सगे चाचा ने मुझे और मेरी माँ को चोदा। antervasna feel

दोस्तों मेरा नाम प्रिया है। मैं 16 साल की हो गयी हू। मेरा फिगर 30 – 26 – 30 है। मेरे बोबो का आकर सामान्य से कुछ ज्यादा ही है। मैं दिल्ली की रहने वाली हु। मैं और मेरे साथ मेरी माँ रहती है और मरे  चाचा रहते है। मेरे पापा आर्मी मैं है तो वो पूरी साल ही बहार रहते है। मेरी माँ को चुदवाने का बहुत शोक है।अब मेरे पापा तो यहा रहते नही तो मेरे माँ को मेरे चाचा चोदते है।मेरे को उनके बारे मैं पता लग चुका था। मैं हर बार उनकी चुदाई छुप छुप के देखती थी। और मेरे को उन को देखने मैं बहुत मज़ा आता था। उनकी चुदाई देखके मैं भी उत्त्जित हो जाती थी और अपनी चूत मैं अंगुली या कोई सब्जी डालकर अपनी वासना कों शान्त करती थी। एक दिन मेरे चाचा
हमेशा की तरहा मेरी माँ की चुदाई कर रहे थे और मैं खिड़की मैं से छुप कर उनको देख रही थी । मेरे चाचा बेड पर लैटे हुए थे और मेरी माँ उछल उछल के चुदाई का आनंन्द ले रही थी। अब मेरी चूत मैं भी खुजली होने लग गयी । मैं रसोई मैं गयी और चूत मैं डालने को कुछ खोजने लग गयी। मेरी नज़र केले पर पड़ी । मेने केले को छिला और  अपनी चूत मैं डालने लग गयी । लेकिन केला टूटकर मेरी चूत के अंदर ही रह गया। अब मेरे को दर्द होने लग गया तो मैं रोने लग गयी । अब मेरे चाचा और माँ चुदाई खत्म क्र के आ गये । माँ पूछती है प्रिया क्यों रो  रही है। मने सब कुछ बता दिया । अब चाचा बोले चेलो मेरे को दिखाओ क्या हुआ है। माँ बोली हा बेटा चड्डी उतार चाचा को देखने दे। माँ के कहेने पर मने चड्डी उतार दी। अब चाचा ने मेरे को टांग फेला के स्टूल पर बेठा दिया और माँ को बोले 1 ग्लास पानी गर्म करके ला। माँ चली गयी अब चाचा मेरी चूत पर हाथ फेरने लगे और बोले बेटी अगर चुदने की इच्छा हो रही थी तो मेरे से ही बोल देती। मैं चाचा का मतलब समझ गयी लकिन चुप रही। अब माँ के आते ही चाचा चूत को डॉक्टर के जसे देखने लग गये ताकि माँ को शक ना हो। अब मेरे को पेट भर के पानी पिलाया । थोड़ी देर बाद मूत का जबरदस्त प्रेशेर बन गया। अब चाचा मेरी चूत मैं अंगुली डाल क्र अंदर बहार करने लग गये और मेरे को दम लगाने की बोलने लग गये।अब मने पूरा दम लेगा दिया केला निकल कर चाचा के उपर चला गया और चाचा पुरे मूत मैं गिले हो गये। अब माँ बोली मैं बाज़ार जा के विस्पर लाती हु तू चाचा को तोलिया दे देना। अब माँ चली गयी तो चाचा ने फिर से मेरी चड्डी उतारी और बोले  बेटी मैं चेक कर लेता हु की केले का कोई टुकड़ा अंदर रह तो नही गया। फिर चाचा मेरी चूत मैं उंगली डाल कर घुमाने लग गये। अब बोलते है।बेटा मेरी अंगुली छोटी पद रही है कोई बड़ी चीज़ डालनी पड़ेगी। फिर चाचा ने अपना  लंड बाहर निकल कर मेरी चूत के लेगा दिया। चाचा ने अभी अभी मेरी माँ को चोदा था तो उन का लंड डिला पड़ गया था। फिर उन्होंने अपने  लंड पर तेल लगाया और मेरी चूत पर लगा के बोले बेटी डिला छोड़ दो जसे मने अपनी चूत को डिला छोड़ा चाचा ने लंड को जोर से धक्का दिया और लंड पूरा मेरी चूत के अंदर घुस गया। और मेरी जम के चुदाई की मेरे को भी लंड को स्वाद लेने मैं बहुत मज़ा आया। अब चाचा और मैं मोका मिलने पर खूब चुदाई करते है। और हमने शादी करने का फेसला कर लिया है। 
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