पापा और सासु माँ का वासना भरा प्यार ||

। ।!मेरा नाम सोनू है और मेरी उम्र 25 साल है। दोस्तों आज में आपको एक ऐसी स्टोरी बताने जा रहा हूँ जो मेरे पापा और मेरी सासू माँ की चुदाई की है और यह घटना मेरी शादी के कुछ ही दिनों के बाद की है.. जब मेरे ससुर जी बीमार पड़ गये थे.. तब में और मेरे पापा उनका हाल जानने मेरे ससुराल गये हुए थे और हम रात में वहीं पर रुके थे। उस समय घर पर मेरी सास और मेरी एक साली और ससुर, में और मेरे पापा घर में मौजूद थे।

।!।!तो दोस्तों उस रात हम वहीं पर रुके हुए थे और घर में हम केवल तीन चार लोग ही थे। फिर जैसे ही में मेरे पापा और मेरी सास और ससुर जी ने हमे.. रात का खाना होने के बाद मुझे ऊपर सोने के लिए बोल दिया और मेरे पापा को भी। मेरे पापा का नाम रमेश है.. मेरे पापा मेरी सासू माँ को घूर घूरकर देख रहे थे और सासू माँ को बहुत ही पसंद करते थे.. ससुर जी को बीमार हुए बहुत दिन हो गये थे। मेरी सासू माँ ने मेरे पापा से बहुत सारी बातचीत की और सोने की तैयारी होने लगी तो में ऊपर वाले कमरे में सोने चला गया और मुझे कुछ देर नींद नहीं आई तो में वापस नीचे आया और मैंने देखा कि मेरे पापा मेरी सासू माँ के पास बैठे है और वो सासू माँ के साथ बातचीत करने में लगे हुए थे और वो सासू माँ से कहने लगे कि रोने की ज़रूरत नहीं है सब ठीक हो जाएगा.. बीमारियाँ तो आती जाती रहती है और अब उसने सासू माँ को सोफे पर बैठा दिया और सासू माँ के आँसू पोंछने लगे।

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।!।!तभी मैंने देखा कि पापा सासू माँ के गालों को छू रहे है फिर उन्होंने मौका देखकर एक हाथ मेरी सासू माँ के बूब्स पर रख दिया। तो सासू माँ ने कहा कि आप यह क्या कर रहे हो? तो मेरे पापा कहने लगे कि बस आपको प्यार दे रहा हूँ। तो सासू माँ ने कहा कि यह क्या कह रहे हो आप? और यह बिल्कुल भी नहीं हो सकता। तो पापा बोले कि क्यों नहीं हो सकता? आख़िर तुम मेरी समधन तो हो ही और समधन के साथ तो मेरा पूरा हक है। तो वो उनकी तरफ देखने लगी और में दूसरे रूम से खड़ा होकर यह सब देख रहा था। तभी सासू माँ ने कहा कि ठीक है.. लेकिन अभी नहीं.. मेरा जवाई राजा देख लेगा। में देर रात में आउंगी। तो उन्होंने कहा कि ठीक है। फिर मेरे पापा चले गये। में भी तैयार होकर ऊपर सोने चला आया.. लेकिन में यही सोच रहा था कि आज पापा, मेरी सासू माँ को चोद देंगे। तभी थोड़ी देर बाद सासू माँ बाथरूम में नहाने चली गयी और जब सासू माँ बाहर निकली तो मैंने देखा कि सासू माँ ने सफेद कलर का सलवार सूट पहन रखा था और सासू माँ का सूट बिल्कुल पारदर्शी था.. जिसमे से उनकी लाल रंग की ब्रा दिख रही थी और उसमे सासू माँ गजब हॉट लग रही थी और मैंने देखा कि सासू माँ तैयार हो रही थी। तभी मैंने सासू माँ से पूछा कि सासू माँ आप कहीं जा रही हो क्या? तो सासू माँ ने कहा कि हाँ जवाई राजा में पार्टी में जे रही हूँ और तुम सो जाओ। तो मैंने कहा कि ठीक है और में सोने चला गया.. लेकिन मेरे दिमाग़ में पापा की बात चल रही थी कि आज वो अपनी समधन को चोद देंगे। तभी कुछ देर बाद सासू माँ बाहर निकलकर ऊपर वाले हिस्से के पिछले कमरे की तरफ चली गयी.. में थोड़ी देर तक ऐसे ही बेड पर लेटा रहा और फिर में उठा और उसी तरफ का गेट खोला और सासू माँ के पीछे पीछे चला गया। तो मैंने देखा कि सासू माँ और पापा एक कमरे में बंद हो गये और पापा ने रूम का दरवाजा बंद कर दिया। तो में वहीं पर बनी एक छोटी सी खिड़की से अंदर की तरफ देखने लगा। सासू माँ सोफे पर जाकर बैठ गयी.. पापा भी वहीं पर सासू माँ के पास में जाकर बैठ गये और सासू माँ से बातें करने लगे। फिर मैंने देखा कि पापा सासू माँ को घूरकर देख रहे थे और अब पापा सासू माँ के और पास में बैठ गये।

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फिर पापा ने सासू माँ की जांघो पर हाथ रख दिया और सहलाने लगे.. सासू माँ थोड़ी बहुत डरी हुई सी नज़र आ रही थी.. क्योंकि पहली बार सासू माँ किसी गैर मर्द से चुदवाने जा रही थी और अब पापा ने सासू माँ का गाल पकड़ लिया और सासू माँ के होंठ को अपने होंठ पर सटा लिया और चूमने लगे और सासू माँ के होंठ को चूसने लगे। फिर मैंने देखा कि पापा सासू माँ की लिपस्टिक को चाट रहे थे.. मेरी सासू माँ ने पापा के कंधे को पकड़ रखा था और अब वो भी पापा का पूरा पूरा साथ दे रही थी और अब पापा मेरी सासू माँ के गले पर किस करने लगे तो सासू माँ को भी बहुत मज़ा आ रहा था और उन्होंने अपने एक हाथ से पापा के बाल पकड़ रखे थे। फिर पापा ने सासू माँ को खड़ा कर दिया और दीवार से एकदम चिपकाकर खड़ा कर दिया और सासू माँ के गले पर किस करने लगे.. तो सासू माँ आआ उह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ कर रही थी और पापा जानवरों की तरह मेरी सासू माँ को चूम रहे थे। तभी थोड़ी देर तक ऐसे ही मेरी सासू माँ को किस करने के बाद पापा ने अपने दोनों हाथों को पीछे कर दिया और

http://mastkahaniyan.com/ मेरी सासू माँ की कुरती ऊपर उठाकर सलवार के ऊपर से सासू माँ के चूतड़ मसलने लगे। तभी मैंने देखा कि सासू माँ की सलवार बिल्कुल पारदर्शी थी और उन्होंने लाल कलर की पेंटी पहन रखी थी।

फिर पापा मेरी सासू माँ के चूतड़ो को ज़ोर ज़ोर से मसले जा रहे थे.. पापा ने सासू माँ से कहा कि समधन जी जब से मैंने तुम्हे देखा है तब से तुम्हे चोदना चाहता था.. लेकिन मुझे कभी मौका ही नहीं मिला और आज में तेरी चूत फाड़ दूँगा। फिर पापा ने मेरी सासू माँ को अपनी गोद में उठा लिया और बेड की तरफ लेकर चले गये। पापा का शरीर बहुत अच्छा था इसलिए मेरी सासू माँ को उठाने में उन्हे ज्यादा समस्या नहीं हुई। फिर में भी बेडरूम की खिड़की पर चिपका खड़ा था और रूम में देखने लगा। तो मैंने देखा कि पापा ने मेरी सासू माँ को बेड पर पटक दिया और बेड पर गिरते ही मेरी सासू माँ के बूब्स जोर ज़ोर से हिलने लगे। फिर पापा ने अपने सारे कपड़े उतार लिए और सासू माँ के सामने बिल्कुल नंगे हो गये। पापा का लंड बहुत बड़ा था.. उनके लंड का साईज 9 इंच था और वो बहुत मोटा भी था और उनके लंड का रंग ना काला ना ज़्यादा सफेद मिलावटी कलर का लंड था। तभी सासू माँ, पापा का लंड देखकर बहुत डर गयी और कहने लगी कि हाय राम आपका तो यह बहुत बड़ा और मोटा है.. इसे तो मुझे लेने में बहुत दर्द होगा। तो पापा सासू माँ के पास गये और उन्होंने कहा कि तुम चिंता मत करो में धीरे धीरे करूंगा। फिर उन्होंने इतना कहकर अपना लंड मेरी सासू माँ के मुहं में दे दिया। तो सासू माँ पापा के लंड को चूसने लगी। तभी थोड़ी देर में सासू माँ ने पापा का पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया और बड़े मजे से अंदर बाहर करने लगी और उसे लोलीपोप की तरह चूसने लगी। मैंने पापा की तरफ देखा पापा अह्ह्ह अहह कर रहे थे और अपने दोनों हाथों से मेरी सासू माँ के बूब्स को मसल रहे थे.. सासू माँ कभी पापा के लंड को चूसती थी तो कभी उनके लंड को सहलाती थी। फिर पापा ने अपना लंड सासू माँ के मुहं से निकाल दिया और उन्होंने मेरी सासू माँ का कुर्ता निकाल कर ज़मीन पर दूर फेंक दिया। तो मैंने देखा कि सासू माँ ने लाल कलर की ब्रा पहन रखी थी.. पापा ने मेरी सासू माँ की ब्रा का हुक खोल दिया। तो वो कमर के ऊपर से बिल्कुल नंगी थी। मैंने पहली बार सासू माँ के नंगे बूब्स को देखा था सासू माँ के निपल्स भूरे कलर के थे.. पापा तो मेरी सासू माँ के बूब्स को देखते ही रह गये। सासू माँ के बूब्स बिल्कुल गोल गोल और बड़े थे.. फिर पापा ने मेरी सासू माँ को लेटा दिया और मैंने देखा कि पापा ने तकिया मेरी सासू माँ की पीठ के नीचे लगा दिया जिससे उनके बूब्स और तन गए।
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फिर मेरी सासू माँ ने अपने दोनों हाथ पीछे कर रखे थे और बहुत मजबूती से बेड को पकड़ रखा था। फिर पापा, सासू माँ के पास में लेट गये और उन्होंने मेरी सासू माँ के एक बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और पापा बड़े मज़े से मेरी सासू माँ के बूब्स को चूस रहे थे.. वो सासू माँ के एक बूब्स को चूस रहे थे और दूसरे बूब्स को अपने हाथ से मसल रहे थे.. सासू माँ अहह सस्स्स ससस्सईईईई अहह कर रही थी। तभी पापा समझ गये थे कि अब सासू माँ को भी बहुत मज़ा आ रहा था.. पापा और ज़ोर ज़ोर से मेरी सासू माँ के बूब्स को चूस रहे थे और मसल रहे थे। फिर पापा ने अपने एक हाथ से मेरी सासू माँ के पेट को सहलाना शुरू किया और उन्होंने मेरी सासू माँ की सलवार का नाड़ा खोल दिया.. तो सासू माँ की सलवार थोड़ी ढीली हो गई और फिर मैंने देखा कि पापा ने अपना एक हाथ मेरी सासू माँ की सलवार के अंदर डाल दिया और पेंटी के ऊपर से मेरी सासू माँ की चूत को सहलाने लगे। तो सासू माँ आह्ह्ह औऊऊऊऊऊउ उफ्फ्फ कर रही थी और पापा मज़े के साथ मेरी जवान सासू माँ के सेक्सी जिस्म के साथ खेल रहे थे और वो एक हाथ से मेरी सासू माँ के बूब्स मसल रहे थे.. दूसरे बूब्स को चूस रहे थे और http://mastkahaniyan.com/एक हाथ से सासू माँ की चूत रगड़ रहे थे।

तभी थोड़ी देर तक ऐसा करने के बाद पापा ने सासू माँ की सलवार को खींचकर निकाल दिया और अब सासू माँ सिर्फ़ लाल रंग की पेंटी में पापा के सामने थी। तो पापा उठकर बैठ गये और उन्होंने मेरी सासू माँ की पेंटी को निकाल दिया और मैंने देखा कि पापा मेरी सासू माँ की नंगी चूत को एकटक नजर से देख रहे थे। तभी मैंने अपनी सासू माँ के चूत की तरफ देखा.. सासू माँ की चूत पर एक भी बाल नहीं था और वो बहुत चिकनी लग रही थी। फिर पापा ने मेरी सासू माँ की नंगी चूत पर अपना हाथ रख दिया तो सासू माँ सिहर गई.. पापा ने सासू माँ से पूछा कि समधन तेरी चूत तो बहुत ठीक ठाक है यह कब से नहीं चुदी है? तो सासू माँ ने कहा कि हाँ मुझे लंड लिए हुए बहुत दिन हो गये है इसलिए मेरी चूत बहुत सिकुड़ गई है अब तो इसमें आज तुम्हारा लंड जाएगा तो शायद यह फट ही जाएगी। तो पापा ने कहा कि कोई बात नहीं में आज रात से तुम्हे सप्ताह में तीन चार बार आकर तुम जैसे कहोगी तुम्हे चोदूंगा। फिर पापा ने मेरी सासू माँ की चूत में अपनी जीभ सटाकर मेरी सासू माँ की चूत को चाटने लगे। तो सासू माँ के मुहं से अहह माँ मरी अहह उफ़ की आवाज़े निकलने लगी। तभी मैंने देखा कि पापा ने सासू माँ की चूत में अपनी आधी जीभ को डाल दिया था और उसे अंदर बाहर कर रहे है और सासू माँ ने अपने हाथ से पापा के बाल पकड़ रखे थे और सिसकियां ले रही थी। तभी थोड़ी देर तक पापा ऐसे ही मेरी सासू माँ की चूत को चाटते रहे.. मैंने देखा कि तीन चार मिनट के बाद सासू माँ की चूत से पानी बहने लगा था और उनकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी। तभी सासू माँ ने पापा से कहा कि मोहन प्लीज़ अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है चोदो मुझे.. पापा ने कहा कि रानी आज तो में तुझे रात भर चोदूंगा और पापा अपने दोनों घुटनों के बल बैठ गये। फिर मैंने देखा कि पापा ने एक हाथ से अपने लंड को पकड़ रखा था और अपने लंड को मेरी सासू माँ की चूत पर सटाकर रगड़ रहे थे और उनकी चूत के पानी से अपने लंड को गीला कर रहे थे और सासू माँ ने अपने दोनों हाथ पीछे करके तकिये को कसकर पकड़ रखा था। मुझे उन दोनों की तरफ से चुदाई की तैयारी पूरी लग रही थी.. एक लंड देने को तैयार था तो दूसरा लंड लेने को। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

फिर मैंने देखा कि पापा ने लंड को चूत पर रखा और एक ज़ोर का धक्का दिया.. सासू माँ बहुत ज़ोर से चीख पड़ी और मैंने देखा कि सासू माँ की चूत से खून निकलने लगा था.. सासू माँ की चूत बहुत टाईट थी जिसकी वजह से पापा का मोटा लंड मेरी सासू माँ की चूत में नहीं गया और पापा पास में रखी तेल की बोतल उठा लाए और फिर उन्होंने थोड़ा सा तेल अपने लंड पर लगाया और थोड़ा मेरी सासू माँ की चूत पर लगाया और उन्होंने फिर से एक धक्का दिया तो पापा के लंड का टोपा सासू माँ की चूत के अंदर चला गया था। तो पापा ने धीरे धीरे अपनी कमर हिलाना शुरू कर दिया और पापा का आधा लंड मेरी सासू माँ की चूत के अंदर बाहर हो रहा था। तो पापा ने मेरी सासू माँ के दोनों घुटनों को पकड़ लिया था और ज़ोर ज़ोर से अपनी कमर हिला रहे थे और लंड को चूत में आगे पीछे करने लगे। तो सासू माँ धीरे धीरे अह्ह्ह उफ्फ्फ माँ उह्ह्ह्ह आईईईइ मरी प्लीज धीरे धीरे प्लीज़ बहुत दर्द हो रहा है कर रही थी.. सासू माँ की ऐसी आवाज़े सुनकर पापा ने पूरी ताक़त से झटका दिया और पापा का पूरा लंड मेरी सासू माँ की चूत को चीरता हुआ अंदर चला गया।
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फिर पापा थोड़ा आगे की तरफ झुक गये और अपना हाथ बेड पर रख लिया और सासू माँ को चोदने लगे.. पापा का पूरा लंड मेरी सासू माँ की चूत के अंदर बाहर हो रहा था और उनकी चूत का पानी बाहर निकल रहा था। तभी वो सासू माँ से कहने लगे कि समधन तेरी चूत में बहुत गर्मी है मज़ा आ गया बहुत दिन बाद ऐसा गरम माल मिला है.. आज में तुझे जी भरकर चोदूंगा और वो सासू माँ की चुदाई करने लगे। तो सासू माँ को भी अब बहुत मज़ा आ रहा था सासू माँ ने उनसे कहा कि में भी बहुत दिन से नहीं चुदी हूँ.. तू आज मेरी प्यास बुझा दे राज़ा और ज़ोर से चोद मुझे.. और ताक़त लगा। तो पापा सासू माँ के ऊपर लेट गये और फिर उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरी सासू माँ के बूब्स पकड़ लिए और मसलने लगे और मेरी सासू माँ की चूत को चोदने लगे और अब पापा ने पूरी ताक़त से सासू माँ को चोदना शुरू कर दिया और पूरे रूम में मेरी सासू माँ की सिसकियों की आवाज़ गूँज रही थी और फिर सासू माँ चूतड़ उठा उठाकर पापा से चुदवा रही थी। तभी थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि पापा ने एक ज़ोर का झटका दिया और सासू माँ के ऊपर ही लेट गये। तो में समझ गया कि पापा ने अपना वीर्य मेरी सासू माँ की चूत में ही गिरा दिया है और अब वो मेरी सासू माँ को चूमने लगे और अपना लंड धीरे धीरे मेरी सासू माँ की चूत में आगे पीछे करने लगे और 5 मिनट के बाद पापा सासू माँ के ऊपर से हट गये और वहीं पर उनके पास में लेट गये सासू माँ भी वहीं पर नंगी लेटी हुई थी। फिर मैंने देखा कि पापा ने अपने एक हाथ में मेरी सासू माँ की पेंटी पकड़ रखी है और उसे सूंघ रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी सासू माँ के बूब्स मसल रहे थे और कुछ देर बाद पापा ने मेरी सासू माँ को अपनी तरफ खींच लिया और सासू माँ को अपनी छाती से चिपका लिया और सासू माँ को चूमने लगे और मैंने सुना कि पापा मेरी सासू माँ से कह रहे थे कि समधन अगर तू मुझसे ऐसे ही चुदवाएगी तो में तुझे कभी भी परेशान नहीं होने दूँगा। तो सासू माँ ने कहा कि क्या सच में ऐसा हो सकता है? तो उन्होंने कहा कि हाँ ऐसा हो सकता है.. लेकिन तुझे मेरी रंडी बनकर रहना पड़ेगा। तो सासू माँ ने कहा कि ठीक है और अब दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.. मैंने देखा कि सासू माँ अपने हाथों से पापा का लंड सहला रही थी और पापा अपने हाथों से मेरी सासू माँ की चूत रगड़ रहे थे और मेरी सासू माँ के होंठो को चूस रहे थे और फिर उन्होंने मेरी सासू माँ को उल्टा लेटा दिया। तो मुझे सासू माँ के गोल गोल चूतड़ दिख रहे थे और पापा मेरी सासू माँ की जांघो पर बैठे हुए थे और अपने हाथों से मेरी सासू माँ के चूतड़ों को फैला दिया। मैंने देखा कि पापा ने अपनी दो उंगलियों को मेरी सासू माँ की गांड के छेद में डाल दिया और अंदर बाहर कर रहे थे.. सासू माँ ने बेड शीट को मजबूती से पकड़ रखा था।

फिर पापा ने मेरी सासू माँ की गांड के छेद पर थोड़ा थूक लगा दिया जिससे उनकी उंगली आसानी से अंदर बाहर हो रही थी और अब पापा मेरी सासू माँ की गांड चाटने लगे.. फिर पापा अपनी जीभ को मेरी सासू माँ की गांड के छेद के अंदर बाहर कर रहे थे और सासू माँ ससस्सईई अह्ह्हहह कर रही थी और उन्हे बहुत मज़ा आ रहा था। फिर पापा ने तकिया सासू माँ की गांड के नीचे रख दिया.. जिससे सासू माँ की गांड और ऊपर की तरफ उठ गयी थी और पापा मेरी सेक्सी सासू माँ की गांड को अपना बनाने के लिए तड़प रहे थे। फिर पापा ने अपना लंड मेरी सासू माँ की गांड के छेद पर रखा और एक झटका दिया.. तो पापा के लंड का टोपा मेरी सासू माँ की गांड के छेद में चला गया था और फिर उन्होंने अपना हाथ बेड पर रखा और पूरी ताक़त से झटका दिया तो सासू माँ बहुत ज़ोर से चीख पड़ी। तो मैंने देखा कि पापा का पूरा लंड मेरी सासू माँ की गांड के छेद में चला गया था और पापा ने अपनी कमर को हिलाना शुरू किया और मेरी सासू माँ की गांड मारने लगे.. पापा के हर झटके पर सासू माँ का चूतड़ हिल जाता था और सासू माँ अह्ह्ह उईईई अह्ह्ह कर थी और चूतड़ उठा उठाकर पापा का साथ दे रही थी और पापा पूरी ताक़त से मेरी सासू माँ की गांड मार रहे थे। फिर पापा सासू माँ के ऊपर लेट गये और अपनी कमर हिलाने लगे और धीरे धीरे मेरी सासू माँ की गांड मारने लगे और उन्होंने अपने दोनों हाथ आगे कर दिये और मेरी सासू माँ के बूब्स पकड़कर जानवरों की तरह मसल रहे थे। तभी मैंने देखा कि मेरी सासू माँ ने अपने दोनों हाथ पीछे कर लिए थे और अपने चूतड़ को फैला लिया था.. जिससे पापा को सासू माँ की गांड मारने में थोड़ी आसानी हो रही थी।

अब पापा बहुत थक गये थे और उन्होंने पूरे 35 मिनट तक मेरी सासू माँ की गांड मारी। फिर पापा ने अपना माल मेरी सासू माँ की गांड के छेद में ही गिरा दिया

धन्यवाद ।

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