Ab Chhorbhi Do

“अरे… अरे… अरे… यह तुम क्या कर रहे हो….चोर्ड़ो चोर्ड़ो चोर्ड़ो …….चोर्ड़ो भी ना……ओफफ्फ़….फफफफफफो!! !! …क्या मुसीबत है यह..!! मैने कहा था ना… कहा था ना, कल रात की, आज के दिन कुछ भी ऐसा वैसा नहीं करना है हमैन . देखो ना, तुम्हारी इश्स तहोक्क-ओलगी से अभी भी नीचे से मेरी वो जो है ना वो……, वो अभी तक भी कितनी-सूजी-सूजी हुई सी दिख रही है”. कोमल ने नीचे झुक कर अपनी छूट को देखा और मुझे दिखाया. “और अभी दो ही महीने तो हुए हैं हमारी शादी को, और तुम्हाइन दिन रात मेरी इश्स ‘नून्न्ही सी’ को छोड़ने और इसकी ज़ालिमों जैसी तुक्काई करने के सिवा कुछ सूझता ही नहीं है”. लगता यूँ है हुमको की जैसे तुम्हारा दीं-धरम-ईमान सभी कुछ मेरे छेड़ मैं घुस्स कर रह गया है. इतना ढयन भगवान मैं लगते तो टूर जाते कभी के.” “दो महीने कुछ ज़ियडवाक़त तो नहीं होता, अभी तो मई सॅटिस्फाइड ही कहाँ हुआ हूँ. बुत ई आम ट्राइयिंग ..ईये आम ट्राइयिंग तो गेट थे बेस्ट आउट ऑफ यू…ई लोवे यू कोमल…ई लोवे यू .” तट’स थे बेस्ट ई कुड मॅनेज तो से अट तट मोमेंट. ई न्यू ई वाज़ ओवरडूयिंग इट बुत ई सिंप्ली कुड नोट हेल्प इट. एवेरी फुक्कक वाज़ आ स्वीट जर्नी. एवेरी फुक्कक वाज़ आ न्यू डिस्कवरी तो आ न्यू-नेक्स्ट-फुक्कक आंड एवेरी फुक्कक येल्ड आउट लाउड एवेरी फुक्कक्िंग टाइम …मोरे….मोरे…. मोरे….ऑफ तट डेलीशियस लिट्ल पुसी ऑफ युवर्ज़ कोमल. हााऐईईयी…..यू अरे थे बेस्ट मी लोवे, यू अरे थे फाइनेस्ट यू अरे थे टाइटस्ट..यू अरे थे जूसीएस्ट. आअहह….यू अरे थे गोडएसस ऑफ स्वीट फुक्कक्स.

पर वो तो एक ही साँस मैं बोलती ही जेया रही थी और मई ओसे पयार से ओसका मोस्ट इन्वाइटिंग फिगर दहे जेया रहा था, और मून मैं सोच रहा था की, अगर उब ये देने क्र लिए हन कर दे तो मैं कैसे और किस पोज़िशन मैं इसे छोड़ूगा. और कितना तिक्का के और कितनी देर तक छोड़ूँगा. ई हद तीस बाद हॅबिट ऑफ टाइमिंग माइसेल्फ ओं मी एवेरी ट्रिप.

“सच्च-मुच्च प्लीज़…. मुझे पहले तुम यह बात बता दो की तुम आदमी हो या की छूट के चुम्म-गाडार्द…? छोड़ते हो, फिर चाट-ते हो फिर, फिर छोड़ते हो फिर, फिर छाते हो, और ऊपर से मुझे भी अपना लुन्न्द चाटने और चूसने चूवने पर मजबूर कर के रख दिया हुआ है. ई आम जस्ट फुक्कक्िंग हेल्पलेस, आस हेल्पलेस शीरली कुड बे. काया बोर नहीं हो जाते तुम उनन्दर बहिर उनन्दर बाहिर कुरके इश्स तूफ़ानी किस्म के लोड को मेरे इनएक्सपीरियन्स्ड सेंट्रिफ़ुगल टाइट चाद मैं ?? कुछ मेरा भी तो ख़याल करो ना की मुज पर क्या बीट रही है दो-दो गुंटे तक तुक्क-धिन्ना-धिन्न तुक्क-धिन्ना-धिन्न, नहीं बर्दाश्त कर सकती हूँ मैं”. मैं यह सब गर्दन नीचे झुका कर बड़ी ही शराफ़त से सुनता जा रहा था सुनता ही जा रहा था क्योंकि मई ओसे अफेंड नहीं करना चाहता था. नहीं तो मेरी अगली छुदाई के लिए वो ना-नुक्कर करती सॉफ दिखाई पद रही थी. ई वाज़ फुल्ली वरीड. और यहाँ मेरे लुन्न्ड्ड़ का मेरी डार्लिंग कोमल की छूट के लिए बुरा ही हाल हुआ हुआ था. वो रुकी नहीं ओसका फुक्कक्िंग गीला जारी रहा.

” और कल तुम्हारी ऑफीस मैं छुट्टी क्या हो गई…. तुमने सारा दिन… मुझे कूम से कूम 22-23 आसुन्न क्रियेट कर कर के कितनी ज़ुबरदस्त बएदर्दी से सिस्टमॅटिकली छोड़ डाला. ये भला कोई बात है…? मेरे मूह को यूँ छोड़ा, खोदा , दोनो अंखाईं बंद कर कर के, जैसे किसी साधु की समाधि ही लज गई हो. मेरा मूह और जुबबरडे अभी तक दुख रहे हैं. और भला मेरे मुम्मों ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था.. जो ओन्न बेइचरों को भी ठोकक तुक्का दिया. कोई जगह खाली छोड़ी भी है..?” ” अभी तक, ई मीन आज तक कितना तरसा रही हो…गांद कहाँ दी है तुमने उब तक?? मैने गीला किया. गाआंन्ँदडड़……??? जस्ट फर्गेट अबौट इट ..जस्ट फर्गेट इट. मुझे तुम्हारी सभी हरकतईं अजीब लगती हैं. ई हटे इट जुब, आख़िर मैं तुम , उंगराज़ों की तराहा, छ्ची…छ्ची…चईए….,,, मेरे सारे मूह पर ही पूरछ.. पीर्रच… पूरररच…..पूरररच…..पूरररच….. करके.. छूटते ही चले जाते हो——छूटते ही चले जाते हो?? मेरे सारे मूह का लिब्ब-लीबते लिब्बला-बू बना देते हो. भला कहाँ की शराफ़त है यह भला? “ख़ान पॅयन हिंदुस्स्तनी और छोड़दनन-वोदडनन एनलिष्टानी???? घिंन आती है मुझे. और कल का सारा बरसाती दिन तुमने मुझे सिर्फ़ छोड़ा ही नहीं, आधे से ज़ियादा कोक-शास्त्रा आंड कामाशूऊतरा मेरी साअरी-बॉडी आंड भोसड़ी-पर बुरी तराहा से इंप्लिमेंट कर दिया. मैने कुछ कहा…..?? मैने ना कही ?? जानवरों की तराहा घोड़ी कुट्टिया और ना जाने क्या क्या बन कर चुड़वति रही पसीने से लूतह-पतह हो कर तुम्हारे उनसतियटेड पनिशर से. मई तो सोच रही थी की तुम मोविए दिखाने ले जाओगे पर तुम्हाइन मेरी छूट छोड़ने से फ़ुर्सत मिले तुब्ब नाअ….?????? सिर्फ़ तुम्हारी खुशी के लिए मैं अपनी गांद तुक्क चुट्तवा ली.
अधिक्क बोलने वाली औरतों को भला कहाँ कोई रोक सकता है. जब तक दिल की पूरी भादास ना निकाल लाइन तब तक थे अरे फुल्ली इंम्पोस्सीबले. मई सोच रहा था की चुप्प रहने मैं ही भलाई है नहीं तो छूट एरिया पर कूर्रफ़ेव लगा दिया जाएगा फूटत से …हाां!!! कल रात फिर दो बार तुमने कितनी ज़ोर ज़ोर से और कितनी बेरेहमी से मेरी दोनो टाँगों को उपने कुन्न-ढों पर रुख़ कर क, अपने ऑस इन्न-टॉलराब्ली-ह्यूज भूखे आंड भूक्खार्ड किसाम के लोड से मेरी, ‘पसीने से लूतपतह कर देने वाली’ खून-खार किस्म की च्चुदाई करी डाली. मैने कितनी मिन्नत करी कितना मनाया लेकिन तुम नहीं माने जब तक मई चुट्त-चुट्त कर आध-मारी नहीं हो गई. मेरी कमर का मक्कू बूँधा हुआ है इश्स वक़्त और मेरी टांगायन भी बहुत ही दुख रही हैं. अभी अभी ओत कर बेंगे और इोदेक्श दोनो को मिक्स करके सारे शरीर पर और अपनी छूट के चारों और लगा कर हटी हूँ.

तुम्हाइन रहें नहीं आता मुझ पर, मई भी ह्यूमन बीयिंग हूँ आकीर…. कोई चुड़दई करवाने की मचाइन नहीं हूँ. इतना कह कर कोमल ने झुट्तक्े से अपना हाथ, जिसमे की मैने अपना अर्ली मॉर्ंनिंग-फ्रेश-आंड-एरेक्ट- लुनन्ध पकड़ा रक्खा था, मेरे से ज़बरदस्ती चुड्ड़वया और वो भाग कर किचन मैं चली गई. मई अपने हाथ मैं उब अपना लुन्न्द पकड़ कर खड़ा का खड़ा रह गया. घुस्से मे मैं बुर्द-बुर्दाया, “औरतों को बड़े लुन्न्द की इतनी कामना होती सुनी है शादी से पहले की वो भगवान से पूजा कर-कर-के बड़े, मोटे आंड ताक़तवर लोड की भीख मांगती हैं, और एक यह हमारी बघूम हैं की इन्हाइन लुन्न्द की कोई वॅल्यू ही नहीं रह गई है.” इतना कह कर मई बाथरूम मैं नहाने के लिए चला गया. गरम गरम पानी से नहाते हुए मैने नीचे झुकक कर पाने लुन्न्द को देखा, ” तेरी किस्मत ही ऐसी है भैया…. तो मई काया करूँ….? मैने तो सोचा था की शादी के बाद सुबा डोपेहेर आंड शाम, कूम से कूम, टीन चार बार तो दिन मैं लिया ही करूओनगा जी भर-के. और एक यहाँ यह हैं की इनको इन कामों मैं कोई डिल-चुस्सपी ही नहीं दिखाई देती है. जुब भी देखो यही बात दोहराती रहती हैं की ई लोवे योउ वेरी मच, बुत इश्स काम के लिए तुम्हाइन दो टीन शादियाँ और करनी पदान्गी”.
आक्च्युयली मैने जब अपने लुनन्ध को घौर से और घूर कर देखा तो मई भी सोचने पे मजबूर हो गया की यह बैचारी अबला-नारी भी काया करे मई ही घालत हूँ…गढ़ा हूँ. क्या घालत कहती है ये. एक तो यह है इत्टना मोटा, दूसरे इत्टना लूंम्बा, तीसरे 2-2-3-3-घूंते लगातार छोड़ने का फुक्कक्िंग स्टेंना…?? मे बे ई आम थे वन हू इस तो बे ब्लेम्ड. शी इस नोट आ बैचारी गढ़ी आफ्टर ऑल. शी इस मी लव्ली वाइफ आंड तेरे इस होल लाइफ तो फक हेर. वॉट इस थे रश. बुत देन ओफफ्फ़….शी इस सो ब्यूटिफुल आंड सो फुक्कक्िंग सेक्सी. वॉट कॅन ई सिंप्ली दो? ई आम सिंप्ली हेल्पलेस. ई लोवे हेर, ई लोवे मी वाइफ ई लोवे हेर. ई लोवे हेर…..!! ई वाज़ अटरिंग दीज़ वर्ड्स नॉनस्टॉप वाइल ड्राइयिंग माइसेल्फ वित आ टवल. ई केम आउट ऑफ थे बातरूम ऑल न्यूड आंड वेंट स्ट्रेट तो थे किचन. मी फॅवुरेट पार्ट ऑफ हेर बॉडी, हेर मोस्ट ओॉलुप्पतूस गांद वाज़ फेसिंग मे आंड ई वेंट एग्ज़ॅक्ट्ली बिहाइंड हेर आंड येल्ड,” पीका-बूऊ,” वाइल पोकिंग मी मोरे तन हाफ-एरेक्ट-कॉक इन हेर वेल डेवेलप्ड सॉफ्ट सॉफ्ट वॉर्म, मी फॅवुरेट आस. शी क्विक्ली टर्न्ड बॅक आंड वाइल शोयिंग हेर आंग्री आइज़ तो मे ड्रॅग्ड मे बाइ मी दिक्क़क आंड ब्रॉट मे स्ट्रेट तो थे ब्रेकफास्ट टेबल,”सीट हियर, जस्ट सीट हियर. थे ब्रेकफास्ट इस रेडी योउ हंग्री मान. शी वाज़ स्माइलिंग अट मी बेबी-लीके ओबीडियेन्स. इट’स बिन ओन्ली टू मंत्स सिन्स देन ई थिंक योउ अरे कीपिंग मे अंडरफ्ड आंड मोस्ट्ली स्थारविंग….ई कंप्लेंड वाइल प्रेस्सिंग हेर ब्यूटिफुल ब्रेस्ट्स वित मी बोत हॅंड्ज़. शी पुल्ड मी हॅंड्ज़ अवे आंड पुट इट ओं मी दिक्क़क अगेन,”डिड्न’त ई से थे ओमल्ेटते इस गेटिंग कोल्ड..?

“Are… Are… Are… Yeh tum kya kar rahe ho….chordo chordo chordo …….chordo bhi na……offf….ffffffoh!! !! …kya museebat hai yeh..!! Maine kaha tha na… Kaha tha na, kal raat ki, aaj ke din kuch bhi aisa vaisa nahin Karna hai hamain . Dekho na, tumhari iss thhokk-ology se abhi bhi neeche se meri vo jo hai na vo……, Voh abhi tak bhi kitni-sooji-sooji hui si dikh rahi hai”. Komal ne neeche jhuk kar apni choot ko dekha aur Mujhe dikhaya. “aur abhi do hi mahine to huey hain hamari shaadi Ko, aur tumhain din raat meri iss ‘nunnhi si’ ko chodne aur iski zalimon jaisi thukkai karne ke siva kuch Soojhta hi nahin hai”. Lagata yun hai humko ki jaise tumhara deen-dharam-eemaan sabhi kuch mere ched Main ghuss kar reh gaya hai. Itna dhayan bhagwaan main lagate to tur jate kabhi ke.” “do mahine kuch Ziadawaqat to nahin hota, abhi to mai satisfied hi kahan hua hun. But i am trying ..ia am trying to get the Best out of yu…i love yu komal…i love yu .” that’s the best i could manage to say at that moment. I knew i Was overdoing it but i simply could not help it. Every fuckk was a sweet journey. Every fuckk was a new Discovery to a new-next-fuckk and every fuckk yelled out loud every fuckking time …more….more…. More….of that delicious little pussy of yours komal. Haaaaaeeyyy…..yu are the best my love, yu are the Finest yu are the tightest..yu are the juciest. Aaahhhhh….yu are the godess of sweet fuckks.

Par vo to ek hi saans main bolti hi jaa rahi thi aur mai ose payaar se oska most inviting figure dehey jaa Raha tha, aur mun main soch raha tha ki, agar ub ye dene kr liye haan kar de to main kaise aur kis position Main isey chodooga. Aur kitna tikka ke aur kitni der tak chodoonga. I had this bad habit of timing myself on my every tripp.

“sachh-muchh please…. Mujhey pehle tum yeh baat bata do ki tum aadmi ho ya ki choot ke chumm-gaadard…? Chodtey ho, phir chaat-te ho phir, phir chodte ho phir, phir chaate ho, aur oopar se mujhe bhi apna lunnd Chaatne Aur choosne choovane par majboor kar ke rakh diya hua hai. I am just fuckking helpless, as helpless Sheerly could be. Kaya bore nahin ho jaate tum unnder bahir unnder baahir kurke iss toofaani kism ke Lode ko mere inexperienced centrifugal tight chaid main ?? Kuch mera bhi to khayal karo na ki muj par kya Beet rahi hai do-do gunte tak tukk-dhinna-dhinn tukk-dhinna-dhinn, nahin bardasht kar sakti hun main”. Main yeh sab gardan neeche jhuka kar badi hi sharafat se sunta ja raha tha sunta hi ja raha tha kyonki Mai ose offend nahin karna chahta tha. Nahin to meri agli chudaai ke liye vo naa-nukkar karti saaf dikhai Pad rahi thi. I was fully worried. Aur yahan mere lunndd ka meri darling komal ki choot ke liye bura hi Haal hua hua tha. Vo ruki nahin oska fuckking gila jaari raha.

” aur kal tumhari office main chutti kya ho gai…. Tumne saara din… Mujhey kum se kum 22-23 aasunn create Kar kar ke kitni zubardast beidardi se systematically chod daala. Ye bhala koi baat hai…? Mere muh ko Yun choda, khoda , dono ankhain band kar kar ke, jaise kisi saadhu ki samaadhi hi lugg gai ho. Mera muh Aur jubbrdey abhi tak dukh rahe hain. Aur bhala mere mummon ne tumhara kya bigada tha.. Jo onn Beicharon ko bhi thokk thukka diya. Koi jagah khaali chodi bhi hai..?” ” abhi tak, i mean aaj tak kitna Tarsa rahi ho…gaand kahan di hai tumne ub tak?? Maine gila kiya. Gaaaannnddd……??? Just forget about it ..just forget it. Mujhey tumhari sabhi harkatain ajeeb lagti hain. I hate it jub, aakhir main tum , Ungraizon ki taraha, chhee…chhee…cheee….,,, mere sare mooh par hi poorch.. Pirrch… Poorrrch…..poorrrch…..poorrrch….. Karke.. Chutte hi chale jate ho——chutte hi chale jate ho?? Mere Sare muh ka libb-libate libbla-boo Bana dete ho. Bhala kahan ki sharafat hai yeh bhala? “khaan paan hindusstani aur choddann-voddann enlishtaani???? Ghinn aati hai mujhe. Aur kal ka saara barsaati din tumne mujhe sirf choda hi nahin, Aadhe se ziada kok-shaastra and kaamaashooootra meri saaari-body and bhosdi-par buri taraha se Implement kar dia. Maine kuch kaha…..?? Maine na kahi ?? Jaanwaron ki taraha ghodi kuttiya aur na Jaane kya kya ban kar chudwati rahi paseene se luthh-pathh ho kar tumhare unsatiated punisher se. Mai To soch rahi thi ki tum movie dikhane le jaaoge par tumhain meri choot chodne se phursat mile tubb Naaa….?????? Sirf tumhari khushi ke liye main apni gaand tukk chuttva li.
Adhikk bolne wali aurton ko bhala kahan koi rok sakta hai. Jab tak dil ki poori bhadaas na nikaal Lain tab tak they are fully immpossible. Mai soch raha tha ki chupp rehne main hi bhalai hai nahin to choot Area par kurrfew laga diya jayega phutt se …haaaan!!! Kal raat phir do baar tumne kitni zor zor se aur kitni berehmi se meri dono taangon ko Upne kunn-dhon par rukh kar k, apne oss inn-tolerably-huge bhookhey and bhukkhard kisam ke lode se Meri, ‘paseene se luthhpathh kar dene wali’ khoon-khaar kism ki chhudaai kari daali. Maine kitni Minnat kari kitna manaya lekin tum nahin maane jab tak mai chutt-chutt kar adh-mari nahin ho gai. Meri Kamar ka makkoo bundha hua hai iss waqt aur meri taangain bhi bahut hi dukh rahi hain. Abhi abhi Othh kar bengay aur iodex dono ko mix karke saare shareer par aur apni choot ke chaaron aur laga kar Hati hoon.

Tumhain rehem nahin aata mujh par, mai bhi human being hun aakir…. Koi chuddai karvane ki machin nahin Hun. Itna keh kar komal ne jhuttke se apna hath, jisme ki maine apna early mornning-fresh-and-erect- Lunndh pakda rakkha tha, mere se jabardasti chuddvaya aur voh bhaag kar kitchen main chali gai. Mai Apne hath main ub apna lunnd pakad kar khada ka khada reh gaya. Ghusse me main burd-burdaya, “aurton ko Bade lunnd ki itni kamna hoti suni hai shaadi se pehle ki vo bhagwaan se pooja kar-kar-ke bade, mote and Taqatwar lode ki bheekh maangti hain, aur ek yeh hamari baighum hain ki inhain lunnd ki koyi value hi Nahin reh gai hai.” itna keh kar mai baathroom main nahane ke liye chala gaya. Garam garam pani se nahate Hue maine neeche jhukk kar pane lunnd ko dekha, ” teri kismat hi aisi hai bhaiyaa…. To mai kaya karoon….? Maine to socha tha ki shaadi ke baad subha dopeher and shaam, kum se kum, teen chaar baar to din main Liya hi karooonga jee bhar-ke. Aur ek yahaan yeh hain ki inko in kaamon main koi dill-chusspi hi nahin Dikhai deti hai. Jub bhi dekho yehi baat dohraati rehti hain ki i love you very much, but iss kaam ke liye Tumhain do teen shaadian aur karni padaingi”.
Actually maine jab apne lunndh ko ghour se aur ghoor kar dekha to mai bhi sochne pe majboor ho gaya ki Yeh baichari abla-naari bhi kaya karey mai hi ghalat hoon…gadha hoon. Kya ghalat kehti hai ye. Ek to yeh hai ittna mota, doosrey ittna lummba, teesrey 2-2-3-3-ghunte lagataar chodne ka fuckking stemna…?? May be i am the one who is to be blamed. She is not a baichari gadhi after all. She is my lovely wife and there Is whole life to fuck her. What is the rush. But then offf….she is so beautiful and so fuckking sexy. What can i simply do? I am simply helpless. I love her, i love my wife I love her. I love her…..!! I was uttering these words nonstop while drying myself with a towel. I came Out of the bathroom all nude and went straight to the kitchen. My favourite part of her body, her most volupptuous gaand was facing me and i went exactly behind her and yelled,” peeka-boooo,” while poking my More than half-erect-cock in her well developed soft soft warm, my favourite ass. She quickly turned back and while showing Her angry eyes to me dragged me by my dickk and brought me straight to the breakfast table,”sit Here, just sit here. The breakfast is ready you hungry man. She was smiling at my baby-like obedience. It’s Been only two months since then i think you are keeping me underfed and mostly staarving….i complained While pressing her beautiful breasts with my both hands. She pulled my hands away and put it on my dickk again,”didn’t i say the Omlette is getting cold..?

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