मामा की लड़की को चोदकर मस्त किया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रोहित है और में जम्मू का रहने वाला हूँ. दोस्तों यह घटना मेरे और मेरे मामा जी की लड़की के बीच हुई एक सच्ची सेक्स की घटना है जो अभी कुछ समय पहले हमारे साथ घटित हुई. दोस्तों उसका नाम सोनिया है और उसके फिगर का साईज़ 36-28-32 है. उसके गुलाबी होंठ काली काली आँखें छोटी नाक, गोल चेहरा, गोरा रंग, एकदम फिट है. एक बार जब भी कोई उसे देखे तो वो देखते ही उसका दीवाना ही हो जाए मेरे साथ भी उसको देखकर कुछ ऐसा ही हुआ, लेकिन पहले पहले तो मैंने उसके बारे में कुछ गलत अपने मन में नहीं आने दिए और अब मेरे साथ वो सब क्या हुआ? में उसी घटना को पूरी तरह विस्तार से सुनाने जा रहा हूँ.

दोस्तों आप सभी से मेरा सबसे पहले यही आग्रह है कि यह मेरी पहली कहानी है इसलिए आप मुझे मेरी गलतियों के लिए माफ़ करे. अब आपको बोर ना करते हुए में सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ और वो घटना पूरी विस्तार से सुनाता हूँ.

यह बात कुछ समय पहले की है जब मेरे मामा जी की लड़की (सोनिया) की शादी थी और में अपने परिवार के साथ उसकी शादी में शामिल होने चला गया. में बहुत खुश था और ठीक शादी वाले दिन सभी लोग तैयार हो रहे थे और फिर उस समय सोनिया भी तैयार होकर मेरे पास चली आई. उस दिन उसने लहंगा पहना था और वो बहुत कमाल की सेक्सी लग रही थी. में लगातार उसे घूरता रहा और तभी उसने मेरे एकदम पास मुझसे आकर पूछा कि बताओ में कैसी लग रही हूँ. उसके मेरे बिल्कुल पास आने की वजह से मुझे उसके शरीर से बहुत अच्छी खुशबू आ रही थी और में उसे देखकर दूसरे ही ख्यालों में चला गया, जिसकी वजह से मेरे मुहं से अचानक से उसके पूछने पर सेक्सी शब्द निकल गया और अब में मन ही मन सोचा बैठा कि आज तो में काम से गया, लेकिन उसने मेरी बात का जवाब बड़े ही शरारती मूड में दिया और मेरे गाल को खींचकर मुझसे कमीना बोलकर मेरी तरफ मुस्कुराकर चली गयी.

फिर हम सभी लोग तैयार होकर जहाँ पर शादी होनी थी वहां के लिए निकल पड़े थे और वहां पर पहुंच गये और थोड़ी देर बाद बारात भी आ गई. फिर उसके कुछ घंटो के बाद नाश्ता खाना वगैरा सब कुछ हुआ, लेकिन में बार बार सोनिया की तरफ ही देखे जा रहा था. मुझे पता नहीं आज क्या हो गया था? में खुद वो बात नहीं समझ पा रहा था और में बार बार उसे ही देखे जा रहा था. शायद उसने भी मेरी इस बात पर गौर कर लिया था कि में लगातार उसे ही देख रहा हूँ, लेकिन फिर भी वो मुझसे कुछ नहीं बोली.

फिर बारात ही चली गई और फिर हम सभी दूल्हा और दुल्हन को लेकर घर पर आ रहे थे और जैसे ही हम लोग वहां से बाहर आए तो सोनिया ने मुझे इशारा किया और गाड़ी की पिछली सीट पर बुला लिया तो में चला गया और उसने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि आज तूने ड्रिंक की हुई है क्या? तो मैंने भी उससे बिल्कुल सच सच बोल दिया कि हाँ, लेकिन थोड़ी सी. अब उसने मुझसे कहा कि तभी तू बार बार मुझे ही घूरता जा रहा था और फिर वो मुझसे बोली कि घर चल में आज बुआ जी को सब कुछ बताती हूँ कि आपके बेटे ने ड्रिंक की है. फिर मैंने उससे माफ़ करने के लिए कहा और में उससे बोला कि प्लीज आप मेरी मम्मी को मत बताना में दोबारा कभी भी ऐसा कोई भी काम नहीं करूँगा ड्रिंक तो बहुत दूर की बात है, में कोई भी गलत काम नहीं करूंगा.

फिर वो कुछ देर सोचने लगी और फिर मान गई और वो मुझसे कहने लगी कि लेकिन मेरी तुमसे एक शर्त भी है, तभी मैंने तुरंत उनसे कहा कि मुझे आपकी वो सभी शर्त मंजूर है, आप मुझसे कुछ भी कहे में वो सब करूंगा. फिर उसने मुझसे कहा कि कल मुझे तुम से कुछ काम है, हम अब कल शाम को बात करेंगे और फिर वो मुझे पकड़ कर गाड़ी में ले आई.

फिर हम घर पर आ गये और फिर सभी लोगों के सोने का इंतज़ाम कर दिया. उस समय घर पर कुछ रिश्तेदार भी थे इसलिए सोने के लिए जगह थोड़ी कम थी, लेकिन मेरे सोने का इंतजाम छत पर सोनिया के रूम में था तो उसने मुझसे कहा कि जाओ तुम ऊपर वाले मेरे रूम में जाकर सो जाओ और फिर में उसके कहने पर ऊपर चला गया और बेड पर लेट गया.

पूरे दिन भर कामों में व्यस्त होने की वजह से में बहुत थका हुआ था इसलिए मुझे पता ही नहीं चला कि कब नींद आ गई जब में सुबह उठा तो मैंने देखा कि तब तक 11 बज चुके थे, तो में नहा धोकर नीचे आ गया और तब तक सोनिया भी नीचे चली गयी थी और बाकी सभी मेहमान भी अब अपने अपने घर जाने लगे थे, शाम तक थोड़े से मेहमान बाकी रह गये थे. फिर मैंने सही मौका देखकर सोनिया को अपने पास बुला लिया और मैंने उससे पूछा कि तुम्हे मुझसे ऐसा कौन सा काम था? तो उसने मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि कल रात की तरह आज रात भी तुम ऊपर वाले रूम में चले जाना, में फ्री होकर तुम्हारे पास आ जाउंगी, लेकिन दोस्तों अब मेरे मन में बार बार वही बात घूम रही थी कि वो मुझसे ऊपर वाले कमरे में ऐसा क्या काम बताएगी, मैंने उस बारे में बहुत बार सोचा, लेकिन हल नहीं निकाल सका.

फिर जैसे तैसे सोचते सोचते दिन भी गुजर गया और फिर शाम हुई और उसके बाद जल्दी से रात हो गई. में तब तक ऊपर वाले रूम में पहुंच चुका था और वही बात सोच रहा था. फिर मैंने देखा कि रात के करीब दस बजे वो रूम में चली आई, तो मैंने उससे कहा कि तुमने आने में बड़ा समय लगा दिया? तो उसने मुझसे कहा कि हाँ मुझे मेहमानों को सेट करने में थोड़ा समय लग गया.

तब मैंने उससे कहा कि चलो अब तुम मुझे बताओ कि तुम्हे मुझसे वो कौन सा काम था? दोस्तों मुझे तो बिल्कुल भी अंदाज़ा नहीं था कि आज मेरे साथ क्या होने वाला है? और में उस बात से बिल्कुल अंजान था क्योंकि मेरी सोच उस समय वहां तक नहीं पहुंची थी जो वो अब मुझसे कहने वाली थी. फिर उसने उठकर तुरंत दरवाजा बंद किया और वो अब मेरे बिल्कुल पास में आकर बैठ गई. मुझे बहुत अजीब सा लगा थोड़ा डर भी था.

तभी उसने मेरी आखों में आखें डालकर हल्का सा मुस्कुराते हुए मुझसे कहा कि चलो हम आज साथ में बैठकर बियर पीते है. दोस्तों में उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत चकित था और में मन ही मन सोचने लगा कि क्या यह मुझे आजमा कर तो नहीं देख रही है? फिर मैंने उससे कहा कि कल तो तुम ही मुझसे कह रही थी कि मुझे अब कभी भी ड्रिंक नहीं करनी है और आज खुद ही मुझे पीने के लिए कह रही हो. फिर उसने मुझसे कहा कि कोई बात नहीं आज के लिए सब कुछ माफ़ किया. आज हम दोनों साथ में बैठकर जो पिएँगे. दोस्तों में यह सभी बातें सुनकर बहुत चकित और हेरान रह गया कि एकदम सीधी साधी दिखने वाली लड़की क्या कभी बियर भी पी सकती है?

फिर मैंने उससे बहुत हैरान होकर कहा कि तुम यह सब कब से करने लगी? फिर उसने मुझसे कहा कि एक बार में अपने एक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में गई थी और मैंने वहीं से पीना शुरू किया और तब से में कभी कभी पीती हूँ. फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर उसने फ़्रीज़ से बॉटल निकाली और दो गिलास में डाली और एक गिलास उसने मुझे दे दिया और एक गिलास खुद लेकर पीने लगी और स्नेक्स खाने लगी. कुछ देर बातें हंसी मजाक करते हुए पीने के बाद उसे और मुझे दोनों को हल्का हल्का नशा सा होने लगा था.

फिर उसने मेरी तरफ देखा और मुझसे कहा कि रोहित में तुमसे बहुत प्यार करती हूँ. दोस्तों मुझे उसके मुहं से यह बात सुनकर बहुत अजीब सा लगा और मैंने उसे डांटा और उससे कहा कि तुम्हे पता भी है कि तुम नशे में यह सब क्या कह रही हो? तुम मेरे मामा की लड़की हो मतलब कि तुम मेरी बहन हो और में तुम्हारा भाई हूँ. यह सब बहुत गलत है और तुम ऐसा कैसे सोच सकती हो? लेकिन वो अब अपनी ज़िद पर अड़ गई और वो मुझसे कहने लगी कि मुझे कुछ नहीं पता, में तुमसे प्यार करती हूँ तो बस करती हूँ और वो इतना कहकर तुरंत मेरे गले लग गई और रोने लगी तो मुझे उसका रोना देखकर उस पर तरस आ गया.

फिर मैंने उसे चुप करवाया और उससे बोला कि में भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो, लेकिन में अब तक बहुत डरता था. फिर उसने मुझसे कहा कि तुम अपनी आँखें बंद करो. फिर मैंने उसके कहते ही तुरंत अपनी आखें बंद कर ली और फिर उसने मेरे होंठो पर अपने होंठ रख दिए और अब वो मुझे किस करने लगी. दोस्तों मुझे पता नहीं कहाँ से अचानक जोश आ गया और में भी ज़ोर से उस पर टूट पड़ा और उसे किस करने लगा. फिर उसने मेरी शर्ट के बटन खोल दिए और मेरी शर्ट को भी उतार दिया और फिर धीरे से उसने मेरे लोअर को भी उतार दिया में अब उसके सामने मैं सिर्फ़ अंडरवियर में था.

फिर मैंने उससे कहा कि तुमने मेरे तो सारे कपड़े उतार दिए, लेकिन तुम खुद तो कपड़ो में खड़ी हो. फिर उसने मुझसे कहा कि तुम भी मेरे कपड़े उतार दो मैंने कब तुमसे मना किया है. दोस्तों मैंने तुरंत उसे नीचे लेटा दिया और उसकी कमीज़ को भी उतार दिया.

उसने अंदर लाल कलर की ब्रा पहनी हुई थी और उसके बाद में नीचे की तरफ आया और मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसकी सलवार को भी उतार दिया. अब में उसके ऊपर आ गया और में एक बार फिर से उसे किस करने लगा और उसके पूरे चेहरे पर किस करने लगा और फिर उसके एकदम गोल बड़े आकर के बूब्स को में ब्रा के ऊपर से किस करने लगा.

फिर उसके नीचे हाथ डालकर मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया और एक साइड में फेंक दिया. अब में उसके एक बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा और दूसरे बूब्स को हाथ से दबाने लगा. मैंने बारी बारी से दोनों को बहुत अच्छी तरह से चूसा और दबाया भी.

दोस्तों अब में उसके पेट पर किस करते हुए उसकी चूत पर आ गया और अब में पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर किस करने लगा. वो उस लाल कलर की पेंटी में बहुत कमाल की लग रही थी. फिर मैंने उसकी पेंटी को उतार फेंका और चूत को सक करने लगा कुछ देर सक करने के बाद मैंने अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाली तो वो बहुत आसानी से अंदर चली गई, क्योंकि वो पहले ही अपने बॉयफ्रेंड से बहुत बार चुद चुकी थी जो उसने मुझे बाद में बताया.

फिर मैंने जोश में आकर अपनी एक और उंगली को उसकी चूत में डाल दिया और धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा, लेकिन थोड़ी देर बाद वो मेरा हाथ पकड़कर ज़ोर से अपनी चूत में आगे पीछे करने लगी तो में अब उसका इशारा समझकर थोड़ा ज़ोर से अपनी ऊँगली को अंदर डालने लगा और फिर मेरे ऐसा करने के कुछ देर बाद वो झड़ गयी और वो बिल्कुल बेजान होकर पड़ी रही. उसकी चूत से बहुत सारा गरम गरम पानी मेरे हाथ पर आ गया जिसको मैंने साफ किया.

फिर मैंने उससे कहा कि अब तुम मेरा लंड सक करो तो वो तुरंत मान गयी और उसने मेरा अंडरवियर उतार दिया और उसने तुरंत मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो उसे चूसने लगी. दोस्तों वो बहुत जोश में आकर मेरा लंड चूसने लगी, वो किसी अनुभवी रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी, जिसकी वजह से मुझे भी जोश चड़ा हुआ था.

फिर मैंने उसके सर को पकड़ा और ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे करने लगा. फिर थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने उससे कहा कि मेरा पानी निकलने वाला है. फिर उसने मुझसे कहा कि तुम मेरे मुहं में ही निकालो और फिर में तेज तेज धक्के देता हुआ उसके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरा सारा पानी पी गयी. फिर उसने मेरा लंड चाटकर साफ कर दिया और वो मेरे ऊपर आकर मुझसे लिपट गयी, जिसकी वजह से उसकी गरम गरम चूत बड़े आकर के बूब्स मुझे महसूस होने लगे थे. हम कुछ देर ऐसे ही बिना कुछ कहे लेटे रहे.

फिर मैंने उससे कहा कि तुम पानी से कुल्ला करो तो उसने उठकर वहीं पर थोड़ा आगे बढकर कुल्ला किया और दोबारा मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगी, जिसकी वजह से हम दोनों को एक बार फिर से जोश आने लगा. हमने करीब दस मिनट तक एक दूसरे को बहुत जमकर किस किए. तभी उसने मुझसे कहा कि प्लीज अब मुझसे नहीं रहा जाता, तुम अपना लंड मेरी चूत में डाल दो और मेरी आग को बुझा दो प्लीज. फिर मैंने उसको थोड़ा सा ऊँचा करके उसकी कमर के नीचे एक तकिया लगा दिया, जिसकी वजह से उसकी चूत और भी ज्यादा ऊँची होकर पूरी तरह से खुल गई.

अब में अपना लंड चूत के मुहं पर रखकर धीरे धीरे रगड़ने लगा तो वो मुझसे कहने लगी कि प्लीज अब मुझे और मत तड़पाओ, डाल दो अंदर प्लीज, थोड़ा जल्दी करो और फिर इतना कहने के बाद खुद उसने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और उसे अपनी चूत के छेद पर रख दिया और अब उसने मुझसे धक्का लगाने को कहा. दोस्तों मैंने उसकी ऐसे हालत को देखकर एक हल्का सा धक्का लगा दिया तो उसकी चूत गीली होने की वजह से मेरा आधा लंड बहुत आसानी से अंदर चला गया, क्योंकि उसने पहले से ही अपने बॉयफ्रेंड के साथ चुदाई की हुई थी, जिसकी वजह से उसकी चूत का आकार फैला हुआ था और मेरा लंड बहुत आराम से फिसलता हुआ अंदर चला गया.

फिर मैंने दूसरा धक्का लगा दिया और अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया. अब उसको थोड़ा सा दर्द हुआ, लेकिन फिर उसे भी कुछ देर बाद मज़ा आने लगा और वो मुझसे ज़ोरदार धक्के लगाने के लिए बोलने लगी और में भी ज़ोरदार धक्के लगाने लगा. दोस्तों इस बीच उसका दो बार पानी निकल चुका था और वो बिल्कुल ढीली पड़ गई थी. मेरा लंड अब बहुत आराम से गीली चूत में फिसलता हुआ अंदर बाहर होने लगा था. फिर थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने उससे कहा कि मेरा वीर्य अब निकलने वाला है बताओ कहाँ निकालूं अंदर या बाहर? तो उसने मुझसे कहा कि तुम मेरी चूत के अंदर ही निकाल दो और मेरी चूत को अपने रस से भर दो, मेरी आग को ठंडा कर दो, में सब कुछ सम्भाल लूँगी.

फिर उसके इतना कहने के बाद मैंने उसको दो चार धक्के दिए और उसके बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गये और अब में उसके ऊपर निढाल होकर लेट गया और उसे किस करने लगा, बूब्स को दबाने निचोड़ने लगा, उसके गदराए बदन से खेलने लगा.

दोस्तों उस रात को हमने करीब तीन बार और सेक्स किया और फिर थककर सो गये. दूसरे दिन जब में सुबह जब उठा तो मैंने देखा कि वो मुझसे पहले उठ गई थी और मैंने देखा कि मैंने कपड़े पहने हुए है शायद जब में सो रहा था उसने सुबह मुझे कपड़े पहना दिए थे. फिर थोड़ी देर में वो मेरे लिए चाय लेकर आई और उसने मुझे चाय दे दी और उसने मुझे किस किया और कमरे से बाहर चली गई. दोस्तों यह था मेरा ज़िंदगी का पहला सेक्स अनुभव जिसमे मैंने अपनी बहन की चुदाई करके उसे संतुष्ट किया और उसकी चुदाई के मज़े लिए.

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