तड़पती प्यासी चूत और पती का छोटा लण्ड

XXदोस्तो, मेरा नाम रूची है। आज मैं अपनी सेक्स लाइफ के बारे में लिख रही हूँ।

कहानी थोड़ी लंबी है इसलिए कई भागों में है, पर मेरा वादा है कि हर भाग आपको एक नये रोमांच का अनुभव करायेगा

मेरी शादी को दो साल हो चुके है, मेरे पति का नाम छुट्टन लाल है।

मैं बहुत ही सेक्सी हूँ, जब मेरी शादी हुई थी तब मैं एकदम दुबली-पतली थी, लेकिन अब कुछ मोटी हो गई हूँ, पर आज भी मैं बहुत ही ज़्यादा सेक्सी हूँ और खूब मज़े ले-ले कर चुदवाती हूँ।

मेरी उम्र अब चौबीस साल है। जब मेरी शादी हुई थी तब मेरी उम्र बाईस साल और उनकी उम्र पच्चीस साल की थी।

दोस्तो, मेरी मुश्किल ये है कि मेरे पति का लण्ड बहुत ही छोटा है। उनका लण्ड खड़ा होने के बाद भी केवल चार या साढ़े चार इंच लंबा और बस डेढ़ इंच मोटा हो पाता है।

जब मेरी शादी हुई थी तब मेरी चूत बहुत टाइट और छोटी थी।

सुहाग-रात को जब उन्होंने अपने छोटे से लण्ड से मुझे चोदा तो भी मेरी चूत से खून आ गया था। सुहाग-रात को उन्होंने मुझे पांच बार चोदा था।

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जैसा कि मैंने आपको बताया, मैं बहुत ही सेक्सी औरत हूँ। उनके छोटे से लण्ड से मेरी प्यास नहीं बुझ पाती थी।
 मैं खूब मोटा और लंबा लण्ड अपनी चूत में लेना चाहती थी। लेकिन शरम के मारे कुछ कह नहीं पाती थी।

X लगभग डेढ़ साल तक मैं उनसे खूब चुदवाती रही, लेकिन मुझे पूरी तरह मज़ा नहीं आता था।
 वो मुझको चोदते समय बहुत जल्दी झड़ जाते थे, मेरी चुदाई कभी भी पांच-दस मिनट से ज़्यादा नहीं कर पाते थे।

मैं इस बात को समझती थी कि उनका लण्ड छोटा है, इसलिए वो मुझे पूरी तरह से संतुष्ट नहीं कर पाते थे।

और एक दिन आख़िरकार मैंने उनसे हिम्मत करके कहा- छुट्टन, प्लीज़ बुरा मत मानना, तुम्हारा लण्ड तो किसी बच्चे की तरह है और बहुत ही छोटा है
मुझे तुम्हारे लण्ड से पूरा मज़ा नहीं आता और मैं भूखी ही रह जाती हूँ
मैंने कई मर्दों को पेशाब करते हुए देखा है, उन सबका लण्ड ढीला रहने पर भी तुम्हारे लण्ड से बहुत लंबा और मोटा था
मैं सोचती हूँ, वो जब खड़ा होता होगा तब कितना लंबा और मोटा हो जाता होगा, शायद इसीलिए मुझे तुम्हारे लण्ड से चुदवाने में मज़ा नहीं आता
छुट्टन प्लीज़, मैं अपनी चूत में और ज़्यादा लंबे और मोटे लण्ड को अंदर लेना चाहती हूँ
अपनी शादी को अब डेढ़ साल हो गए हैं, मैं अब तक शरम के मारे तुमसे कुछ बोल नहीं पा रही थी, लेकिन अब मैं अपनी भूख को ज़्यादा दिन बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूँ
जब तुमने मुझे सुहाग-रात के दिन चोदा था तब मेरी चूत एकदम टाइट थी और मुझे केवल दो-चार दिनों तक ही थोड़ा बहुत मज़ा आया
जान, मैं कई दिनों से ही तुम्हारे छोटे लण्ड के बारे में कहना चाहती थी, लेकिन मैं शरम के मारे और तुम्हे बुरा ना लगे इसलिए कुछ भी नहीं बोली
अब हमारी शादी को डेढ़ साल हो गए हैं और मैं तुमसे खुल कर बात कर सकती हूँ, इसलिए मैं आज तुमसे तुम्हारे लण्ड के बारे में कह रही हूँ

X उन्होंने कहा – रूची मेरी जान, मैं अपनी कमी जानता हूँ और तुम्हारे दर्द को भी समझ सकता हूँ
मैंने बहुत इलाज़ कराया, लेकिन ये नहीं बढ़ा
मैं क्या करूँ, तुम ही कुछ बताओ?
मैं तुम्हें तलाक़ नहीं दे सकता, क्यूंकि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ
तुम मुझे छोड़ कर मत जाना, नहीं तो मैं मर जाऊँगा

मैंने कहा- मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ और तुम्हारा दर्द समझ सकती हूँ, लेकिन क्या करूँ, तुम्हारी चुदाई से मेरी भूख शांत नहीं होती
पहले थोड़ा-बहुत मज़ा भी आता था लेकिन अब तो वो भी नहीं आता
वो सोच में पड़ गए
मैं बहुत अच्छे से जानती हूँ दोस्तो, आप ये जानने के लिए बहुत उत्सुक होंगे कि मेरे पति छुट्टन ने आखिर मुझसे फिर क्या कहा?

X सभी औरतें ये भी सोच रही होंगी कि क्या सही में कोई औरत इतनी हिम्मत कर सकती है कि अपने पति से ये सब बोल सके, तो मेरी प्यारी सहेलियों मैं आपको बताना चाहूंगी कि पति को धोखा देकर गैर मर्द से चुदने से कहीं अच्छा है उसका विश्वास हासिल करके अपनी समस्याओं का निराकरण करना।
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अगर कोई छोटे लण्ड वाले पति की पत्नी ये कहे कि उसकी चूत प्यासी नहीं है तो हम सभी जानते है ये सफ़ेद झूठ होगा

तो मेरे प्यारे दोस्तो, और मेरी सहेलियों मुझे जरूर बताएं कि क्या मैं गलत थी?

आपकी बहुमूल्य राय का मैं बेसब्री से इंतज़ार करुँगी।
 कुछ देर बाद वो बोले- अगर मैं एक मोटी मोमबत्ती ला कर तुम्हें मोमबत्ती से चोद दूँ, तो कैसा रहेगा?
मैं कुछ देर सोचने के बाद राज़ी हो गई।

दूसरे दिन वो बाज़ार से एक मोमबत्ती ले आए।

जब उन्होंने मुझे वो मोमबत्ती दिखाई, तो मैंने कहा- ठीक तो है।

वो मोमबत्ती लगभग आठ इंच लंबी और डेढ़ इंच मोटी थी।

फिर मैंने कहा– लेकिन, ये तो आदमियों के लण्ड से बहुत पतली है

X इसके बाद हम बेडरूम में आ गए और मैं बेड पर लेट गई।

उन्होंने मेरी साड़ी उठाई और मेरी पैंटी उतार कर मेरी चूत को चाटने लगे।

मेरी चूत में तो हमेशा ही आग लगी रहती थी, दो-तीन मिनट में ही मैं पूरे जोश में आ गई और सिसकारियाँ भरने लगी।

फिर मैं बोली- छुट्टन, अब देर मत करो। मैं बहुत दिनों से भूखी हूँ। डाल दो पूरी मोमबत्ती मेरी चूत में और ज़ोर-ज़ोर से चोदो इस मोमबत्ती से मुझको।

वो बोले- ठीक है, मेरी जान मैं तुम्हारी चूत में ये मोमबत्ती डाल कर चोदता हूँ और तुम मेरा लण्ड चूसो।

वो फ़ौरन नंगे होकर मेरे ऊपर 69 की पोज़िशन में हो गए।

मैं उनका लण्ड चूसने लगी और उन्होंने मोमबत्ती को मेरी चूत में डालना शुरू कर दिया।

मोमबत्ती उनके लण्ड से बहुत ज़्यादा मोटी नहीं थी इसलिए आराम से मेरी चूत में लगभग पांच इंच तक घुस गई।

मेरे मुँह से केवल एक हल्की सी सिसकारी भर निकली।
 उन्होंने मोमबत्ती को मेरी चूत में और ज़्यादा नहीं डाला और अंदर-बाहर करने लगे।

मैं सिसकारियाँ भरने लगी।
 पांच मिनट तक वो मोमबत्ती को मेरी चूत में अंदर-बाहर करते रहे।
 मैं बहुत ज़्यादा जोश में आ गई और उनके लण्ड को और तेज़ी के साथ चूसने लगी।
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वो समझ गए कि अब मैं झड़ने वाली हूँ और दो मिनट में ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया।

मैंने कहा- छुट्टन, मुझे बहुत मज़ा आ रहा है, पूरा अंदर डालो ना इस मोमबत्ती को मेरी चूत में। X

X उन्होंने मोमबत्ती को थोड़ा और ज़्यादा मेरी चूत के अंदर डाला तो मुझे कुछ दर्द महसूस हुआ।
 वो मोमबत्ती अब तक मेरी चूत में छः इंच तक घुस चुकी थी।

मैंने कहा- रुक जाओ, छुट्टन, अब और ज़्यादा मत डालो दर्द हो रहा है आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह  इतना ही अंदर डाल कर चोदो मुझे please.

उन्होंने मोमबत्ती को तेज़ी से मेरी चूत में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।
 मैं सिसकारियाँ भरने लगी। वो भी बहुत जोश में आ गए थे और मेरे मुँह में ही झड़ गए।

मैंने उनके लण्ड का सारा पानी निगल लिया। वो मोमबत्ती को मेरी चूत में और ज़्यादा तेज़ी के साथ अंदर-बाहर करने लगे।

आठ-दस मिनट बाद ही मैं फिर से झड़ गई और बोली- छुट्टन, बहुत मज़ा आ रहा है
काश, तुम पहले ही ये मोमबत्ती ले आते और मेरी चूत में डालकर चोदते तो मैं इतने दिन भूखी ना रहती
छुट्टन, अब देर ना करो, डाल दो पूरी मोमबत्ती मेरी चूत में और खूब ज़ोर-ज़ोर से अंदर-बाहर करो

उन्होंने उस मोमबत्ती को मेरी चूत में पूरा अंदर डाल दिया और तेज़ी से अंदर-बाहर करने लगे।

मुझे थोड़ी देर के लिए कुछ दर्द हुआ, लेकिन बाद में मज़ा भी आने लगा। थोड़ी ही देर में मैं और ज़्यादा जोश में आ गई और अपना चुत्तड़ उछाल-उछाल कर मोमबत्ती को पूरा अंदर लेने लगी।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था। अभी दस मिनट भी नहीं बीते थे कि मैं फिर से एक बार झड़ गई। अब तक मैं तीन बार झड़ चुकी थी।

झड़ने के बाद मैं और जोश में आ गई और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी – छुट्टन, मुझ से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा है। खूब तेज़ी के साथ अंदर-बाहर करो इस मोमबत्ती को मेरी चूत में।

वो भी जोश में आ गए थे और उनका लण्ड दूसरी बार फिर से एक दम तन गया था।
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वो बोले- रूची, मैं भी बहुत जोश में आ गया हूँ और मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया है, अगर तुम कहो तो मैं एक बार चोद लूँ।

मैंने कहा- मुझे इस मोमबत्ती से बहुत मज़ा आ रहा है मेरा मज़ा बीच में मत खराब करो, प्लीज अभी मुझे मोमबत्ती से ही चोदो, बाद में तुम चाहे जितनी बार चोद लेनाX

वो मेरे जोश को देखकर एकदम हक्के-बक्के हो गए और उन्होंने मुझे उस मोमबत्ती से चोदना ज़ारी रखा।

मैं पूरे मज़े के साथ मोमबत्ती को अपने चूत के अंदर ले रही थी।
 उन्होंने और तेज़ी के साथ मोमबत्ती को मेरी चूत में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

पांच मिनट भी नहीं गुज़रे कि मैं एक बार फिर से झड़ गई। मैं अब तक चार बार झड़ चुकी थी।

वो मुझे तीस-पैंतीस मिनट में चार बार झड़ता हुआ देखकर सोच में पड़ गए।

पिछले डेढ़ साल की चुदाई में मैं कभी-कभी ही झड़ती थी।

अपने पति से हुई बातचीत ने मेरे डेढ़ साल की अनबुझी प्यास तो बुझा दी थी पर क्या मैं ऐसे ही मोमबत्ती से चुदवा कर अपनी प्यास बुझती रही या आगे मेरी जिंदगी ने कोई और मोड़ भी लिया

अब वो मेरी चूत में मोमबत्ती को अंदर-बाहर जाता हुआ देखने लगे और उनको भी मज़ा आ रहा था।
 मेरी चूत ने मोमबत्ती को एक दम जकड़ रखा था।

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मेरे झड़ने के बाद उन्होंने मोमबत्ती को मेरी चूत से बाहर निकाल लिया तो मैं बोली – छुट्टन, तुमने मोमबत्ती क्यों निकाल लीX
 प्लीज, कुछ देर तक और अंदर-बाहर करो, मुझे एक बार और झड़ जाने दो, प्लीज।

उन्होंने मोमबत्ती को दोबारा से मेरी चूत में डाल दिया और बहुत ही ज़ोर-ज़ोर से अंदर-बाहर करने लगे।

इस बार मैं जल्दी नहीं झड़ रही थी। मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं अपना चुत्तड़ उठा-उठा कर पूरी मोमबत्ती को अपने चूत में ले रही थी।

लगभग दो मिनट के बाद मैंने अपना चुत्तड़ बहुत तेज़ी के साथ ऊपर उठाना शुरू कर दिया तो वो समझ गए कि मैं अब फिर से झड़ने वाली हूँ।

उन्होंने मोमबत्ती को और तेज़ी के साथ मेरी चूत में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

दो-तीन मिनट में ही मैं फिर से झड़ गई।
 इस बार मेरी चूत से ढेर सारा पानी आया।

जहाँ तक मुझे याद है ये पहली बार था, जब मेरी चूत ने कामरस छोड़ा था।

मैंने बेहद उत्तेजना में उनसे कहा- प्लीज, मेरी चूत का सारा पानी तुम चाट लो, बहुत मेहनत के बाद निकला है।

उन्होंने भी बिना सोचे मेरी चूत का सारा पानी चाट लिया और बोले- रूची, अब मैं तुम्हारी फ़ुद्दी चोद लूँ?

मैंने कहा– मेरी जान, तुमने आज मुझे ज़िंदगी का वो मज़ा दिया है जिसके लिए मैं डेढ़ साल से तड़प रही थी, अब तुम जितनी बार चाहो मुझे चोदो, मैं एकदम तैयार हूँ।

उनका लण्ड तो पहले से ही खड़ा था।
 उन्होंने मेरी चूत में अपने लण्ड को डाला तो मोमबत्ती से चुदवाने की वजह से उनका लण्ड मेरी चूत में एकदम आराम से घुस गया।

उनके लण्ड पर मेरी चूत की कोई पकड़ नहीं थी और मुझे कुछ भी पता नहीं चल रहा था।

उन्होंने मुझे चोदना शुरू तो कर दिया लेकिन उनको कोई मज़ा नहीं आ रहा थाX

वो बोले– जान, मोमबत्ती से चुदवाने के बाद तुम्हारी चूत तो एक दम ढीली हो गई है मुझे मज़ा नहीं आ रहा है।

मैं बहुत जोश में थी और बोली- मेरी गाण्ड अभी तक एक दम टाइट है  प्लीज, अगर तुम चाहो तो मेरी गाण्ड मार लो लेकिन एक शर्त है।

उन्होंने पूछा– क्या?

मैंने कहा- हम एक-दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और हमें एक-दूसरे के दर्द का एहसास भी है…

मुझे मोमबत्ती से चुदवाने में बहुत मज़ा आया, लेकिन असली लण्ड से जो मज़ा आएगा वो मोमबत्ती में कहाँ है…
तुम मेरे लिए किसी आदमी का इंतेज़ाम कर दो जिसका लण्ड लंबा और मोटा हो। मैं प्रॉमिस करती हूँ कि तुम्हारे अलावा मैं पूरी ज़िंदगी केवल उस आदमी से ही चुदवाऊँगी

एक बार फिर वो सोच में पड़ गए और थोड़ी देर बाद वो बोले- क्या तुम हवस और वासना के चलते कुछ ज्यादा ही नहीं कह गई?
दुनिया में क्या कोई ऐसा पति होगा जो अपनी पत्नी को किसी गैर मर्द से चुदवायेगा?

यह शायद गलत सवाल है पूछना यह चाहिए कि क्या ऐसी औरत होगी, जो अपने पति से किसी दूसरे मर्द का इंतज़ाम करने के लिए कहेगी, अपनी चूत की आग शांत करने के लिए

जाहिर है दोस्तो, आपके दिमाग में काफी सवाल उमड़ रहे होंगे, मेरी काफी सहेलियाँ मुझे रांड, छिनाल और न जाने क्या-क्या उपाधियाँ दे रहीं होगीं
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पर मुझे ये उपाधियाँ देने वाली मेरी सहेलियों से मेरा सवाल है कि क्या शादी के बाद आपकी चूत ने सिर्फ आपके पति का ही लण्ड लिया है और लिया है तो क्या आपके पति को पता है?

अरे हाँ, बस एक सवाल और क्या सुहागरात में आपकी चूत से मेरी ही चूत की तरह खून निकला था, सीधे शब्दों में क्या आपकी चूत सुहागरात तक अनचुदी थीX

मेरी प्यारी सहेलियों अगर आपके दोनों सवालों का जवाब हाँ हैं, तो यकीनन आप मुझे रंडी, छिनाल, वेश्या, धंधे-वाली जो चाहें बोल सकती हैं पर अगर एक का भी जवाब नहीं है तो बुरा मत मानियेगा और माफ करिए, आपको कुछ कहने का हक़ नहीं है…

तो दोस्तो और सहेलियों, इस बार जिस सवाल पर आपको विचार करना है वो यह है कि क्या प्यार और वासना एक है
वो बोले- ठीक है मेरी जान, मैं तुमसे बेहद प्यार करता हूँ और तुम्हारी ख़ुशी और संतुष्टि के लिए कुछ भी कर सकता हूँ।

मैंने कहा- मैं जानती हूँ जानेमन, आई लव यू टू ! चलो ठीक है, अब तुम मेरी गाण्ड मार लो।

मैं पेट के बल लेट गई।

उन्होंने अपने लण्ड पर थोड़ा सा थूक लगाया और मेरी गाण्ड के छेद पर रख दिया।

मैंने अपने कूल्हे और ऊपर उठा दिए जिससे उनका लण्ड आराम से पूरा मेरी गाण्ड में घुस जाए।

उन्होंने एक धक्का मारा, तो मुझे दर्द होने लगा और मेरे मुँह से एक चीख निकल गई।

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उनका लण्ड तो बहुत छोटा था ही, एक ही धक्के में मेरी गाण्ड में आधे से ज़्यादा घुस गया।

उन्होंने और ज़्यादा नहीं डाला और मेरी गाण्ड में अपने लण्ड को अंदर-बाहर करने लगे।

मेरा दर्द दो मिनट में ही कम हो गया और मैं शांत हो गई।

मुझे मज़ा आने लगा और मैं अपना चुत्तड़ उठा-उठा कर उनसे गाण्ड मराने लगी।

उनको भी मज़ा आने लगा।

उन्होंने फिर एक ज़ोरदार धक्का मार दिया तो उनका पूरा लण्ड मेरी गाण्ड में घुस गया।

मेरी गाण्ड बहुत ही टाइट थीX
 मेरी चूत की तरह मेरी गांड भी अनचुदी थी, पूरा लण्ड घुसते ही मुझे बहुत तेज़ दर्द होने लगा और मैं चिल्लाने लगी।

लेकिन वो बहुत जोश में थे और रुके नहीं। उन्होंने तेज़ी के साथ अपने लण्ड को मेरी गाण्ड में अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया।

थोड़ी देर बाद मेरा दर्द कुछ कम हो गया और मुझे मज़ा आने लगा। मैं अपनी गाण्ड ऊपर उठा-उठा कर उनका साथ देने लगी।

आज उनके छोटे से लण्ड से मुझे गाण्ड मराने में बहुत मज़ा आ रहा था।

मैंने कहा- छुट्टन, तुम्हारा छोटा लण्ड तो मेरी गाण्ड के ही लायक है, यह मेरी गाण्ड में बहुत टाइट जा रहा है। मुझे खूब मज़ा आ रहा है जब मुझे कोई दूसरा चोदेगा तो मेरी चूत तुम्हारे लण्ड के लायक नहीं रह जाएगी, यह एकदम ढीली हो जाएगी तुम मेरी गाण्ड मार लिया करना, इससे तुम्हें भी मज़ा आएगा और मैं भी गाण्ड मराने का मज़ा ले पाऊँगी।

वो बोले- ठीक है, मेरी शालू रानी।

दस मिनट तक मेरी गाण्ड मरने के बाद वो मेरी गाण्ड में ही झड़ गए।

आज मुझे बहुत मज़ा आया था।

उन्होंने अपना लण्ड जैसे ही मेरी गाण्ड से बाहर निकाला तो मैंने बड़े प्यार से उनका लण्ड चाटना शुरू कर दिया।

इतने प्यार से आज तक मैंने उनका लण्ड कभी नहीं चाटा था।

उन्हें खूब मज़ा आने लगा। उसके बाद हम थोड़ी देर तक आराम करते रहे।

वासना आज मेरे ऊपर अपना नंगा-नाच कर रही थी, जिसके चलते पांच मिनट बाद ही मैंने उनके लण्ड को फिर से चूसना शुरू कर दियाX

वो भी बहुत जोश में आ गए और बोले- रूची मेरी जान, आज तुम मुझसे दोबारा चुदवाओगी क्या?

मैंने कहा- हाँ बिलकुल मेरी जान, अभी तुमने मेरी गाण्ड मारी है, अब चूत का भी मज़ा ले लो।

लगभग दस मिनट तक मैं उनका लण्ड चूसती रही।

उनका लण्ड फिर से खड़ा हो कर तन गया था। अब उन्होंने मुझे लिटा कर चोदना शुरू कर दिया।

उनका लण्ड मेरी चूत में एक दम ढीला पड़ रहा था, लेकिन वो मुझे चोदते रहे।

चूत में लण्ड के ढीला होने की वजह से मुझे बहुत कम मज़ा आ रहा था, उनके लण्ड पर मेरी चूत की पकड़ एकदम ढीली पड़ गई थी। इस वजह से वो जल्दी झड़ नहीं रहे थे और मैं भी नहीं झड़ रही थी।

वो मेरी चूचियों को बहुत ज़ोर-ज़ोर से मसल रहे थे।

उन्होंने मुझे आज लगभग एक घंटे तक चोदा।

मैं भी आज बहुत खुश थी क्यूंकि उन्होंने मुझे पहले कभी इतनी देर तक नहीं चोदा।
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वो मुझे कभी भी दस मिनट से ज़्यादा नहीं चोद पाते थे, बहुत ही जल्दी झड़ जाते थे।

आज ज़्यादा टाइम लगने की वजह से उनको भी बहुत मज़ा आ रहा था, लगभग दस मिनट और चोदने के बाद वो झड़ गए।

आज मैं भी उनकी चुदाई से बहुत मस्त हो गई थी और इस बीच दो बार झड़ चुकी थी।

चोदने के बाद जब वो मेरे ऊपर से हटे तो तुरंत ही मैंने उनके लण्ड को बड़े प्यार से चाटना शुरू कर दिया।

आज हम दोनों बहुत खुश थे, थोड़ी देर बाद हम दोनों बुरी तरह थककर सो गएX

दूसरे दिन फिर जब हमारी वासना ने नंगा नाच नाचा, तो वो मुझे फिर से मोमबत्ती से चोदने लगे।

कुछ देर मज़े लेने के बाद, एक बार फिर जब मैं बहुत ज़्यादा उत्तेजित होने लगी तो मैं बोली- तुमने कल हुई अपनी बातचीत के बारे में कुछ सोचा?

ना जाने क्या सोचते हुए वो बोलेX

ठीक आपकी तरह मेरा दिल भी बेचैन था, यह जानने के लिए कि रूची  के पति के मुँह से निकले अगले शब्द क्या होगें
मेरी आगे की कहानी मैं जल्द ही लेकर आउंगी तो आते रहियेगा www.anterwassna.blogspot.com पर। 

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