लिए निकल गया। आगरा से मथुरा एक घंटे का रास्ता है। मुझे 4:40 शाम को बस ने मथुरा उतार दिया।
मैंने बस स्टैंड से उसे फ़ोन किया।
उसने कहा- आप वहीं रुकिए.. मैं आती हूँ।
दस मिनट बाद एक औरत एक्टिवा पर वहाँ आई। एक्टिवा रोक कर उसने मुझे कॉल किया। मैं समझ गया कि पूजा यही है। मैं उसके पास गया.. मैंने बताया- मैं ही राहुल हूँ।
वो जीन्स और शर्ट पहने हुई थी.. वो ज्यादा सुन्दर तो नहीं थी.. लेकिन उसका शरीर बहुत ही कामुक था। मैं उसकी एक्टिवा पर बैठ गया और हम वहाँ से चल दिए और थोड़ी देर में उसके घर पहुँच गए। उसने चाभी निकाल कर अपने घर का ताला खोला। उसने मुझे अपने बैठक में बिठाया और मेरे लिए कोल्डड्रिंक लेकर आई.. मैंने कोल्डड्रिंक पी।
फिर उसने कहा- पहले आप नहा लो।
उसने मुझे बाथरूम दिखाया.. मैं थोड़ी ही देर में नहा कर आ गया। फिर वो भी नहाने चली गई और नहाने के बाद आकर मेरे पास बैठ गई। थोड़ी देर उसने इधर-उधर की बात की, फिर उसने मुझसे कहा- चलो पहले एक राउंड खेल लेते हैं फिर खाना खाएंगे।
वो मेरा हाथ पकड़ कर बैडरूम की तरफ ले गई। बैडरूम में पहुँचते ही उसने मुझे बेड पर चित्त लिटा दिया। मेरे पैन्ट को खोल कर उतार दिया। फिर चड्डी के ऊपर से लण्ड को दबाने लगी। उसने चड्डी भी उतार दी और मेरे लण्ड को सहलाने लगी। लौड़ा सहलाते-सहलाते वो मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी। मेरा लण्ड 6 इंच लंबा और 2 इंच से थोड़ा ज्यादा मोटा है…
थोड़ी देर लण्ड चूसने के बाद वो मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे होंठों को अपने होंठों में भर कर चूसने लगी। कभी वो अपने दोनों होंठों से मेरे ऊपर वाले होंठ को पकड़ कर चूसती.. तो कभी नीचे वाले को.. कभी-कभी तो वो मेरी जीभ को पकड़ कर चूसने लगती।
फिर उसने मेरी शर्ट भी उतार दी। अब मैं उसके सामने पूरा नंगा था। एक ही झटके में मैंने उसे पलट दिया। अब वो मेरे नीचे और मैं उसके ऊपर था। मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और उसके होंठों को चूसने लगा। मैं कभी उसके होंठ.. तो कभी उसकी जीभ को चूसता। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। कुछ ही पलों में मैंने उसकी जीन्स उतार दी और उसकी शर्ट भी उतार फेंकी।
अब वो ब्रा और पैंटी में थी। मैं एक हाथ से उसकी ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूचियां दबा रहा था। इधर एक हाथ से पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को दबा रहा था।
फिर मैंने उसकी पैंटी और ब्रा को भी उतार दिया। अब वो मेरे सामने एकदम नंगी पड़ी थी। उसकी चूत एकदम साफ़ थी.. शायद आज सुबह ही साफ़ की होगी।
वो कहने लगी- राहुल मेरी चूत और दूध को चूस-चूस कर.. आज इनका सारा रस निकाल दो ना..
मैं अब अपने दोनों हाथों से उसके बूब्स को दबा रहा था, वो ‘आहें’ भर रही थी ‘आआह्ह्ह.. ओफ़्फ़्फ़.. राहुल ह्म्म्म.. ऊऊ ह्म्म्म्म..’
अब मैं उसके मम्मों को मुँह में लेकर चूस रहा था और मेरा लण्ड उसकी चूत से टकरा रहा था। थोड़ी देर तक उसके मम्मों को चूसने के बाद मैं उसकी टाँगों के बीच में आ गया था और अब मैं उसकी चूत पर अपना मुँह लगा कर उसकी चूत को चूसने लगा।
वो अपनी चूत फैला कर सिसियाने लगी- आह्ह्हझह.. आआह्ह्ह्ह हाँ राहुल.. चूसो आआअह.. बहुत मज़ा आ रहा है.. चूसो.. खा जाओ इसको.. आज इसकी खुजली मिटा दो राहुल.. छोड़ना मत इसको.. पूरी खा लो..
पूजा ने अपने दोनों हाथों से मेरे सर को अपनी चूत में दबा लिया था। वो बहुत गरम हो गई थी। मैंने भी देर न करते हुए अपना लण्ड उसकी चूत के मुँह पर लगा कर एक ही झटके में अपना पूरा लण्ड उसकी चूत की गहराइयों में उतार दिया और उसकी चूत की चोदने लगा। इधर मैं अपने लण्ड से उसकी चूत को चोद रहा था और ऊपर उसके मम्मों को मुँह में लेकर चूस रहा था।
वो चिल्लाने लगी- आअह्ह्ह.. अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह्ह… ह्म्म्म्म.. राहुल और जोर से.. और जोर से.. आह्ह्ह.. मैं आ रही हूँ.. राहुल फाड़ दो मेरी चूत.. फाड़ दो.. आज इसको.. आआअह्हह..
और मैंने भी 5 या 6 झटके जोर-जोर से मारे और मैं और वो.. एक साथ झड़ गए।
मैं उसकी चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही पड़ा रहा। करीब 5 मिनट के बाद उसने मुझे हटने को कहा। वो उठ कर बाथरूम में गई… मैं भी उसके पीछे बाथरूम में पहुँच गया। वो पेशाब कर रही थी.. मैं भी पेशाब करने लगा। मैंने पानी से उसकी चूत धोई और उसने मेरा लण्ड धोया।
फिर उसने एक गाऊन पहन लिया और मैंने एक लोअर और एक शर्ट। उसने फ़ोन से खाने आर्डर किया और हम टीवी देखने लगे।
वो मुझसे कह रही थी- राहुल तुम बहुत अच्छा चोदते हो.. मुझे बहुत मज़ा आया। लगभग 20 मिनट बाद दरवाजे पर दस्तक हुई.. वो खाने वाला था। पूजा जाकर उससे खाना लेकर आई और हम दोनों बिस्तर पर बैठ कर ही खाना खाने लगे।
अब रात के 10:30 बज रहे थे। हम 11 बजे तक खाना खाकर फ्री हो गए थे।
पूजा ने टीवी बंद कर दिया और कहने लगी- राहुल चुदाई का खेल चालू करते हैं।
मैंने भी ‘हाँ’ में सर हिलाया। फिर मैंने उसका गाऊन उतार दिया और उसने मेरा लोअर और शर्ट उतार दी। अब हम दोनों बेड पर नंगे थे। मैंने उसे बेड पर लिटा लिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा। मैं अपनी दो उंगली से उसकी चूत को चोद रहा था.. वो ‘आहें’ भर रही थी। फिर मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ को डाल दिया और चाटने लगा। वो मजे से ‘आहें..’ भर रही थी और मैं लगातार उसकी चूत को ‘चपर.. चपर..’ चाट रहा था।
वो ‘आईईईई.. आइ..ई.. उईईईई..’ कर रही थी.. और चूतड़ों को हवा में उठाते हुए जोर-जोर से अपनी चूत चटवा रही थी। उनसे मेरे सर को चूत पर जोर से दबा रखा था।
फिर वो अकड़ गई और झड़ गई.. बोली- आह्ह.. बस करो अब.. मुझे चोदो..
मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और उसकी टाँगों को अपने कंधे पर रख लिया। फिर उसकी चूत का निशाना साध कर लंड को छेद में ‘सट..’ से घुसा दिया।
उसने थोड़ा सा ‘उई..माँ..’ किया और पूरा लंड चूत में समा गया।
अब मैंने हौले-हौले धक्के लगाने चालू कर दिए थे। उसे मजा आने लगा और वो नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी।
कुछ देर चुदने के बाद उसने मुझे धक्का देकर नीचे गिरा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गई.. मेरे खड़े लंड को अपनी चूत में घुसा लिया और वो जोर-जोर से चुदने लगी, उसे बहुत मजा आ रहा था ‘वूऊऊऊओ.. आईह… अईए.. उईई.. आईईई.. चोद साले.. हईईईईए..’
वो चुदास में सीत्कारें निकाल रही थी और चूत को लौड़े पर पटकते हुए जोर-जोर से चुद रही थी.. साथ ही मुझे गन्दी-गन्दी गालियां भी बक रही थी।
मैंने भी नीचे से अपने लंड की रफ़्तार तेज कर रखी थी। वो ऐसा करते-करते झड़ गई और मेरे ऊपर गिर गई। मैं उसके मम्मों को लगातार दबा रहा था और चूस रहा था।
मैंने उसकी चूत पर फिर से जीभ को काम पर लगा दिया। उसकी चूत से निकला हुआ पानी अभी भी उसकी जाँघों में लग कर नीचे गिर रहा था। मैंने उसे अपनी जीभ से साफ़ किया और फिर से उसकी चूत चाटने लगा।
अब वो फिर से जोश में आ गई थी। मैं उसकी चूत के दाने को बार-बार अपने होंठों में दबा कर काट लेता.. जिससे वो ‘उईईए..’ करने लगती।
जैसे-जैसे मैं उसकी चूत को चाटता.. वो मस्ती भरी सिसकारी लेने लगती और मेरे सर को पकड़ कर अपने चूत में सटा लेती। अब हम दोनों 69 में हो गए.. वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी और मैं उसकी चूत को..
जैसे ही मैं उसकी चूत में जीभ अन्दर करता.. वो मेरे लंड को जोर से काट लेती.. ऐसा लगता था कि जैसे खा जाएगी।
थोड़ी देर बाद वो कहने लगी- बस करो.. अब आओ.. चोदो मुझे..
अब वो गाण्ड मेरी तरफ करके बिस्तर पर कुतिया की तरह हो गई। मैं समझ गया.. मैंने पीछे से अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया और धक्के लगाने लगा।
वो ‘उईईए.. आईईई.. हईईईई..’ करने लगी और अपनी चूत मेरे लंड पर जोर-जोर से मारने लगी।
अब हम दोनों बिस्तर से नीचे आ गए। मैंने उसकी एक टांग को बिस्तर पर टिका दिया और एक नीचे ही रहने दी। फिर मैंने उसके पीछे खड़े होकर उसकी चूत में लंड पेल दिया और उसे ‘हचक’ कर चोदने लगा।
वो बहुत मज़े से चुदवा रही थी और ‘आहें’ भर रही थी। मैं पीछे से लंड उसकी चूत पर ‘दे दनादन’ लौड़े को पेल रहा था। मैं कभी-कभी उसकी मोटी-मोटी चूचियाँ भी मसल देता और चूस भी लेता.. जिससे वो और भी मजे लेते हुए चुद रही थी।
मैं भी नीचे खड़ा होकर उसे चोदने लगा वो मजे से ‘आईईईए.. उईईई.. हाय.. हाय..’ करती जा रही थी।
अब मैं उसे गोद में उठा कर चोदने लगा। फिर मैंने उसे बिस्तर पर पटक दिया और उसकी टाँगें ऊपर कर दीं और उसकी चूत में लण्ड पेल दिया और जोर-जोर से उसे पेलने लगा। उसकी चूत से ‘फच.. फच..’ की आवाजें आ रही थीं और वो नीचे से कमर हिलाए जा रही थी। ‘जोर-जोर से चोदो..’
अब लग रहा था कि मैं भी झड़ जाऊँगा.. मैंने भी अपने धक्के तेज कर दिए और नीचे से पूजा भी जोर-जोर से धक्के देने लगी।
उसने एकाएक मुझे अपने बाँहों में जोर से जकड़ लिया और वो झड़ने लगी। मैंने भी आखिरी में जोर-जोर के धक्के मारे और झड़ गया।
हम दोनों ही लेट गए। एक घंटे बाद पूजा बोली- अबकी बार मेरी गांड मारना।
मैंने कहा- जैसी आपकी इच्छा।
उसने मेरा लण्ड मुँह में लिया और चूसने लगी। थोड़ी ही देर लण्ड तन कर खड़ा हो गया। पूजा ने ढेर सारा तेल मेरे लंड पर लगा दिया और अपनी गाण्ड पर भी तेल लगा लिया। पहले मे उसकी गांड के छेद में उंगली डाल कर अन्दर-बाहर करने लगा। फिर मैंने उसकी गांड के छेद पर लण्ड को सैट करके एक धक्का मारा.. तो मेरे लण्ड का आगे का हिस्सा.. जिसे टोपा कहते हैं.. वही गया.. तो वो चिल्लाने लगी ‘आअह ह्हह.. आअह्ह ह्हह्हह.. दर्द हो रहा है!’
फिर मैंने उसकी कमर पकड़कर एक जोर का धक्का मारा तो मेरा पूरा लण्ड उसकी गांड में घुस गया। अब वो कूद-कूद कर उछल-उछल कर अपनी गाण्ड मेरे लंड पर मार रही थी.. उसके धक्कों से मेरी भी ‘आह..’ निकली जा रही थी।
करीब दस मिनट तक उसकी गाण्ड मारने के बाद.. वो झड़ गई और मैं भी साथ ही झड़ गया। हम दोनों नंगे ही एक-दूसरे से लिपट कर सो गए।
सुबह 7 बजे मेरी आँख खुली तो देखा वो मुझसे लिपट कर सोई हुई है। मैंने उसे जगाया फिर हम दोनों बाथरूम साथ गए। बाथरूम से आकर मैंने अपने कपड़े पहने और उसने भी अपने कपड़े पहने। फिर मैंने उससे कहा- अब मैं जा रहा हूँ।
तो उसने मुझे बाकी के पैसे दिए और मुझे किस किया।
फिर मैं वहाँ से निकल आया और बस पकड़ कर सीधे अपने घर आ गया।
जब भी उसका चुदने का मन होता है.. तो वो मुझे कॉल करके बुला लेती है।
आपको मेरी कहानी कैसी लगी। कमेन्ट करके मुझे जरूर बताना।
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