पढ़ाई पढ़ाई में भैया से चुदवाईं 2015

दोस्तेो आज मैं आप लोगों को अपने जीवन की एक सच्ची घटना सुनाने जा रहा हूँ ।  आप इस घटना को पड़ने के बाद खुद ही समझ जाओंगे कि इस बात मैं कितना  दम हैं ।  मेरा नाम गौरव है , और मैं 21 साल  का हूँ । मेरा लण्ड 6 ईन्च लम्बा और 2 ईन्च मोटा है । मैं बचपन से ही पड़ाई मैं होशियार हूँ ,और मेरी इस योगयता की वजह से मेरे को चूत नसीब हुई और नही भी । तो जानिए कैसे —

मैं जयपुर मैं रहता हू । और मैं 20 साल का हों गया हूं ,लेकिन अभी तक मैं हिला हिला के काम  चला रहा हु । मैं हमेंशा सोचता था कि मेरे को चूत कब नसीब होगी । आखिर मेरे भी अच्छे  दिनो की शुरुवात हो गई । मेरे पड़ोस मैं एक बहुत ही सैक्सी लड़की रहती हैं, उस का नाम ज्योति है  , वो 18 साल की है , वो अधिकतर टाइट जीन्स और टी-शर्ट पहनती है । उस का फिगर बिलकुल फिट है ,और उस के बोबों का साइज भी मीडियम है , और टाइट भी । बट उस की गांड बड़ी थी , मैं तो हमेंशा उस की गांड को याद कर कर के मुठ मरता रहता था । कॉलोनी मैं सब को पता है कि मैं पड़ाई मैं होशियार हूँ, बस एक दिन ज्योति कि माँ मेरे पास आई और मेरे से कहा —
ज्योति की माँ – बेटा गौरव ज्योति इस बार 12 वी क्लास मैं आ गयी है , और उस की इस बार बोर्ड की एग्जाम हैं । तो तू ज्योति को मैथ का टूशन करवा दे । तू बोलेंगा उतने पैसे दे दूंगी । 
(ये सब सुन कर मेरी तो बल्ले बल्ले हो गई , और मैं ज्योति को चोदने के सपने देखने लग गया । मैने ऑन्टी को हां कर दिया ।)
अगले दिन ज्योति स्कूल के बाद मेरे पास टूशन पड़ने आ गई , उस के टाइट बोबों और गांड को देखकर मेरा लंड पेंट फाड़ने को तैयार हो गया । अब मैं और भी ज्यादा सपने देखने लग गया । लेकिन उस कामिनी के एक वर्ड ने मेरा सपना चूर चूर कर दिया । वो बोली —
ज्योति — भैया किस चैप्टर से स्टार्ट करोगे । !!!!!!!!!!!!!!
( ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरे लण्ड पर लात मार दी हो , अब मेरा दिमाक ख़राब , मैं बोला )
गौरव (मैं खुद ) – देख ज्योति यहा पर कोई किसी का भैया नही है , तू स्टूडेंट है और मैं तेरा टीचर , ऐसा बोलते हुए मने उस की जांघ पर हात रख दिया । उस ने झट से मेरा हात हटा दिया और बोली ।

ज्योति — भैया मैं यहा पर पड़ने आयी हु , और आप मेरे को पढ़ाओ (मेरी तो इक बार गांड फट गई )
फिर मने उस को पड़ना शुरू कर दिया , और बहुत अच्छा पढ़ाया । वो मेरी नॉलेज को देख इम्प्रेस हो गई , और जाते जाते बात बोल गई 
ज्योति —  वैसे आप का माइंड पढ़ाई के साथ साथ उन कामो मैं भी चलता है , तो मैं चलती हु जी भैया ( लेकिन इस बार उस की बातो मैं मज़ाक था ।  मने भी उस की गांड पे धीरे से मारी और कहा ठीक है  कल मिलते है ‘ वो हस्ते हुए चली गई । ( अब क्या था मने रात भर उस को याद कर कर के खूब मुठ मारी )
अगले दिन वो वापस पड़ने के लिए आ गई । उस ने वाइट कलर की टी – शर्ट पनह रखी थी जिसमे से उस के निप्पल साफ़ साफ़ दिख रहे थे । और उस के गाण्ड हये!!! वो तो बोम्ब थे । मने भी आज पजामा पेनेह रखा था । तो मेरा लंड उस को देख कर खड़ा हो गया । ज्योति की नज़र मेरे लंड पर पड़ चुकी थी लेकिन वो अनजान बन रेहि थी । वो मेरे बगल मैं आकर बैठ गई और हमनें पढ़ाई शुरू कर दी । अब ज्योति के चूत मैं भी खुजली होने लग गई थी । वो किताब मैं सवाल देखने के बहाने आगे झुकती और उस के बोबे मेरे हाथ को बार बार छु रहे थे । मने जोर से बोला हे प्रभु कब मिलेंगी तो ज्योति बोली – “समझदार को इशरा ही काफी है” 
बस फिर क्या था मैं समझ गया , और मने अपना हात उस के बोबो पर रखा और जल्दी से हटा दिया । वो बोली और कितनी हिंट दू आपको भैया ( और हँस पड़ी ) बस  अब मने कॉपी – किताब साइड मैं रख दी और ऊस को पलंग पर लिटा दिया।  सब से पहले मने उसे जी भर के कीस किया । फिर उस की टी – शर्ट  उतार दी , फिर !!!!!!! उस के बोबे देख कर तो मैं पागल ही हो गया मोटे मोटे बोबे ओर उन पर पिंक पिंक निप्प्ल्स आह्ह उन को चूसने मैं मज़ा ही आ गया अब मैं उस के बोबो को जोर जोर से मसल रहा था और उस की चूत मैं ऊँगली भी डाल दी , उस की चूत ने पानी छोड़ दिया । 
ज्योति — अब आगे भी बड़ो भैया हमारे पास पूरा दिन नही है 
बस फिर मने अपना लंड निकाल दिया मने उसे लंड मुह मैं लेने को कहा बट उस ने नही लिया । तो मने अपना लंड उस चूत पर रख दिया ओर ज्योति बोली भैया धीरे धीरे डालना मने बोला ठीक है जानू । मने लंड उस की चूत पर रखा और धीरे से धक्का दिया वो चिल्लाई आईईईईईईईईई और हट गयी , बोली भैया दर्द हो गया अब  कल करवा लुंगी । अब मैं क्या करता मने कहा बस एक बार और लगा लेने दे । बड़ी मुश्किल से वो मान गई । अब मने अपने लंड पर तेल लगाया और उस की चूत पर रख दिया । और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा। ज्योति अब बहुत गरम हो गए थी , उस ने कस कर मेरे को पकड़ रखा था । बस मने एक जोर से झटका  लगाया और लंड पूरा चूत के अंदर । ज्योति जोर से चिल्लाई आआआआआ। ।मने  तुरंत उस के मुह पर तकया रख दिया । थोड़े देर मैं वो चुप हो गयी  और अपनी चूत को देखने लगी । उस की चूत अब फट  चुकी थी और खून बह रहा था । 
फिर मने वापस उसे किस किया बोबे दबाएँ और फिर से उस को  गरम  कर दिया । अब मने फिर से अपना लण्ड ज्योति की चूत मैं घुसाया और खूब चोदा उसे भी बहुत मज़ा आया। मने ज्योति को अपने दोस्तों से भी चुदवाया ।  अब हम सप्ताह मैं २ या 3 बार चुदाई करते है तो हो गया ना पढ़ाई पढ़ाई में भैया से चुदवाईं 
अगर इस घटना ने आप का लण्ड खड़ा कर दिया है तो कमेंट करें और हम को सपोर्ट करे । धन्यवाद  

teg- bhaya se chut marwaye
     – chut ka bhosda, lund or chut

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