सेक्सी भाभी के साथ चुदाई का सिलसिला

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आदित्य है और में जयपुर का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 29 साल है, में मैकेनिकल इंजिनियरिंग ग्रेजुएट हूँ और एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करता हूँ. यह स्टोरी मेरी और मेरी भाभी के बीच की है, उनका नाम भावना है और उनकी उम्र 31 साल है, गोरा कलर, हाईट 5 फुट 3 इंच और फिगर साईज 36-25-36 है. अगर एक तरफ उनकी चूचियाँ क़यामत थी तो दूसरी तरफ उनकी गांड किसी को भी ललचाने पर मजबूर कर सकती थी. फिर भला में क्या चीज़ था? जो उनके जादू से बच पाता.

अब में बस किसी मौके की तलाश में था. फिर जैसे ही मुझे मौक़ा मिला तो मैंने ना सिर्फ़ भाभी को चोद दिया, बल्कि चुदाई का एक ना ख़त्म होने वाला सिलसिला शुरू कर दिया.

अब में भाभी को कई बार कपड़े बदलते हुए या नहाते हुए देख चुका था, मगर भाभी की तरफ से पहल ना करते हुए मेरी जान जाती थी. फिर मुझे भाभी को रिझाने के लिए एक तरकीब समझ में आई. भैया अक्सर घर पर नहीं होते थे, वो एक मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करते है और अक्सर टूर पर बाहर जाते रहते है. अब जब भैया घर पर नहीं होते थे तो में अक्सर अपने कमरे में सेक्सी किताब टेबल पर रख देता और फिर जब भाभी मुझे जगाने के लिए आती तो उन्हें वो किताब नज़र आती थी.

फिर एक दिन जब मेरी आँख खुली तो मैंने भाभी को एक सेक्सी किताब देखते हुए देखा. फिर भाभी ने मुझे देखा तो कहा कि कुछ नहीं और मुस्कुराती हुई चली गयी.

उसके बाद भाभी मुझसे करीब से करीब होती चली गयी. अब जब भी वो मेरे रूम में आती तो अक्सर उनका दुप्पटा उनके सीने पर नहीं होता था तो कभी उनकी क़मीज़ का गला काफ़ी खुला होता था और वो मेरे सामने काफ़ी झुक जाती थी, जिससे मुझे उनके बूब्स साफ-साफ़ दिखाई देते थे, वो कभी-कभी कोशिश करती थी कि मेरे ज़्यादा करीब बैठे और अपना जिस्म मेरी बॉडी से टच करने की कोशिश करती थी तो कभी पीछे से मेरे इतना क़रीब आ जाती थी कि उनके बूब्स मेरी पीठ पर लगते थे. अब में भाभी की फिलिंग को समझ रहा था, लेकिन में चाहता था कि भाभी खुद कोई क़दम उठाए. फिर आख़िरकार वो दिन भी आ ही गया, जब भैया अपने टूर पर गये थे.

अब में सुबह उठकर नहाने की तैयारी कर रहा था. अब मैंने अपने कपड़े उतारकर एक टावल लपेट रखा था, जिससे मेरा लंड बाहर निकल रहा था. फिर भाभी किसी काम से मेरे रूम में आई तो पहले मेरे लंड ने उन्हें सलामी दी. फिर मैंने घबराकर अपने लंड को टावल में छुपाने की कोशिश की. तब ही भाभी ने किसी बहाने से अपने हाथ में पकड़े हुए कपड़े गिरा दिए और उन्हें उठाने के लिए झुकी, तो ना सिर्फ़ वो अपनी गांड मेरे लंड से रगड़ती हुई ले गयी, बल्कि अपनी गांड से मेरे लंड को थोड़ा सा दबा भी दिया.

अब मेरे तो तन बदन में एक करंट सा दौड़ गया था. फिर मैंने यह मौक़ा सही समझते हुए भाभी को पीछे से पकड़ लिया और किस करने लगा. फिर मैंने बोला कि हम तो कब से इसी इंतज़ार में थे कि मौक़ा मिले और भाभी की चुदाई करे.

फिर पहले तो भाभी ने कुछ नहीं कहा और फिर अपने आपको छुड़ाते हुए कहा कि क्यों इतने बेताब हो रहे हो? थोड़ा इंतज़ार करो, में अभी आती हूँ और फिर जो जी चाहे कर लेना और सेक्सी स्माईल देते हुए अपने रूम में चली गयी, लेकिन अब मुझसे कहाँ इंतज़ार होता? फिर में भी भाभी के उनके पीछे-पीछे रूम में आ गया और उनको पीछे से पकड़ लिया.

भाभी मुस्कुराते हुए बोली कि अब तो बड़ा जोश दिखा रहे हो, इससे पहले तो पागल बने हुए थे, आख़िर मुझे ही कुछ करना पड़ा. अब में भाभी के बूब्स को उनकी क़मीज़ के ऊपर से सहला रहा था. फिर जब मैंने उनकी कमीज उठानी चाही तो उन्होंने मुझे रोक दिया और कहा कि थोड़ा सब्र करो, अपने रूम में जाओ और नहा धोकर फ्रेश हो जाओ, में अभी एक घंटे में आती हूँ.

में अपने रूम में आ गया और सोचने लगा कि क्या आज वाक़ई में वो खुशक़िस्मत दिन है? जिसका में इंतज़ार कर रहा था. फिर 1 घंटे के बाद भाभी मेरे रूम में आई तो में उन्हें देखकर हैरान रह गया. उन्होंने कॉटन का सफ़ेद सूट पहना हुआ था और हल्का-हल्का मेकअप किया हुआ था और मदहोश कर देने वाली खुशबू से उनका जिस्म महक रहा था. अब भाभी बड़ी सेक्सी लग रही थी.

फिर वो मेरे क़रीब आई और मेरे गले में अपनी बाहें डालकर मुझे अपनी तरफ खींचा, तो अब में उनके बूब्स को अपनी छाती पर महसूस कर रहा था.

उन्होंने मेरे होंठो पर किस किया, तो मेरे पूरे जिस्म में एक करंट सा दौड़ गया. फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी गांड पर फैरना शुरू किया और हमारी किसिंग क़रीब 10 मिनट तक जारी रही.

अब मेरा लंड मेरे बस में नहीं था. फिर मैंने भाभी की क़मीज़ उतारना चाही तो उन्होंने कहा कि इतनी भी क्या जल्दी है? सब्र करो. फिर तुम वो सब कुछ देख सकोगे, जिसकी चाहत में तुम कितनी ही बार हस्तमैथुन कर चुके हो, में सब जानती हूँ कि तुम मुझे देख देखकर हस्तमैथुन करते रहे हो.

उन्होंने अपनी क़मीज़ बड़े ही सेक्सी तरीके से उतारी. अब उनके रस भरे बूब्स ब्लेक ब्रा में कैद थे और अब में यह देखकर हैरान रह गया था कि उनकी सलवार में नाड़े की जगह इलास्टिक थी.

फिर उन्होंने अपनी सलवार पीछे से थोड़ी सी सरकाई और बेड पर लेट गयी और अपनी टागें ऊपर उठाकर सेक्सी स्टाईल में अपनी सलवार भी उतार दी और फिर उठकर थिरकते हुए अपनी ब्रा भी उतार दी. अब भाभी मेरे सामने बड़े सेक्सी पोज़ में बिल्कुल नंगी खड़ी थी, वो हमेशा से ज़्यादा सेक्सी और खूबसूरत लग रही थी, हालाँकि मैंने कई बार उन्हें नंगा देखा था.

उन्होंने मुझसे पूछा कि में कैसी लग रही हूँ? मेरे बूब्स कैसे है? मेरी गांड कैसी लग रही है? मैंने कई बार तुम्हें अपने बूब्स और गांड को घूरते हुए देखा है, में तो बहुत पहले ही समझ गयी थी कि तुम्हारी नियत मेरे बारे में ठीक नहीं है. अब जिस वक़्त वो यह बातें कर रही थी तो वो लगातार अपने बूब्स को भी सहला रही थी.

फिर भाभी मेरे क़रीब आई और मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरी जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड पर अपना हाथ फैरने लगी और फिर उन्होंने मेरी जीन्स भी उतार दी और अपने नर्म मुलायम हाथों में मेरा सख़्त लंड थाम लिया. फिर मैंने उन्हें अपनी बाहों में भर लिया और उनके होंठो पर अपने होंठ रख दिए. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने उनके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया.

अब में उनका एक बूब्स चूस रहा था तो दूसरे बूब्स को अपने हाथों से सहला रहा था. अब भाभी मेरे बालों में अपना हाथ फैर रही थी और अब उनके मूँह से ऊऊहह आआआआआआअहह उूउउऊऊऊहह उफफफफफफफफफ्फ़ जैसी सेक्सी आवाजे निकल रही थी. फिर मैंने भाभी के बूब्स को दबाते हुए कहा कि भाभी आपके बूब्स बड़े ही शानदार और रसीले है और आपकी निपल्स तो बड़ी ही सख़्त, मजेदार और मीठी है. फिर भाभी ने मुझे सेक्सी स्टाईल से देखा और अपनी आँखे बंद कर ली, भाभी उस वक़्त फुल हॉट और सेक्सी हो रही थी.

अब में अपनी जीभ भाभी के बूब्स पर से हटाकर उनके नर्म और मुलायम पेट पर फैरने लगा था और फिर धीरे-धीरे भाभी की जांघे भी मेरी गिरफ्त आ गयी थी. फिर मैंने उनकी दोनों टांगे फैलाकर उनकी चूत में उंगली डाल दी. अब उनकी चूत पहले से ही गीली हो रही थी. फिर उन्होंने मुझे अपनी चूत चाटने के लिए कहा कि आज तक किसी ने मेरी चूत नहीं चाटी है, तुम्हारे भैया अपना लंड तो चुसवा लेते है, लेकिन आज तक मेरी चूत नहीं चाटी है, प्लीज मेरी चूत को चाटो ना.

फिर मैंने कहा कि क्यों नहीं मेरी प्यारी भाभी, में आज आपकी ऐसी चूत चाटूंगा कि आप सारी ज़िंदगी याद रखेगी. फिर में उनकी गुलाबी चूत के होंठ खोलकर उन पर अपनी जीभ फैरने लगा. अब मेरी खुरदरी जीभ जब उनके चूत के दाने से टकराती तो उनके मूँह से सिसकारियाँ निकलने लगती. अब में उनकी चूत में अपनी जीभ अंदर बाहर करने लगा था और भाभी की चूत से रसदार नमकीन शहद टपकने लगा. फिर मैंने उनका सारा नमकीन शहद पी लिया और अपनी जीभ से भाभी को चोदता रहा.

अब भाभी मदहोशी में अपना सर तकिए पर इधर उधर पटक रही थी और प्लीज उूउउफफफफ्फ़ अहह ऊओह और करो तेज़ी से प्लीज़्ज़्ज़्ज़ यह तुमने कैसा जादू कर दिया है? मेरी चूत में आग सी लग गयी है, ऊऊऊहह आअहह हाययययी में मर गयी माँ, मेरी जान आहह जान प्लीज जल्दी तेज-तेज और फिर आख़री में भाभी बिल्कुल खल्लास हो गयी और उनकी चूत ने बहुत सारा नमकीन रस छोड़ दिया, जो मैंने सारा पी लिया था.

जब भाभी कुछ होश में आई तो वो उठी और मुझे गले लगाया और किस करके कहने लगी कि तुमने तो अपना काम कर दिया अब देखो में क्या करती हूँ? फिर भाभी ने मेरे लंड की टोपी पर अपनी जीभ फैरनी शुरू की और फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड अपने मुहं में ले लिया और लॉलीपोप की तरह चूसने लगी. अब भाभी मेरा लंड बहुत अच्छे से चूस रही थी.

फिर भाभी ने पहले आहिस्ता और फिर तेज़ी से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया और फिर आख़री में जब में झड़ने पर आया तो मैंने अपना लंड उनके मुहं से निकालना चाहा. फिर उन्होंने इशारे से कहा कि मेरे मुहं में ही निकाल दो, तो मैंने अपना पूरा वीर्य उनके मुँह में ही डाल दिया और वो भी एक बूँद बेकार किए बगैर सारा पी गयी और उन्होंने फिर से मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया. फिर थोड़ी ही देर में मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया.

भाभी ने कहा कि चलो असली मज़ा तो अब होगा. फिर वो बेड पर लेट गयी और अपनी दोनों टांगे ऊपर उठा दी, जिससे उनकी चूत ऊपर की तरफ उठ आई. फिर में उनके ऊपर लेट गया और भाभी ने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर रखा तो मैंने एक धक्के के साथ अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया. अब उनकी चूत पहले से ही गीली हो रही थी, इसलिए मेरा पूरा लंड बड़ी आसानी से उनकी चूत में चला गया था. अब पहले तो में भाभी को आहिस्ता-आहिस्ता चोदता रहा और फिर मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी और भाभी को सख्ती से चोदने लगा.

अब भाभी भी चुदाई का पूरा मज़ा ले रही थी और आआअहह ऊओह उउउफफफ्फ़ हहयययययए और तेज़ जल्दी प्लीज तेज़ उफफफ्फ़ ऊऊहह की आवाजे निकाल रही थी. अब उनके बूब्स हर झटके के साथ हिल रहे थे, जो एक हसीन और दिलकश नज़ारा था. फिर थोड़ी देर तक इसी पोज़िशन में चोदने के बाद मैंने भाभी को डॉगी बनाया, तो उनकी खूबसूरत और चौड़ी गांड ऊपर की तरफ उठ आई और उनके बूब्स किसी आम की तरह लटकने लगे.

मैंने भाभी की गांड पर अपना हाथ फैरते हुए अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया और उनके बूब्स पकड़कर जोर-जोर से झटके लगाने लगा. अब में भाभी को जी जान से चोद रहा था और भाभी भी चुदाई में मेरा भरपूर साथ दे रही थी. फिर काफी देर तक चुदने के बाद भाभी ठंडी पड़ गयी और अब में भी अपने आखरी सीमा पर थी. फिर मैंने भाभी से कहा कि में झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने कहा कि कोई बात नहीं तुम मेरे अंदर ही झड़ जाओ.

फिर मेरे लंड में से वीर्य का फव्वारा निकला और भाभी की चूत वीर्य से भर गयी और फिर में भी थककर भाभी के ऊपर ही लेट गया. फिर थोड़ी देर के बाद मैंने अपना लंड भाभी की चूत में से बाहर निकाला, जो कि अब वीर्य और भाभी के जूस से भरा हुआ था. फिर भाभी ने मेरे लंड को फिर से चाटना शुरू कर दिया और उसे चाट-चाटकर बिल्कुल साफ कर दिया.

फिर हम दोनों बाथरूम में गये और बाथ लिया. फिर मैंने बाथरूम में भी भाभी को चोदा और फिर हमने बाहर आकर अपने कपड़े पहन लिए. अब तो मेरा और भाभी की चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया है और अब हमें जब भी कोई मौक़ा मिलता है तो हम चुदाई करते है. मैंने भाभी को उनके घर में हर जगह और हर पोज़िशन में चोदा है और हमने एक बार तो खुले आसमान के नीचे बारिश में भीगते हुए चुदाई की है. अब भाभी भी मेरी चुदाई से बहुत खुश है और कहती है कि तुम बड़ी अच्छी चुदाई करते हो, तुमने मुझे चुदाई का सही मजा दिया है.

Related Posts