दो आंटियां चुद गई – [भाग 2]

शंकर, रमोला और श्यामा तीनो चुदासी हुए थे और चुदाई कार्यक्रम में अब चूत चुदाई का आरम्भ होने को ही था. शंकर को झिझक थी की पहले वो किस के बुर में अपना लौड़ा देंगा. एक तरफ मालिकिन रमोला थी और दूजे और श्यामा की मखमली जवानी. लेकिन तभी रमोला ने शंकर की झिझक को दूर कर दी.

“श्यामा तू ले पहले इसका लौड़ा अपनी चूत में.” रमोला ने श्यामा की और देखते हुए कहा.

जैसे किसी प्रांत की सल्तनत मिल गई हो वैसे ख़ुशी के भाव श्यामा के चहरे पर थे. उसकी चुदासी चूत चुदवाने को तत्पर थी. उसने शंकर के लौड़े को हाथ से मरोड़ा और फिर टाँगे फैला के लेट गई. शंकर अपने लंड को एक हाथ से पकडे हुए इस चुदासी आंटी की टांगो के बिच में आ खड़ा हुआ. रमोला ने निचे झुक के शंकर के लंड को फिर से चूस के गिला किया. फिर उसने श्यामा की चूत को दो उँगलियों से खोला. चूत के ऊपर लौड़े को सही सेट कर के उसने रख दिया. अब शंकर को कुछ कहने की जरुरत ही नहीं थी. उसने एक झटका मारा और अपने लंड को श्यामा की चूत की गली में धकेल दिया. श्यामा को लंड के झटके की भारी पीड़ा हुई, भला बड़े लंड से चुदने में सब कुछ आसान तो नहीं होता.

रमोला श्यामा के चहरे के दर्द को भांप गई. और फिर वो अपने भोसड़े को उसके मुहं पर रख के बैठ गई. श्यामा रमोला के भोसड़े के दाने को अपने मुहं में लगा के चाटने लगी. इधर शंकर ने लंड को चूत की गहराई में धकेल के अंदर बहार करना चालू कर दिया था. उसका लंड मंद मंद गति से चूत को चोद रहा था. चुदाई के हरेक झटके में श्यामा को पीड़ा हो रही थी. लेकिन उसे आज से पहले इतना ज्यादा मजा भी कभी नहीं आया था. वो आह आह कर के चुद रही थी और साथ में रमोला की चूत को चाट रही थी.

तभी शंकर के लौड़े ने स्पीड पकड ली. अब वो लंड को जोर जोर से इस चुदासी आंटी की चूत में ठोक रहा था. श्यामा के तो होश ही उड़ गए थे. लंड का सुपाड़ा जब अंदर बच्चेदानी से टकराता था तो उसे बड़ा ही सुख महसूस होता था. और दो मिनिट में ही उसकी चूत झड़ गई. शंकर ने लंड बहार निकाला, जिसके ऊपर चूत का पानी और चिकनाहट लगी हुई थी. रमोला फट से खड़ी हुई और उसने लंड को चाट लीया. श्यामा के चूत के पानी का स्वाद उसे बड़ा मस्त लगा.

शंकर ने अब रमोला की वही कुतिया बना के बिठा दिया. उसने अपने हाथ से चूत पर थूंक लगाया. रमोला ने घुटनों के बल सही पोजीशन बना ली लंड लेने के लिए. शंकर ने लंड को चुदासी हुई चूत पर रख के एक झटका दे दिया…!

“अह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह सीई श्ह्ह्हहह्ह्ह्ह……!” रमोला के मुहं से निकल पड़ा लेकिन उसे लंड चूत में लेने में बड़ा मजा आ गया.

शंकर ने रमोला के बाल पकडे और वो उसकी चूत में अपने लौड़े को जोर जोर से धक्के देने लगा. शंकर का लंड रमोला की चूत के चप्पे चप्पे से वाकिफ था इसलिए उसे पता था की कब स्पीड बढानी हैं और कब कम करनी हैं. उधर रमोला भी लम्बी चुदाई की दीवानी थी. उसे बखूबी पता था की हर दूसरी मिनट पर उसे लंड को हिलने से रोकना हैं ताकि शंकर निढाल ना हो जाए. और इसलिए वो हर दुसरे मिनिट अपनी गांड को हिलाना बंध कर देती थी. शंकर अब रमोला मेमसाब की गांड पर चमाट लगा रहा था और उसके ऊपर मस्त चढ़ाई कर रहा था.

श्यामा ने सिगरेट सुलगा ली थी और वो अब लंड लेने के लिए जगह ढूंढ रही थी. वो शंकर के पास आई और सिगरेट उसे दे दी. शंकर ने चोदते चोदते सिगरेट का कश लिया औ धुंए को श्यामा के मुहं पर ही छोड़ दिया. रमोला ने भी चुदते चुदते धुँआ मुहं से निकाला. सिगरेट को यह तीनो ने आधी मिनिट में ही फूंक डाली!

तभी श्यामा ने शंकर का लंड हाथ से पकड़ा और उसे चूत से निकाल लिया. शंकर के लौड़े को वो अब चूसने लगी थी. कुछ देर चूसने के बाद उसने लंड को छोड़ा और शंकर ने उसे फिर से अपनी चुदासी मेमसाब की चूत में डाल दिया.

पूरी १० मिनिट और रमोला शंकर ससे चुदती रही. अब वो भी निढाल हो गई थी. शंकर ने लंड निकाला और श्यामा अब उसके सामने कुतिया बन गई.

“मेडम पिछवाड़े में डालूं क्या?” शंकर ने लंड को सहलाते हुए कहा.

“अरे नहीं मारना हैं क्या मुझे, बहुत दर्द होता हैं..” श्यामा को गांड नहीं मरवानी थी.

“श्यामा, करवा ले. मजा आयेंगा पीछे लेने में. शंकर को बड़ा अनुभव हैं गांड मारने का भी..!” रमोला सोफे पर नंगी बैठे हुए बोली.

“लेकिन आराम से करना बाबा…!” श्यामा ने कुल्हें फाड़ते हुए कहा.

शंकर ने निचे झुक के श्यामा के गांड को अपनी जबान से चाटा. श्यामा को लगा की वो सातवें आसमान पर हैं. वो आह आह करने लगी. तभी शंकर ने लौड़ा सेट कर के एक ही झटके में आधा अंदर कर दीया.

“उईई….ओह ओह माय गॉड…” श्यामा की गांड जैसे की फट सी गई थी.

“टेक इट बेबी…!” रमोला हंस के बोली.

शंकर ने अब एक झटका और दिया और लंड को पूरा अंदर किया. श्यामा को लगा की जैसे गांड में सलिया घुसेड दिया हो किसी ने.

वो आह आह कर के कराह रही थी.

दो मिनिट लंड गांड में ऐसे ही रखने के बाद अब शंकर उसे आगे पीछे करने लगा. श्यामा को अब मीठा मीठा दर्द हो रहा था. वो अभी भी कराह रही थी लेकिन.

यह चुदासी आंटी की गांड चुदाई का कार्यक्रम चल ही रहा था की दरवाजा खुला.

“ओह माय गॉड, व्हाट यु गाइस आर अपटू…!” रमोला की बेटी डोली ने मुहं पर हाथ रखते हुए कहा.

सभी के चहरे सुन्न थे सिवाय शंकर के. वो तो जैसे कुछ नहीं हुआ हो वैसे ही श्यामा की गांड को पेल रहा था….!

आगे की कहानी में डोली चुदती हैं या नहीं वो पढना ना भूले…!

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