पैसों के लिए बहिन बनी रंडी

हैल्लो फ्रेंड्स, कैसे हो आप सब? में आपकी सेवा में मेरी बहन की एक कहानी लेकर हाज़िर हुआ हूँ. ये कहानी पढ़कर सभी लंड में से पानी निकलेगा और सभी की चूत गीली हो जाएगी. में आपको मेरी बहन के बारे में बताता हूँ, मेरी बहन का नाम संजना है, उसकी उम्र 25 साल है, रंग गोरा और फिगर साईज 36-32-38 है, उसकी सबसे अच्छी बात उसकी गांड है, जब वो अपनी गांड मटका कर चलती है तो सभी के लंड खड़े हो जाते है, मेरा भी लंड उसकी गांड देखकर खड़ा हो जाता है. अब में सीधा स्टोरी पर आता हूँ.
मुझे जुआ खेलने का बहुत शौक था, में अक्सर क्लब में जुआ खेलने जाता था. एक दिन जब में क्लब में जुआ खेल रहा था, तब में बहुत पैसे जीत रहा था. फिर में जाने लगा तो एक आदमी मेरे पास आया और कहा कि चलो मेरे साथ एक गेम खेलो, मैंने उससे नहीं कहा तो वो बोला डर गया क्या? तो मैंने जोश में आकर उसको हाँ कह दिया.
मैंने कहा कि हम एक ही गेम खेलेंगे, तो उसने कहा ठीक है तो फिर उसने पत्ते बाटें. में फिर से जीत गया, में आज 50 हज़ार जीत चुका था, तो में पैसे लेकर जाने लगा तो उसने मुझसे कहा एक और गेम खेलते है. फिर उसने 2 लाख रूपयें निकाले और कहा कि एक ही गेम में सारे पैसे लगाते है, तो मैंने कहा मेरे पास इतने पैसे नहीं है, तो उसने कहा कोई बात नहीं, अगर हार गया तो बाकी के पैसे बाद में दे देना.
मैंने कहा ठीक है फिर मैंने पत्ते बाटें, मुझे आज अपनी किस्मत पर पूरा भरोसा था, इसलिए मैंने खेलने के लिए हाँ कह दिया, लेकिन फिर में हार गया. अब वो मुझसे पैसे माँगने लगा, उसने अपना नाम शेज़ाद बताया, उसने कहा कल के कल मेरे पैसे मिलने चाहिए वरना देख तेरे साथ क्या क्या होता है? उसने मुझे धमकी दी तो में बहुत डर गया, में 2 लाख रूपयें कहाँ से लाऊंगा. फिर में घर वापस आया तो में पूरी रात सो नहीं पाया, अगली सुबह 10 बजे मेरी घर की बेल बजी, तो मैंने मेरी बहन से दरवाजा खोलने को बोला.
उसने दरवाजा खोला तो बहन ने कहा कि भैया आप से कोई मिलने आया है. में बाहर आया तो वहाँ शेज़ाद और उसके साथ दो और आदमी थे, फिर वो अंदर आ गये और सोफे पर बैठ गये. में उनको देखकर बहुत ही डर गया था, उस वक़्त घर में मेरी बहन और में ही था, मेरे मम्मी और पापा ऑफिस गये हुए थे. मैंने देखा कि शेज़ाद मेरी बहन को देखे जा रहा था. फिर मैंने मेरी बहन को अंदर जाने को बोला तो शेज़ाद बोला अरे यार पानी तो पिला दो, तो मैंने संजना को पानी लाने को कहा. फिर संजना जैसे ही पानी लेने किचन की तरफ गई तो मैंने देखा कि शेज़ाद मेरी बहन संजना की गांड को देखे जा रहा था.
फिर संजना पानी लेकर आई और मैंने उसको अंदर जाने को बोला, शेज़ाद मेरी बहन की गांड को देखे ही जा रहा था. फिर मेरी बहन के अंदर जाने के बाद मैंने शेज़ाद से कहा कि प्लीज बाहर चलकर बात करते है, तो उसने कहा कि ठीक है. फिर हम बाहर गये, तभी शेज़ाद ने मेरी शर्ट का कॉलर पकड़ा और कहा कि मेरे पैसे कहाँ है, तो मैंने कहा शेज़ाद भाई प्लीज़ और थोड़ा टाईम दे दो में आपके पूरे पैसे दे दूँगा.
उसने कहा और कितने दिन चाहिए और मुझे थप्पड़ मारने लग गया, फिर मैंने कहा प्लीज भाई थोड़ा टाईम दे दो में आपके पैसे दे दूँगा. में आपके लिए कुछ भी करूँगा. फिर शेज़ाद ने थोड़ा सोचा और कहा कुछ भी करेगा, तो मैंने कहा हाँ भाई कुछ भी करूँगा. तो शेज़ाद ने कहा कि वो लड़की तेरी बहन है ना, तो मैंने कहा हाँ, तो शेज़ाद बोला कि एक रात के लिए मुझे तेरी बहन चाहिए. तो मुझे गुस्सा आ गया और उसकी शर्ट का कॉलर पकड़कर उसको गालियाँ दी और कहा कि वो मेरी बहन है. फिर शेज़ाद के साथ जो लोग आए थे उन लोंगो ने मुझे पकड़ लिया और बहुत मारा, फिर शेज़ाद बोला देख साले आज रात तक का टाईम देता हूँ सोच ले, में बहुत डर गया था मुझे रातभर नींद नहीं आई और कैसे शेज़ाद के पैसे लौटाऊँ सोचने लग गया.
फिर करीब रात के 2 बजे शेज़ाद का फोन आया मैंने कॉल रिसीव किया, तो शेज़ाद बोला कि क्या सोचा? मैंने कहा शेज़ाद भाई प्लीज़ ऐसा मत करो वो मेरी बहन है. फिर शेज़ाद को गुस्सा आया और बोला देख बे अगर तुझे ऐसा नहीं करना है तो सुबह तक मेरे पैसे वापस मिलने चाहिए, वरना तेरा हाल बहुत बुरा होगा. देख एक रात के लिए तेरी बहन को भेज दे या सारे पैसे चुका दे, नहीं तो तेरी और तेरे घर की बदनामी होगी. में बहुत डर गया और कहा कि ठीक है भाई मुझे मंजूर है.
शेज़ाद बहुत खुश हुआ और कहा कि फिर कल मिलते है. तेरी बहन को कल 4 बजे लेकर आना, फिर मैंने कहा ठीक है भाई. फिर अगली सुबह उठकर में सोचने लगा कि संजना को कैसे बाहर लेकर जाऊं. फिर दोपहर को खाना खाकर मैंने संजना को कहा कि चल शाम को मॉल घूमने चलते है तो संजना बोली कि ठीक है.
फिर हम शाम 4 बजे मॉल जाने के लिए निकले. संजना ने उस दिन एक टाईट जीन्स और टॉप पहना था, हम जैसे ही रोड़ पर आए वैसे ही शेज़ाद कार लेकर हमारे सामने आ गया. फिर शेज़ाद कार से उतरा और मुझसे पूछा कि कहाँ जा रहा है, तो मैंने कहा हम मॉल घूमने जा रहे है तो वो बोला चल में तुम लोंगो को छोड़ देता हूँ. फिर मैंने मेरी बहन संजना की तरफ देखा तो संजना ने कहा हाँ चलो भैया चलते है. फिर मैंने कहा ओके तो जैसे ही हम कार की तरफ बड़े और अंदर बैठने लगे तो देखा कि कार में दो आदमी और है, मैंने शेज़ाद की तरफ देखा तो वो थोड़ा मुस्काराया में समझ गया कि आज मेरी बहन ग्रूप में चुदने वाली है. फिर में आगे बैठा शेज़ाद और संजना पीछे बैठ गये. मुझे बहुत डर लग रहा था और मेरी दिल की धड़कन बहुत तेज हो रही थी, आज मेरी बहन 3 लोगों के साथ चुदने वाली है, वो कैसे उसको चोदेंगे?
फिर कार चल पड़ी और में देख रहा था कि मेरी बहन को देखकर सब अपनी लाल टपका रहे थे, सबकी आँखो में हवस नज़र आ रही थी और में बहुत डर रहा था. फिर मैंने अचानक देखा तो बाहर रोड़ पर लडकियाँ मेकअप करके खड़ी थी. मैंने गौर से देखा कि कार कमाठीपुरा में जा रही थी, मैंने तुरंत शेज़ाद की और देखा तो उसने थोड़ा स्माइल किया.
मैंने कहा शेज़ाद भाई थोड़ी बात करनी है, तो शेज़ाद बोला कि बोल और फिर मैंने कहा कि अकेले में बात करनी है तो उन्होंने कार रोक दी. फिर में और शेज़ाद थोड़ी दूर पैदल चलकर गये. फिर मैंने शेज़ाद भाई से कहा भाई मेरी बहन के साथ ऐसा मत करो, तो शेज़ाद बोला क्या नहीं करूँ? मैंने कहा आपने तो कहा था आप ही मेरी बहन को चोदेगे, प्लीज उसको रंडी मत बनाओ. में शेज़ाद के पैरो में गिरकर माफी माँगने लगा, लेकिन शेज़ाद हंसने लगा और कहा साले भोसड़ी के ये सब तुझे जुआ खेलने से पहले सोचना था.
फिर मैंने कहा भाई प्लीज़ में आपके सारे पैसे लौटा दूँगा मेरी बहन को छोड़ दो, उसे रांड मत बनाओ. तो शेज़ाद बोला हरामी तू पैसे कैसे लौटायेगा? देख तेरी बहन क्या मस्त माल है? देख तो रंडी की गांड कैसी है? साले वो कमायेगी तो तेरा ही फायदा है साली इतना कमायेगी कि तुझे कुछ करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी. चल अब नाटक मत कर नहीं तो तेरी बहन को यही नंगा करूँगा और रास्ते पर ही चोद दूँगा. फिर तो तेरी बहन फ्री में चुदवायेगी. में चुपचाप उठा और फिर हम कार में बैठकर जाने लगे. थोड़ी दूर जाने के बाद कार एक बिल्डिंग के सामने आकर रुकी. फिर हम सब उतर गये, जब मेरी बहन कार से उतर गयी तब उसने पूछा कि ये तुम कहाँ लेकर आए हो, कार की खिड़की बंद थी इसलिए मेरी बहन को पता नहीं चला था कि हम कहाँ जा रहे थे. फिर मेरे आस पास देखा तो वो समझ गयी थी की हम कहाँ आ गये थे.
फिर वो वहाँ से भागने लगी तो शेज़ाद ने अपने दो साथियों से कहा पकड़ साली को तो उन्होंने मेरी बहन को पकड़ लिया और शेज़ाद मेरी बहन के पास गया. फिर उसने मेरी बहन की गांड पर हाथ फेरा और थोड़ी सी गांड दबाकर बोला कि कहाँ भाग रही हो जानेमन, क्या मस्त गांड है तेरी? तुझे आज जन्नत की सेर कराने लाया हूँ. मेरी बहन रोने लगी और उसने कहा कि भैया मुझे बचाओ, तो मैंने अपनी नज़रे नीचे कर दी, में मेरी बहन से नज़र नहीं मिला पा रहा था.
तब शेज़ाद हंसने लगा और बोला तुझे वो क्या बचायेगा? तुझे यहाँ मुझसे चुदवाने के लिए वही तो लेकर आया है, आज तू एक रांड बनने वाली है. ये सुनकर मेरी बहन और रोने लगी, तो शेज़ाद बोला कि मत रो मेरी रंडी, अपनी जवानी के मजे ले. आज तेरा भाई तेरा दलाल बन गया है. फिर हम मेरी बहन को लेकर ऊपर चले गये. वहाँ एक आंटी आई उसने शेज़ाद को बैठने को बोला और फिर शेज़ाद बोला देख आज तेरे लिए क्या माल लाया हूँ? साली आज तेरे कोठे की शान बन जायेगी, हम एक हॉल में बैठे हुए थे वहाँ एक पलंग था.
फिर उन लोगों ने मेरी बहन को पलंग पर पटक दिया. मेरी बहन पलंग पर बैठकर रोने लगी, प्लीज मुझे जाने दो, मेरे साथ ऐसा मत करो. फिर वहाँ सब लोग हंसने लगे.
फिर शेज़ाद मुझसे बोला कि चल अपनी बहन को नंगा कर देखूं तो तेरी छिनाल बहन नंगी कैसी लगती है. में चुपचाप बेड के पास गया और मेरी बहन का टॉप उतारने लगा तो मेरी बहन मेरा विरोध करने लगी. फिर में मेरी बहन का टॉप जबरदस्ती निकालने की कोशिश करने लगा, लेकिन निकाल नहीं पाया. तभी शेज़ाद को गुस्सा आया, उसने आवाज लगाई और 3 लोग वहाँ से आए, उसने उन लोगों से कहा कि साली को पकड़कर खड़ा करो. फिर उन लोगों ने मेरी बहन को पकड़ के खड़ा किया और फिर मुझसे बोला चल अपनी बहन को अब नंगा कर. में मेरी बहन की तरफ बढ़ा, मेरी बहन उन लोगों से अपने आपको उनके हाथों से छुड़ाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उन लोगों ने मेरी बहन को ज़ोर से पकड़ रखा था.
फिर में अपनी बहन के पास गया और मैंने अपनी बहन का टॉप ऊतार दिया. मेरी बहन ने लाल कलर की ब्रा पहनी हुई थी. मेरी बहन के बूब्स देखकर सब हवस से भरी नज़रों से उसे देखने लगे. तभी वहां एक दलाल बोला वाह साली के क्या बूब्स है? तो शेज़ाद बोला अरे यार तेरी बहन के बूब्स कितने बड़े है, इतने शानदार बूब्स क्यों छुपा के रखे थे? देख तो कैसे आज़ाद होने के लिए तड़प रहे. फिर शेज़ाद बोला इसकी ब्रा को जल्दी उतार और पूरे बूब्स को देखने दे.
मैंने उसकी ब्रा खींचकर निकाल दी, जैसे ही ब्रा नीचे ऊतर गयी तो मेरी बहन के बूब्स एक स्प्रिंग की तरह निकल आए, सब मेरी बहन के बूब्स को देख रहे थे. मेरी बहन को जिन लोगों ने पकड़ रखा था, वो मेरी बहन के बूब्स पर हाथ फेरने लगे और कहा शेज़ाद भाई साली के बूब्स कितने मुलायम है. फिर शेज़ाद बोला चल अब अपनी बहन की जीन्स उतार और इस रंडी की चूत के दर्शन करा दे.
फिर मैंने धीरे-धीरे मेरी बहन की जीन्स के बटन खोल दिए. जैसे ही में अपनी बहन की जीन्स की चैन नीचे करने लगा तो शेज़ाद बोला कि रुक हाथ से नहीं अपने मुँह से चैन खोल. फिर में नीचे अपने घुटनों के बल बैठ गया और अपने मुँह से मेरी बहन की जीन्स की चैन पकड़ी और खोलने लग गया, जैसे ही मैंने मेरी बहन की चैन खोली तो उसकी चूत की स्मेल से में उत्तेजित हो गया. फिर मैंने थोड़ा मेरी बहन की चूत को किस किया तो मेरा लंड खड़ा होने लगा था.
शेज़ाद बोला कि देख रंडी तेरा भाई भी तेरी चूत का दीवाना हो गया. ये सुनकर मुझे थोड़ी शर्म आई. फिर में उठा और मेरी बहन की जीन्स निकाल दी, मेरी बहन ने लाल कलर की पेंटी पहनी थी, मेरी बहन पेंटी में क्या कयामत लग रही थी? फिर धीरे- धीरे मुझे भी अपनी बहन को नंगा करने में मज़ा आने लगा और मेरी बहन को सिर्फ़ पेंटी में देख वहाँ के सारे मर्द अपने लंड पर हाथ फेरने लगे. तो मेरा भी लंड पेंट के बाहर आने के लिए तैयार था, शेज़ाद ने शायद ये देख लिया था तो उसने कहा कि सब लोग देखो तो कैसे अपनी बहन को नंगा देखकर इसका भी लंड खड़ा हो गया, तो वो सब लोग मेरे लंड की और देखने लगे.
फिर शेज़ाद बोला क्यों भडवे अपनी बहन को नंगा करने में कैसा लगा? तो में बोला बहुत मज़ा आया भाई. तो शेजाद बोला तेरी बहन है ही इतनी अच्छी माल कि बुड्डे का भी लंड खड़ा हो जायेगा. चल अब अपनी बहन की चूत दिखा. फिर मैंने अपनी बहन की पेंटी को नीचे घुटनो तक ऊतार दिया और कहा कि देखो मेरी बहन की चिकनी चूत कैसी लगी?
सब लोग बोले मस्त है यार तेरी बहन की चूत. फिर शेज़ाद उठा और मेरी बहन को उठाकर बेड पर फेंक दिया और उसको चूमने लगा, मेरी बहन उसका विरोध कर रही थी, लेकिन कुछ कर नहीं पाई. शेज़ाद मेरी बहन के बदन को किस कर रहा था और उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था, उसके निपल्स को काट रहा था, फिर चूस रहा था, वो एक जानवर की तरह मेरी बहन के हर अंग के साथ खेल रहा था, मेरी बहन चिल्ला रही थी प्लीज छोड़ो जाने दो, आह्ह्ह आहह ऊहह आअहह.
फिर शेज़ाद ने एक उंगली मेरी बहन की चूत में डाल दी, और जैसे ही उंगली चूत में अंदर गयी तो मेरी बहन ज़ोर से चिल्ला उठी आआआआहह. फिर शेज़ाद मेरी बहन की चूत को चाटने लगा, मेरी बहन अब गर्म हो चुकी थी, उसका चिल्लाना बंद हो गया था. फिर वो सिसकारियां भरने लगी.. आह्ह्ह्हह ऊहह.
फिर थोड़ी देर तक मेरी बहन की चूत को चाटने के बाद शेज़ाद उठ गया और नंगा हो गया और मेरी बहन को बोला ले छिनाल चल चूस मेरा लंड, तो मेरी बहन चुपचाप शेज़ाद का लंड चूसने लगी. मेरी बहन मस्त होकर शेज़ाद का लंड चूस रही थी तो शेज़ाद बोला देख तेरी बहन क्या मस्त मेरा लंड चूस रही है? एकदम रंडी की तरह साली को लंड बहुत पसंद है.
फिर शेज़ाद ने मेरी बहन की दोनों टाँगे फैलाई और अपना लंड मेरी बहन की चूत पर रखा और ज़ोर से मेरी बहन की चूत में अपना लंड डाल दिया, जैसे ही लंड अंदर गया मेरी बहन चिल्ला उठी आहाआहह. फिर शेज़ाद ने और ज़ोर से मेरी बहन की चूत में अपना लंड डाल दिया, तो शेज़ाद का पूरा लंड मेरी बहन की चूत में चला गया. मेरी बहन दर्द के कारण तड़प रही थी, लेकिन शेज़ाद को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, मेरी बहन की चिल्लाने की आवाज़ सुनकर में बहुत डर गया.
मैंने शेज़ाद भाई से कहा प्लीज धीरे-धीरे से चोदो भाई, उसकी चूत में दर्द हो रहा है, तो शेज़ाद गुस्से में बोला चुप बे साले भडवे, बहन के दलाल, ये मेरी रंडी है, में जैसे चाहूँगा वैसे करूँगा, तू बीच में बोलने वाला कौन होता है और वो मेरी बहन को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगा, मेरी बहन के आँखो से आसूं निकलने लगे थे. फिर में चुपचाप खड़ा होकर मेरी बहन को चुदते हुए देखने लगा. मेरी बहन दर्द के मारे चिल्ला रही थी प्लीज धीरे करो अया हाह्ह्ह्हह आआहह में मर गयी. लेकिन शेज़ाद कहाँ सुनने वाला था, वो मेरी बहन की चूत चोदे जा रहा था, फिर करीब एक घंटे तक चोदने के बाद उसने मेरी बहन की चूत में अपना पानी छोड़ दिया और मेरी बहन के बदन पर गिर गया.
फिर थोड़ी देर के बाद वो मेरी बहन के बदन से उठा तो देखा कि मेरी बहन की चूत एकदम लाल हो गयी थी, उसकी चूत से खून निकल रहा था. फिर शेज़ाद बोला कि जाओ इसको साफ़ करके ले आओ, फिर वहां की दो रंडिया मेरी बहन को बाथरूम में ले गयी और उसकी चूत साफ करके वापस ही नंगी ले आई और बेड पर बैठा दिया.
शेज़ाद ने वहां की एक रंडी को अपना लंड चुसाया तो फिर से उसका लंड खड़ा हो गया. फिर उसने मुझसे कहा कि चल अपनी बहन को कुत्तिया की तरह बैठा और उसकी गांड चाटने लग जा, में अब इसकी गांड मारूँगा. मैंने कहा प्लीज़ शेज़ाद भाई आज मत करो मेरी बहन थक गयी है कल चोद लेना, तो शेज़ाद ने मुझे ज़ोर से थप्पड़ मारा और कहा साले हरामी रंडी की औलाद जो कह रहा हूँ वो कर. फिर उसने अपने आदमी से कहा साले का मुँह इसकी बहन की गांड में डालो तो दो आदमी उठे और मेरे मुँह को मेरी बहन की गांड में घुसा दिया और ना चाटते हुए मुझे मेरी बहन की गांड को चाटना पड़ा, मेरी बहन कराह रही थी. फिर करीब 10 मिनट तक गांड चाटने के बाद शेज़ाद बोला चल बाजू में हट, तो में हट गया.
फिर उसने कहा चल अपनी बहन की गांड फैला और मेरा लंड पकड़कर अपनी बहन की गांड में डाल दे. फिर मैंने मेरी बहन की गांड फैलाई और एक हाथ से शेज़ाद का लंड पकड़ा और मेरी बहन की गांड के होल पर रख दिया. फिर वैसे ही शेज़ाद ने ज़ोरदार धक्का मारा और पूरा लंड मेरी बहन की गांड में डाल दिया, मेरी बहन को इतना ज़ोर से दर्द हुआ कि वो बेड पर गिर गयी.
शेज़ाद ने मेरी बहन की कमर को पकड़ा और उसको कुतिया बनाकर उसकी गांड चोदने लगा. मेरी बहन ज़ोर-ज़ोर से चिल्ला रही थी लेकिन शेज़ाद मेरी बहन की गांड मारे जा रहा था. फिर शेज़ाद अपने एक आदमी से बोला कि साली के मुँह में लंड डाल. तो बिना टाईम लगाये वो नंगा हो गया और मेरी बहन के मुँह में अपना लंड डाल दिया, अब वो दोनों मेरी बहन को चोद रहे थे.
फिर करीब 45 मिनट तक मेरी बहन की गांड मारने के बाद उसने अपना पानी मेरी बहन की गांड में डाल दिया, जो आदमी मेरी बहन का मुँह चोद रहा था, उसने अपना पानी मेरी बहन के मुँह में डाल दिया और ना चाहते हुए भी मेरी बहन को उसका पानी पीना पड़ा. फिर जैसे ही वो दोनों हट गये, मेरी बहन बेड पर गिर गयी, मेरी बहन इतनी ज़बरदस्ती चुदाई के बाद थक गयी थी. फिर शेज़ाद अपने बाकी 5 साथियों को बोला अब तुम मजे कर लो, फिर मेरी बहन रोने लगी कि प्लीज़ अभी नहीं, में बहुत थक गयी हूँ. लेकिन उन आदमीयों ने मेरी बहन की कुछ ना सुनी और जल्दी से नंगे हो गये और मेरी बहन पर जानवरों की तरह टूट पड़े. कोई उसकी चूत चाट रहा था, कोई उसके बूब्स, तो कोई उसकी गांड चाट रहा था, पांचो आदमी मेरी बहन के बदन से खेल रहे थे. फिर एक आदमी ने मेरी बहन की चूत में अपना लंड डाल दिया और उसको चोदने लगा, दूसरे ने मेरी बहन के मुँह में अपना लंड डाल दिया और बाकी के लोगों ने मेरी बहन के हाथ में लंड दिए और मेरी बहन के बदन से खेलने लगे.
फिर पहले आदमी का होने के बाद दूसरा आदमी उसकी चूत चोदने लगा, फिर तीसरा, ऐसे करके पांचो ने मेरी बहन की चूत मारी. फिर थोड़ी देर रुकने के बाद सबके लंड फिर से खड़े हो गये, फिर मेरी बहन की चूत और गांड में एक साथ लंड डाल दिए और चोदने लग गये, मेरी बहन दर्द के मारे चिल्ला रही थी, वो सब मेरी बहन को और ज़ोर-जोर से चोद रहे थे. शाम के 5 बजे से 8 बजे तक मेरी बहन की लगातार चुदाई हुई. उसके बाद शेजाद ने हमें घर छोड़ दिया और मेरी बहन और में उसे एक हादसा समझकर भूल गये.
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