आंटी की चूत का तोहफा – [भाग – 1]

विकी का मेसेज आते ही स्वीटी आंटी सजने लगी थी. होंठो पर हलकी सी लिपस्टिक और नाइटी पहन के वो अपने घर के गार्डन में बैठ के अख़बार पढ़ रही थी. उसकी नजर बार बार गेट की और जाती थी जिधर से विकी आने वाला था. विकी आंटी की सहेली का बेटा था जिस के पास आंटी चुदवाती थी. आंटी की चूत में खुजली हुई थी क्यूंकि पिछले दो हफ्ते से विकी आया भी नहीं था. लास्ट बार दोनों की बात तब हुई थी जब विकी आर्मी की ट्रेनिंग के लिए पूना जा रहा था.

दस मिनिट के बाद विकी की बाइक आई. विकी के पीछे एक 19 साल का लड़का भी बैठा था. विकी ने अपने गोगल्स हटाये और आंटी उसे देख के खडी हुई. विकी ने गेट खोला और वो अंदर घुसा. पीछे वो लड़का भी अंदर आ गया. आंटी उस लड़के को ऊपर से निचे तक देखने लगी.

ये मेरे अंकल का बेटा हैं अनिल.

हेल्लो बेटा अनिल.

हेल्लो आंटी, कैसे हैं आप.

विकी ने आंटी को कहा, चलिए अंदर चलते हैं.

आंटी ने इधर उधर देखा और दोनों लडको को ले के अंदर घुसी. अंदर आके उसने घर का दरवाजा बंध किया. कामवाली सुषमा को तो उसने पहले ही दो घंटे के लिए भेज दिया था जब विकी की कॉल आई थी.

अंदर सोफे पर बैठते हुए विकी बोला, मेरी ट्रेनिंग ख़त्म हो गई हैं आंटी. मेरी पोस्टिंग बांग्लादेश बोर्डर पर हुई हैं और मैं परसों निकल रहा हूँ जाने के लिए.

ओह बाप रे यह सब इतनी जल्दी कैसे हो गया?

आर्मी वाले फास्ट होते हैं आंटी जी.

आंटी की नजर में विकी को दुःख साफ़ दिख रहा था. आंटी दोनों के लिए पानी लेने के लिए गई. वही से उसने विकी को आवाज लगाईं.

विकी, अंदर आना जरा.

आया आंटी.

विकी उठ के आंटी के पास गया. आंटी ने उसका हाथ पकड के एक साइड में खिंचा और बोली, अरे इतनी जल्दी कैसे जाना हुआ तेरा विकी.

आंटी जॉब हैं जाना तो पड़ेगा ना.

मैं क्या करूँगी यार?

इस लौंडे को आप के लिए तो लाया हूँ यार.

आंटी ने चौंक के विकी की और देखा.

दोस्त हैं अपना, काफी दिन से कह रहा हैं की चुदाई का जुगाड़ करो कुछ मेरा.

आंटी ने विकी को कहा, अरे मुझे रंडी बनाएगा क्या?

आंटी दोस्त हैं अपना, लंड भी मजबूत हैं साले का. आप के मिलने से पहले हम दोनों कितनी बार होटल में लडकियों को साथ में चोद चुके हैं.

तूने मेरे बारें में क्या बताया हैं अपने दोस्त को?

आज ही सब बताया हैं आंटी. मैं जाने से पहले आप के लिए कुछ करना चाहता था आंटी. मैं जानता हूँ की अंकल गे हैं और आप की प्यास डबल हैं. लड़का शर्मीला हैं किसी को कहेगा भी नहीं. आप को प्रॉब्लम हो तो मैं मना कर दूँ.

बड़ा लंड हैं ना उसका भी? तेरे जितना हैं?

विकी हंस पड़ा और बोला, मेरे से भी लम्बा हैं आंटी. अभी आप को दिखायेगा वो.

आंटी हंस पड़ी और विकी वापस सोफे की और आ गया.

कुछ देर में आंटी हाथ में शर्बत की ट्रे ले के आई. विकी ने एक ग्लास अपने साथ आये हुए लड़के को दिया. यह लड़का जीतेन्द्र था जो विकी का दोस्त था. विकी ने दूसरा ग्लास उठा के खुद पिने लगा. विकी ने तिरछी नजरो से देखा ki आंटी निचे झुक के जितेन्द्र को अपनी बूब्स की गली दिखा रही थी. विकी समझ गया की आंटी जीतेन्द्र पर डोरे डाल रही हैं. विकी ने धीरे से अपनी टांग जितेन्द्र को मारी और जीतेन्द्र मुछो में ही हंस पड़ा. जीतेन्द्र आंटी के बूब्स देख रहा था.

विकी ने आइस ब्रेक किया और बोला, कैसी लगी मेरी आंटी?

मस्त हैं आंटी तो.

आंटी ने मुहं खेल के अपना हाथ उसके ऊपर रख दिया, जैसे की वो शर्मा गई थी.

विकी ने आँख मारी और बोला, आंटी बिना कपड़ो के और भी हॉट लगती हैं. तू देखेंगा तो पागल हो जायेगा यार.

इतना कह के विकी ने आंटी की छाती पर हाथ रख दिया और नाइटी के ऊपर से ही उसके बूब्स दबाने लगा. आंटी ने हंस के जितेन्द्र के सामने देखा. वो यह सब आँखे फाड़ के देख रहा था. आंटी ने जीतेन्द्र का हाथ पकड के अपनी छाती पर रख दिया. बिना ब्रा के तो बूब्स काफी सेक्सी और लचीले थे. एक बूब को विकी और दुसरे को जीतेन्द्र दबाने लगा. आंटी सिसकियाँ ले रही थी और दोनों लड़के बूब्स का मर्दन करते गए. विकी का लंड खड़ा हो गया था औ जितेन्द्र की हालत भी कुछ कम ख़राब नहीं थी. वो बेचारा तो आंटी की चूत और चुदाई को अब तक सिर्फ वीडियो में ही देखता था. आंटी की पतली नाइटी पर दोनों के हाथ घूम रहे थे और आंटी को भी बड़ा मजा आ रहा था. आंटी ने अब दोनों के हाथ को पकड के हटाया और नाइटी को खिंच के उतार दिया. आंटी की चुंचियां झूल गई थी और उसकी काली निपल्स कड़ी हो गई थी. विकी ने आंटी के निपल को मुह में डाला और उसे चूसने लगा. जितेन्द्र ने खड़े हो के अपनी पेंट निकाली और वो अपने लौड़े को हिलाने लगा.

आंटी की नजर जीतेन्द्र के लौड़े पर पड़ते ही वो खुश हो गई. उसका लंड सच में विकी से लम्बा था. आंटी ने अपना हाथ लम्बा कर के लंड को हाथ में लिया, जीतेन्द्र को बड़ा अच्छा लगा अपने लौड़े पर स्त्रीस्पर्श पा के. आंटी की चूत भी पानी छोड़ने लगी थी और वो जितेन्द्र के लंड को जोर जोर से हिला रही थी.

विकी से अब रहा नहीं गया. उसने आंटी की पेंटी खोल के चूत को खोल दिया. आंटी की चूत बिना बाल की और सेक्सी थी. आंटी ने अपनी टाँगे खोली और विकी ने चूत में मुह में रख दिया. आंटी की चूत को वो जोर जोर से चाटने लगा. आंटी ने अब धीरे से जीतेन्द्र का लंड अपने मुहं में ले लिया. वाऊ, ऐसा सुख तो जीतेन्द्र को अभी तक सपने में भी नहीं मिला था. उसकी आँखे बंध हो गई और आंटी उसके लौड़े को जोर जोर से मुह में भर के चूसने लगी थी. विकी अभी भी आंटी की चूत में मुह लगाये हुए था…!

आंटी की चूत की चुदाई की बातें आगे के भाग में जरुर पढ़े!

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