भाई के दोस्त ने पेंटी खुलवाई

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम संजना है और मेरी उम्र 18 साल की है.. मेरा फिगर 34-28-36 है और में चुदाई की बहुत शौकीन हूँ.. जब में पहली बार चुदी तब से अब तक चुदाई ही मेरी ज़िंदगी है. में अभी तक 22 लोगों से चुदवा चुकी हूँ.. दोस्तों अब में अपनी स्टोरी पर आती हूँ.

दोस्तों यह एक साल पहले की बात है.. मेरे छोटे भाई के 2 दिन के बाद परीक्षा शुरू होने वाली थी और उसका पहला पेपर गणित का था.. लेकिन उसके चश्मे का नंबर बढ़ गया था.. इसलिए मेरी माँ उसे डॉक्टर के पास ले गयी थी. मेरा भाई और उसका दोस्त विपिन मिलकर पढ़ाई करने वाले थे. विपिन की कोचिंग में दूसरे ही दिन गणित का टेस्ट था और वो स्कूल के एग्जाम के पहले था और मेरा भाई गणित में बहुत अच्छा था. विपिन एक टपोरी लड़का था.. वो बहुत शरारती, मस्तीखोर, बत्तमीज और पढ़ाई में बहुत खराब था और वो हम लोगों के इलाके में एक छोटी सी खोली में रहता था. उसे मेरा भाई हमारे घर पर आज गणित सिखाने वाला था.. इसलिए वो हमारे घर आया.. लेकिन मेरे भाई ने विपिन को नहीं बताया था कि वो आज डॉक्टर के पास जाने वाला है. तो विपिन दोपहर को ही हमारे घर पर आ गया और में उस समय घर पर बिल्कुल अकेली थी. तो मैंने उसे बताया कि मेरा भाई डॉक्टर के पास गया है और क्या तुम्हे उसने पहले नहीं बताया था कि वो आज घर पर नहीं मिलेगा? तो वो कहने लगा कि नहीं उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया और फिर उसने कहा कि क्या वो मेरे भाई की गणित की किताब लेकर जा सकता है? तो मैंने उससे कहा कि तुम इधर ही रुक कर पढ़ाई कर लो और शायद हो सकता है कि मेरा भाई भी एक घंटे में आ जाए.

तो वो अंदर आ गया और सोफे पर बैठ गया और उसने मुझसे पीने को पानी माँगा और मैंने उसे किचन से पानी लाकर दिया और में उसे अपने भाई की गणित की किताब लाने के लिए अंदर चली गयी. फिर जब में बाहर आई तो वो मेरी किताब ( जो में उसके आने के पहले पढ़ रही थी और वो सोफे पर ही रखी थी ) पढ़ रहा था. उस किताब में प्यार पर आर्टिकल था और फोटो भी थे. तभी मैंने उससे किताब छीन ली और बहुत डाटा.. लेकिन वो बेशार्मो की तरह हंस रहा था और फिर उसने मुझसे सॉरी कहा और किताब लेकर बैठ गया और हमेशा उसके मुहं पर पूरे टाईम बेशार्मो वाली स्माईल रहती थी. फिर वो मुझे बार बार देखकर हंस रहा था जैसे उसे मेरा सीक्रेट पता चल गया है. तो में वहाँ से उठकर अपने रूम में चली गयी और फिर से अपनी किताब पढ़ने लगी. तभी कुछ देर बाद मुझे ऐसा लगा कि अगर उसने बैठक रूम में से कुछ सामान उठा लिया तो? और इसलिए में फिर से बाहर गयी.. तो वो सोफे पर लेटकर पढ़ रहा था और में उसे देखकर चौंक गयी कि यह लड़का इतना बत्तमीज कैसे हो सकता है? फिर मैंने उसे उठने को नहीं कहा और सीधा सोफे पर उसके पास बैठने चली गयी.. यह सोचकर कि शायद वो मुझे देखकर उठेगा.. लेकिन उसने बस अपना पैर हटाया और मुझे बैठने दिया और उसका पूरा ध्यान अपनी किताब में ही था. तो में भी अपने मोबाईल में व्यस्त हो गयी और ऐसे ही मैसेज टाईप करते करते मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे घूर रहा था और वो भी बहुत देर से और उसकी नज़र मेरे चेहरे पर नहीं थी. फिर मैंने उसे ध्यान से देखा तो वो मेरे बूब्स की गली की तरफ देख रहा था और मुझे याद आया कि विपिन के आने से पहले मैंने अपनी ब्रा को निकाल दिया था और में आर्टिकल पढ़ते पढ़ते अपनी निप्पल को सहला रही थी और में विपिन के अचानक से आने पर अपनी ब्रा को पहनना भूल ही गयी. एक तो में टी-शर्ट भी बहुत टाईट पहनी हुई थी और अब मेरे निप्पल भी बहुत साफ साफ टी-शर्ट में से दिख रहे थे और फिर मैंने किताब से अपनी निप्पल वाला भाग ढक लिया.

फिर मैंने विपिन से कुछ भी नहीं कहा.. क्योंकि में उससे कुछ बोल ही नहीं पाई. मेरे भाई का दोस्त अब मेरे बूब्स देख रहा था यह सोचकर मुझे बहुत अजीब लगा.. मेरे लिए मेरा भाई बच्चो जैसा है और मुझे उसके दोस्त भी बच्चे ही लगते थे भले ही वो ज्यादा उम्र का हो. हम दोनों में 4 साल का अंतर है और मैंने कभी भी मुझसे कम उम्र वालों की तरफ उस नज़र से नहीं देखा था. फिर में बहुत शांत हो गयी और मैंने पढ़ते पढ़ते फिर से विपिन की तरफ देखा.. वो भी मेरी तरफ देखने लगा और हम दोनों एक दूसरे की आँखो में बिना कुछ कहे घूर रहे थे. वो भी बिना किसी के डर के मेरी आँखों में बिना नज़र हटाए देख रहा था और मेरी धड़कने बहुत तेज़ हो गयी और मुझे यह अहसास जाना पहचाना सा लग रहा था. तो मैंने अपनी नज़रे उसकी तरफ से हटाई और में किताब में देखने लगी. तभी मैंने विपिन की तरफ फिर से देखा तो वो मेरे शरीर को पूरी तरह से देख रहा था और उसने अपनी नशीली आँखों से मेरी तरफ देखा. तभी मुझे उसकी पेंट में उसके खड़े लंड का आकार दिखाई दिया और मेरी गरम चूत से खुद ब खुद पानी निकलने लगा और अब मुझे पता चल गया कि मुझे क्या अहसास हो रहा था?

तभी में जल्दी से उठकर अपने रूम की तरफ चली गयी और विपिन भी जल्द से उठकर बैठ गया और मुझे अपने रूम में जाते वक़्त बड़े ध्यान से देखने लगा. फिर मैंने रूम में अंदर घुसते वक़्त सोफे पर बैठे हुए उसकी तरफ देखा और हम 5 सेकिण्ड तक एक दूसरे को ऐसे ही घूरते रहे और में अंदर चली गयी और फिर मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया. फिर मैंने अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए और अपने आप को सहलाने लगी. मैंने अपनी चूत में ऊँगली डालनी शुरू कर दी.. लेकिन यह बहुत ग़लत था और मुझे उस लड़के की वजह से गर्माहट महसूस हो रही थी.. में पूरी तरह गरम हो चुकी थी. मेरी चूत अब मुझसे एक लंड मांग रही थी और मेरा अपने आप पर कोई वश नहीं था. वो दूसरे रूम में था और में अपने कमरे में नंगी होकर अपनी चूत को सहलाकर ठंडा करने की कोशिश कर रही थी.

तभी मुझे दरवाज़े के नीचे वाले हिस्से से दिखाई दिया कि दरवाज़े के बाहर कोई खड़ा है और में समझ गयी कि यह विपिन ही है. तो में ज़मीन पर लेट गयी और खुद को सहलाने लगी और विपिन भी ज़मीन पर झुककर दरवाज़े के नीचे के हिस्से से अंदर देख रहा था. में उसके सामने ही उसे अपनी चूत दिखाते हुए नीचे ज़मीन पर लेटी थी. तभी डोर बेल बजी तो में जल्दी से उठी और कपड़े पहनकर बाहर गयी तो मैंने देखा कि हॉल में उसकी किताब सोफे पर पड़ी थी.. लेकिन विपिन वहां पर नहीं था. फिर वापस से एक बार और डोर बेल बजी और मैंने दरवाज़ा खोला तो वॉचमेन था और वो लाईट का बिल देने आया था. फिर मैंने उससे बिल लिया और जल्दी से दरवाज़ा बंद कर दिया और विपिन को ढूँढने लगी और फिर मुझे हॉल में एक अंडरवियर ज़मीन पर पड़ी हुई मिली और मैंने अंडरवियर उठाई और उसे ढूँढने लगी. मैंने उसे बाथरूम में देखा तो वो वहाँ पर भी नहीं था और फिर में मेरे भाई के बेडरूम में गयी तो वो वहाँ पर चुपचाप खिड़की की तरफ खड़ा था. तभी मैंने उससे पूछा कि यहाँ पर क्या कर रहे हो? तो वो कुछ नहीं बोला और फिर थोड़ी देर मुझे घूरने के बाद बोला कि मुझे बहुत डर लगा कि कोई आ गया है तो में यहाँ पर आकर छुप गया. फिर मैंने उससे पूछा कि क्या यह तेरी अंडरवियर है? तो उसने कहा कि हाँ. फिर मैंने उससे पूछा कि इसे क्यों निकाली थी? तो उसने फिर से नशीली आँखों से घूरते हुए कहा कि ऐसे ही.

तो मैंने उससे पूछा कि सीधे सीधे बता क्यों निकाली थी? लेकिन वो कुछ नहीं बोला. तो मैंने कहा कि तू जब तक नहीं बताएगा.. में तब तक तुझे तेरी अंडरवियर नहीं दूँगी. फिर मैंने उसकी अंडरवियर ली और हॉल में चली गयी और सोफे पर जाकर बैठ गयी. तो मुझे पता चल गया कि वो शायद पहले नंगा हुआ होगा और बेल बजने पर जल्दी जल्दी में कपड़े लेकर रूम में भाग गया होगा.. लेकिन में जानना चाहती थी कि वो नंगा हो कर क्या करने वाला था? और वो बहुत देर तक उस रूम से बाहर नहीं निकला. तो में फिर से अपने भाई के रूम में देखने गयी तो वो बेड पर नंगा बैठकर अपना लंड हिला रहा था. तभी उसने मुझे देखा तो उसकी आँखों में बिल्कुल भी डर नहीं था.. किसी और के घर में अपने फ्रेंड की बड़ी बहन के सामने नंगा होकर लंड हिलाने की बात पर उसे कोई भी डर या शरम नहीं थी.. बल्कि वो मुझे अपनी नशीली आँखों से घूर घूरकर देखता रहा. उसका लंड बहुत बड़ा था.. करीब 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा और वो एकदम तनकर खड़ा था.. शायद वो मेरी चूत को सलामी दे रहा था.

मुझे अपने से छोटी उम्र के लड़के के खड़े लंड को देखकर अलग सा अहसास हुआ और में इतना खूबसूरत लंड देखकर चौंक गयी थी.. लेकिन उम्र में बड़ी होने की वजह से कुछ भी नहीं बोली. में उसे डांटने का नाटक तक करना चाहती थी.. लेकिन कुछ बोल ना सकी और में चुपचाप हॉल में चली गयी और किताब पढ़ने का नाटक करने लगी. फिर मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि में क्या करूं? और अब मेरी चूत गीली हो चुकी थी और में अभी भी यही सोच रही थी कि क्या यह सब ग़लत तो नहीं हो रहा? और वो लड़का मुझसे छोटा है. तभी विपिन वैसे ही नंगा मेरी तरफ हॉल में आया और मेरे सामने आकर खड़ा हो गया और अपने लंड को जोर जोर से हिलाने लगा. तो में उसे वहाँ से भगाना चाहती थी या भगाने का नाटक करना चाहती थी.. लेकिन वो भी मुझसे नहीं होने वाला था. फिर मेरी चूत भी लंड की प्यासी हो गयी थी और मेरा मुहं भी लंड के लिए सूख गया था और लंड लिए मेरे पूरे बदन में बिजली दौड़ रही थी.. में फिर भी किताब में ही देखती रही.

तभी विपिन ने मेरे हाथ से किताब छीनकर फेंक दी और मेरी तरफ देखने लगा. फिर मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मुझे किस का इशारा किया और जोर से अपना लंड हिलाता रहा और में उसके लंड को 1 मिनट तक देखती रही और निहारती रही.. मुझे अब उसके लंड पर टूट पढ़ना था.. लेकिन वो मेरे भाई का फ्रेंड था और वो मेरे भाई को ब्लॅकमेल भी कर सकता था और मुझे भी ब्लॅकमेल कर सकता था.. इसलिए में अभी भी कुछ नहीं कर रही थी.. लेकिन मेरा पूरा शरीर कुछ और ही बोल रहा था और मन कुछ और.. तो मैंने धीमी आवाज़ में कहा कि अब बंद भी कर यार. तो उसने मुझसे कहा कि लो ना.. में चुप बैठी रही और वो मेरे मुहं की तरफ लंड को करीब लाया और मुझे उसके लंड की खुश्बू आने लगी.. में झुकी हुई थी और माथे पर हाथ था और उसका लंड मेरे होंठो से सिर्फ़ थोड़ी ही दूरी पर था और अगर वो हल्का सा भी आगे आता तो मेरे होंठो को उसका लंड छू जाता. मैंने वापस लंड की तरफ देखा और उसकी तरफ देखा.. तो वो मेरे पास में आकर सोफे पर लेटकर लंड को हिलाने लगा. हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और वो ज़ोर ज़ोर से लंड को हिलाने लगा. फिर आखिरकार उसका वीर्य गिर ही गया और उसका बहुत सारा वीर्य निकला और में उसके लंड की तरफ ही देखती जा रही थी. वो दो मिनट ऐसा ही पड़ा रहा और फिर बाथरूम में जाकर लंड धोकर बाहर आया और वो मेरे पास में आकर नंगा थककर बैठा हुआ था. मैंने उससे पूछा कि यह क्या था? तो उसने कहा कि तुझे देखकर जोश चड़ गया था. वो मेरे सामने अपने बड़े लंड को लेकर हिला रहा था.. फिर वीर्य को गिराया और अब मेरे पास में बिना किसी शर्म के नंगा बैठकर मुझसे बातें कर रहा है.

तो हम कुछ देर तक ऐसे ही शांत बैठे रहे. तभी उसने सोफे पर लेटते हुए मेरी गोदी में सर रखा.. लेकिन में चुप रही और उसने फिर अपनी उंगली से मेरे निप्पल को छुना शुरू किया और मुझे उसका ऐसा करना बहुत अच्छा लग रहा था.. में बस चुप रही. फिर वो ऐसा कुछ देर तक करता रहा और जब में कुछ नहीं बोली तो उसने धीरे धीरे मेरे बूब्स को दबाना शुरू किया. अब जब में बिल्कुल शांत रही तो उसने सीधा टीशर्ट के ऊपर से ही निप्पल को काटना शुरू किया और वो टी-शर्ट के ऊपर से ही निप्पल को दांत से खींच रहा था.. लेकिन मेरा शरीर शांत था. में कुछ नहीं सोच रही थी.. बस जो होगा वो होने दे रही थी. फिर उसने नीचे से मेरी टी-शर्ट को थोड़ा ऊपर किया और मेरे नंगे बूब्स को चूमने लगा, काटने लगा और सहलाने लगा. फिर उसने मुझसे टी-शर्ट को उतरवाया और मेरी गोद में ही सर रखकर वो यह सब कर रहा था.. मेरी नाभि को भी चाट रहा था. जब उसने मेरी नाभि में जीभ डाली तब मेरे मुहं से सिसकियाँ निकली.

फिर वो उठ गया और मेरी चूत को मेरी जिन्स के ऊपर से ही चाटने लगा.. उसने मेरी जिन्स उतरवाई और पेंटी भी उतरवाई और चूत चाटने लगा. फिर वो चूत चाटते चाटते एकदम रुककर मेरी चूत को बहुत देर तक देखता रहता.. जैसे कि उसने पहली बार चूत को देखा हो. फिर में भी उसका साथ देने लगी और उसने जब मेरी चूत में जीभ डाली तो मैंने अपने पैर उसके सर के आस पास लपेट लिए और ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ माँ करने लगी. फिर उसने मुझे लेटा लिया और खुद भी मुझ पर लेट गया और किस करने लगा.. फिर वो अपने घुटनो पर खड़ा हुआ और मुझे बैठा दिया. हम दोनों एक दूसरी की आँखों में देख रहे थे और वो अपना लंड मेरे होंठो पर छूने लगा और रगड़ने लगा.

फिर मैंने मुहं खोला और उसका लंड पूरी तरह से अंदर लिया और बहुत देर तक चूसा.. चूसते वक़्त वो बहुत सेक्सी आहें भरने लगा और मुझे उसकी आहें सुनने में बहुत मज़ा आ रहा था.. वो आहह आहह करते हुए मेरे मुहं की चुदाई करने लगा. तभी अचानक से मेरे मुहं से लंड बाहर निकालकर मुझे किस करने लगा और लेटकर मेरे पैर फैलाकर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.. लेकिन उसे डालते वक़्त थोड़ा दर्द होने लगा. तो मैंने उससे कहा कि लंड पर थोड़ा थूक लगा लो.. फिर उसने वही किया और मेरे पैरों के बीच में लेटकर मुझे चोदने लगा. वो चुदाई करते करते मुझे किस करता रहा. फिर 5 मिनट के बाद ही उसने वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और मुझ पर वो वैसे ही पड़ा रहा.. लेकिन मेरी चुदाई अभी पूरी नहीं हुई थी. फिर उसने मुझे कुछ देर तक किस किया और बैठ गया.. में लेटी रही और उसे देखती रही. वो वापस मेरी तरफ आया और मेरे निप्पल को चूसने लगा और 5 मिनट तक बूब्स के साथ खेलता रहा.. हम उठे और एक दूसरे से लिपटकर बैठे रहे. फिर मैंने उससे पूछा कि यह सब कैसे सीखा? तो उसने बताया कि उसकी कोचिंग टीचर के साथ भी उसने एक बार सेक्स किया है. उसकी कोचिंग टीचर दो बच्चों की माँ है और वो 40 से भी ज़्यादा उम्र वाली है.

फिर मैंने उससे कहा कि क्या ऐसे किसी के सामने सीधे नंगे होते वक़्त तुम्हे डर नहीं लगता? तो उसने कहा कि उसे उस वक्त सेक्स का जोश बहुत चड़ गया था. फिर उस दिन के बाद हमने करीब 10 बार सेक्स किया है.. वो अब चुदाई में और भी बेहतर होता जा रहा था.. वो करीब 15-20 मिनट तक 2-2 बार चोदता है और उसको हमेशा अलग अलग स्टाईल में वीर्य गिराने में बहुत मज़ा आता है. में कभी उसे खुद नहीं बुलाती.. वो खुद सीधा घर पर किसी ना किसी बहाने से पहुंच जाता है और घर खाली होता तो घर पर सेक्स करते है या छत पर, सीढ़ियों पर, स्कूल के पेपर के दिनों में भी उसने मुझे बहुत बार चोदा है ..

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