सेक्सी भाभी की चूत का चक्कर

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में जयपुर से हूँ. मेरी उम्र 32 साल है और में दिखने में स्मार्ट हूँ और मेरी हाईट 6 फुट है. ये एक सच्ची घटना है और जो मेरे साथ हुई, में बस से उदयपुर से जयपुर जा रहा था तो एक घंटे के बाद बस चित्तोड़ में रूकी.

फिर मैंने खिड़की से देखा कि एक लेडी कार से सामान लेकर उतर रही थी. फिर वो मेरी ठीक आगे वाली सीट पर बैठी, उसने साड़ी पहन रखी थी, वो लंबी थी और भरे बदन और बड़े बूब्स थे, उम्र 32 साल होगी. अब पूरे रास्ते में उसे पीछे से ही देख रहा था. फिर मैंने बात करने के लिए उससे न्यूज पेपर माँगा तो उसने बिना बोले दे दिया और अब 2 घंटे तक ऐसे ही चलता रहा.

फिर बस अजमेर रूकी, तो उसने कंडक्टर को बोलकर साईड वाली सीट ले ली. अब में भी आगे आ गया और हम दोनों अगल-बगल वाली सीटो पर आ गये थे. फिर उसने कहा कि में कुछ खाने का सामान लेने उतर रही हूँ, तो क्या आप मेरे सामान का ध्यान रख लोगे? तो मैंने कहा कि ओके. फिर वो वापस आई तो मैंने उससे पूछ लिया कि आप वैशाली नगर में रहती है क्या? मैंने आपको पहले कहीं देखा है? तो उसने कहा कि नहीं. फिर मैंने पूछा कि आप क्या करती है? तो उसने बोला कि मेरा बिजनेस गारमेंट एक्सपोर्टर्स के साथ रहता है.

फिर मैंने बातें बनाते हुए उससे कहा कि मेरा भी यही काम है, शायद मैंने आपको किसी एक्सपोर्टर के यहाँ देखा हो. फिर मैंने हिम्मत करके उससे उसके मोबाईल नंबर के लिए पूछ लिया कि क्या पता कभी काम पड़ जाए? तो उसने मुझे अपने मोबाईल नम्बर दे दिए और मैंने उसे मिस-कॉल दे दिया और हम वापस अपनी जगह बैठ गये.

अब बाकी रास्ते में उसे डायरेक्ट तो देख नहीं सकता था, तो में उसको बस की खिड़की के कांच में पड़ रही परछाई में देखने लग गया. अब 1 घंटे तक ऐसे ही चलता रहा और अब उसने भी नोटीस कर लिया था कि में उसे कांच में पड़ रहे रिफ्लेक्सन से घूर रहा हूँ.

एकदम से उसका मैसेज आया कि वैसे तुम से मिलकर अच्छा लगा, तो मैंने भी रिप्लाई दिया कि मुझे भी आपसे मिलकर अच्छा लगा. फिर मैंने वापस उसे मैसेज किया कि आप मेरी फ्रेंड बनोगी? तो उसका कोई रिप्लाई नहीं आया और अब में इंतजार करता ही रहा. फिर जयपुर आ गया, तो उसने कहा कि मुझे मानसरोवर जाना है, ऑटो कहाँ से मिलेगा?

मैंने कहा कि जहाँ में उतरूंगा वहाँ से आपको बैठा दूँगा. फिर हम दोनों उतर गये और मैंने उनको ऑटो में बैठा दिया और अब में खुद भी घर आ गया. फिर मैंने उनका फोन ट्राई किया तो स्विच ऑफ आ रहा था. (बाद में उन्होंने बताया कि बैटरी डिसचार्ज हो गयी थी) फिर मैंने सोचा कि चलो भूल जाओ और में सो गया.

फिर सुबह करीब 9 बजे उनका फोन आ गया. फिर हमने काफ़ी देर तक इधर-उधर की बातें की. फिर मेरी 1 हफ्ते तक उनसे बातें होती रही. अब वो डबल मीनिंग में बात भी करती थी, जो में उस वक़्त समझ नहीं पाता था. मेरी उम्र ज़्यादा नहीं थी और में लड़कियो के टच में भी ज़्यादा नहीं था और सारा दिन अपनी पढाई में लगा रहता था और वो शादीशुदा थी और उनके एक बच्चा भी था, लेकिन उनके पति ने 4-5 सालों से किसी और लड़की के चक्कर में उन्हें छोड़ दिया था.

फिर एक हफ्ते के बाद उनका फोन आया कि उन्हें कहीं जाना है और उनकी कार खराब है. फिर मैंने कहा कि में ले चलता हूँ, उन दिनों मेरे पास बाईक थी. फिर में शाम को बाईक लेकर उनके घर आ गया. फिर वो उनकी सास से मिलाने के लिए मुझे थोड़ी देर अंदर ले गयी और पानी पिलाया. (उन्होंने अपनी सास से बोला कि में उनकी फ्रेंड का भाई हूँ) फिर में उन्हें बाईक पर ले गया और उनकी बताई हुई जगह पर छोड़ दिया.

फिर उन्होंने कहा कि मेरा काम हो जायेगा, तब में फोन कर दूँगी तो मुझे वापस लेने आ जाना. फिर में वहाँ से टाईम पास करने एक मॉल में चला गया. फिर आधे घंटे के बाद उनका फोन आया और में वापस उन्हें लेने चला गया. फिर रास्ते में हम लोग एक रेस्टोरेंट में रुके, स्नेक्स लिए और कुछ बातें की और फिर मैंने उनको वापस घर छोड़ दिया.

फिर मेरी रात को उनसे फोन पर बात हुई, अब बात करते-करते उन्होंने एकदम से कहा कि आई लव यू, तो मैंने कहा कि मी टू. फिर हमारी थोड़ी देर तक रोमांटिक बातें हुई. फिर मैंने फोन पर उन्हें किस किए और फिर हम लोग सो गये. उसके बाद मैंने उनका फोन बहुत ट्राई किया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया. अब में फिर से उन्हें भूलकर अपनी पढाई में व्यस्त हो गया.

फिर 2 हफ्ते के बाद उनका फोन आया और कहा कि मुझे घूमने ले जाओगे? तो मैंने कहा कि कल चलते है. फिर अगले दिन हम लोग उनकी कार में घूमे, कॉफी पी, अच्छा टाईम निकला. अब जाते वक़्त मैंने उनकी जांघ पर अपना हाथ रख दिया, बस में इतनी ही बदमाशी कर पाया. फिर अगले दिन वापस वही हाल फोन उठना बंद, लेकिन एक हफ्ते के बाद शाम को उन्होंने मुझे अपने घर बुला लिया. फिर हम लोग बाईक पर ही घूमने निकले.

फिर उन्होंने मुझे एक सुनसान रोड़ पर चलने को बोला, तो हम लोग चल निकले. फिर कुछ देर तक में ऐसे ही चलता रहा और हम बातें करते रहे. फिर एकदम से उन्होंने आई लव यू बोलते हुए मुझे पीछे से हग कर लिया. अब उनके बूब्स मेरी पीठ पर ज़ोर से दब रहे थे और उनके हाथ मेरे सीने पर थे, अब मेरे मजे की कोई सीमा नहीं रही. फिर मैंने बाईक एकदम धीरे कर ली और उनके बूब्स के अपनी पीठ पर मज़े लेने लग गया. अब बीच-बीच में वो मेरे गले और पीठ पर किस भी करती रही.

अब अंधेरा होने वाला था तो मैंने उनको उनके घर से थोड़ा दूर छोड़ दिया. फिर जाते-जाते उन्होंने कहा कि शायद में फोन करूँगी तो आ जाना. अब मेरी दिल की धड़कन बढ़ गयी थी. फिर में धीरे-धीरे वापस चल पड़ा और फिर कोई 10 मिनट के बाद उनका फोन आ गया कि उनकी सास घर पर नहीं है, तुम घर आ जाओ, तो में फटाफट फुल स्पीड में उनके घर पहुँच गया.

फिर उन्होंने घर से बाहर झाँककर देखा तो बाहर कोई नहीं था. अब में कुछ करता उससे पहले ही उन्होंने एकदम से मेरे लिप को किस करना शुरू कर दिया. में हैरान था, लेकिन नॉर्मल होते ही मैंने भी वापस पूरे जोश के साथ वापस किस करना स्टार्ट कर दिया.

फिर मैंने किसिंग करते-करते उनके बूब्स पकड़ लिए और उनको दबाना शुरू कर दिया. फिर मैंने अपना एक हाथ उनके ब्लाउज में डाल दिया, अब उनका चेहरा उत्तेजना में ऐसा हो रहा था कि में बयान नहीं कर सकता. उस दिन तो उतना ही हुआ. फिर मैंने उनके ब्लाउज के नीचे पेट पर किस किए, बूब्स दबायें, कूल्हों को प्रेस किया और फिर घर आ गया.

फिर अगली सुबह जल्दी 7 बजे उनका फोन आया कि घर आ जाओ, सास रोज की तरह कीर्तन में गयी हैं तो में उनके घर पहुँच गया. उन्होंने ब्लेक सलवार कमीज़ बिना दुपट्टे के पहन रखी थी. फिर पहले उन्होंने चाय बनाई और फिर हमने चाय पी. फिर मैंने उनको हग कर लिया और अब हम लोग लिप किसिंग करते हुए उनके बेडरूम में चले गये. फिर मैंने उनको बिस्तर पर लेटाया और उनके ऊपर लेट गया. अब मैंने उनके बूब्स दबाते हुए किसिंग चालू रखी.

फिर मैंने उनसे मुँह खोलने को कहा और उनकी जीभ को सक करने लगा और वो भी मेरी जीभ को चूसने लगी. फिर मैंने उनकी कमीज़ उतार दी, अब उनके बड़े-बड़े बूब्स वाईट ब्रा में एकदम पैक थे. फिर मैंने उनके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही किस करना स्टार्ट कर दिया और उनके निप्पल के साथ खेलने लग गया और साथ ही साथ में अपना लंड उनकी जांघ पर रगड़ रहा था.

फिर उन्होंने अपनी ब्रा उतार दी और अब में उनके बड़े-बड़े बूब्स और निप्पल देखता ही रह गया. फिर मैंने जल्दी से उनकी सलवार उतार दी, अब वो सिर्फ़ पेंटी में थी. फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और अंडरवियर में वापस उनकी बॉडी को प्रेस करना शुरू कर दिया. अब में उनकी जांघो पर किस कर रहा था और अपने हाथों से उनके बूब्स को दबा रहा था.

फिर उन्होंने अपना एक हाथ मेरी अंडरवियर में डाल दिया और मेरा लंड पकड़कर उसके साथ खेलने लग गयी. फिर मैंने अपनी अंडरवियर भी उतार दी. अब मेरा 7 इंच लम्बा लंड उनके सामने था.

फिर उन्होंने खुद ही उसे अपने मुँह में ले लिया और चूसने लग गयी. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने अपना एक हाथ उनकी पेंटी में डाल दिया और उनकी चूत को सहलाने लगा. अब काफ़ी देर ऐसे ही चलता रहा. फिर मैंने उनकी पेंटी उतार दी और फिर मैंने उनकी टांगे फैलाई और उनकी चूत पर किसिंग करने लग गया.

फिर मैंने उनकी चूत के होंठो को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लग गया. अब में उनकी चूत के दाने को अपने दांतो से काटने और चाटने लगा था, उनकी चूत पूरी गीली हो रही थी. फिर मैंने उनकी पूरी चूत को ऊपर से नीचे तक चूसा, चाटा और काटता रहा. अब में उनकी चूत में अपनी उंगली डालकर अपनी उंगली अंदर बाहर करता रहा.

फिर वो बोली कि अब करो ना. फिर में उनके ऊपर आ गया और अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लग गया तो उन्होंने खुद ही मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत के होल पर रख दिया. फिर मैंने एक जोर से झटका दिया तो मेरा लंड सीधा उनकी चूत में अंदर चला गया और फिर में तेज़ी से उनकी चुदाई करने लग गया. फिर में करीब 45 मिनट तक उन्हें चोदता रहा.

फिर उन्होंने कहा कि अब निकाल लो, तो मैंने अपना पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया. फिर हम थोड़ी देर तक ऐसे ही लेटे रहे और अब उनकी सास का आने का टाईम होने वाला था तो हमने कपड़े पहने और फिर थोड़ी देर हग करते हुए बातें की और फिर में अपने घर आ गया. उसके बाद 4-5 महीने तक हमें जब भी मौका मिलता, हम खूब चुदाई करते. फिर मेरा एड्मिशन मुंबई हो गया तो मुझे उनको छोड़कर आना पड़ा. फिर में 2 साल के बाद वापस आया तो पता चला कि उन्होंने दूसरी शादी कर ली और इस तरह हमारा अफेयर ख़त्म हुआ.

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