बुआ की चूत का भोसड़ा बनाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अजय है और में 21 साल का हूँ. मेरी एक बुआ है जिसकी उम्र 30 साल है और वो दिखने में एकदम सेक्स की देवी लगती है और उसका नाम बबिता है. हमारा एक परिवार है जिसमें हम सभी एक साथ रहते है इसमे 8 अंकल 8 आंटी 15 भाई बहन है और इन लोगों के बीच में मेरा बचपन बहुत हंसी ख़ुशी बीता है.

एक बार मैंने अपनी बुआ की जमकर चुदाई कि यह बात वो सच्ची घटना आज में आप सभी लोगों को बताने जा रहा हूँ, वैसे में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और आज इसलिए मैंने बहुत हिम्मत करके अपनी कहानी भी आप तक पहुंचाई है और में उम्मीद करता हूँ कि यह आपको जरुर पसंद आएगी और अब ज्यादा समय खराब ना करते हुए में अपनी कहानी पर आता हूँ.

दोस्तों यह बात उन दिनों की है जब मेरी बुआ की शादी हो चुकी थी और में तब 20 साल का था और मेरी बुआ 29 साल की थी, वो उनकी शादी के बाद पहली बार उनके मायके आई हुई थी और वो हमारे साथ बहुत दिनों तक रहने वाली थी, लेकिन वो वहां से आने के बाद उनके चेहरे से ज्यादा खुश नहीं दिखाई दे रही थी और जब उनसे उनकी एक दोस्त मिलने के लिए आई तो वो उनको सेक्स के बारे में बातें बता रही थी.

तभी में भी उधर से ही गुजर रहा था कि अचानक से मेरे कानों में उनकी चुदाई की वो बातें सुनकर में वहीं एक कोने में छुप गया और कुछ ही देर में मेरा लंड उनकी बातें सुनकर खड़ा हो गया इस दौरान मुझे पता चला कि फूफा जी ने अभी तक मेरी बुआ को चोदा ही नहीं था.

बुआ कह रही थी कि उनकी चूत चुदाई के लिए बहुत तरस रही है वो अब इसका क्या करे? तो उनकी यह बात सुनकर में उस दिन से ही उन्हे चोदने की फिराक में रहने लगा था. में मन ही मन अब अपनी बुआ की चुदाई के सपने देखने लगा था.

दोस्तों मेरी अच्छी किस्मत से मेरी बुआ रात को मेरे ही कमरे में उनके एक अलग बेड पर सोती थी और में देर रात तक जागकर अपनी पढ़ाई किया करता था और उसके साथ अपनी बुआ को भी देखता था. एक दिन गरमी से बहुत ज्यादा बेचैन होकर उसने रात को अपनी साड़ी और ब्लाउज को खोलकर वो सो गई और में अपनी चकित नजरों से अपनी बुआ का गोरा बदन उनके बड़े आकार के बूब्स को देखकर अपनी आखें सेकने लगा. मुझे बड़ा मज़ा आता था और यह सिलसिला अब हर रोज़ ही होता था. एक दिन रात को सोते वक़्त अचानक मेरा ध्यान उनकी तरफ चला गया तो वो सब कुछ देखकर मेरी आँखे फटी की फटी रह गई क्योंकि आज उनका पेटीकोट भी ऊपर उठकर उनके पेट पर आ गया था, वो बहुत मस्त नजारा था और अब में उनके पास जाकर उनकी नंगी गोरी गांड को देखने लगा, वो सब देखते देखते मेरा लंड तनकर 6 का हो गया और अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैंने हिम्मत करके उनकी गांड को अपने हाथ से हल्के हल्के सहलाना शुरू किया, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी हलचल ना देखकर मेरी हिम्मत अब ज्यादा बढ़ गई और में बिल्कुल पागल होकर उनकी गांड को सूंघने लगा.

वो अब भी सोई ही रही और उसके बाद मैंने उनकी गांड को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और एक हाथ से सहलाता भी रहा तभी अचानक से वो उठकर बैठ गई वो बहुत अजीब नजरों से मुझे देख रही थी, तो मैंने बहुत हिम्मत करके उनसे कहा कि बुआ आप मुझसे अपनी चुदाई करवा लो और यह बात हम दोनों के अलावा किसी को भी पता नहीं चलेगी और हम दोनों साथ में रहकर बहुत मस्ती करेंगे.

दोस्तों में पहले से ही बहुत अच्छी तरह से जानता था कि वो भी सेक्स की भूखी थी और उनको भी अपनी प्यासी चूत को चुदवाकर उसकी आग को शांत करना था. उनको इससे अच्छा मौका मिलना भी नहीं था इसलिए उन्होंने मेरी पूरी बात सुनकर भी मुझसे कुछ नहीं बोला और मुझे उनकी नजरों में वो सब दिखाई दे रहा था.

तभी वो धीरे से मुस्कुराई और मेरा लंड अभी भी तनकर खड़ा था, तो सबसे पहले उन्होंने मेरे लंड को बहुत ध्यान से अपनी प्यार भरी नजर से देखा और उसके बाद तुरंत लंड को पकड़कर चूसने लगी और सक करते करते वो लंड को अपने मुहं में लेकर लोलीपोप समझकर चूसने लगी, वो मेरे लंड पर किसी भूखी बिल्ली की तरह टूट पड़ी और मुझे जन्नत का मज़ा मिलने लगा.

अब में उनको बोला उफ्फ्फफ्फ हाँ चाट जा मेरी चुदक्कड़ बुआ ओऊऊऊ आह्ह्हह्ह्ह्ह और ज़ोर से चूस वाह मज़ा आ गया और वो कुछ देर तक मेरे लंड का मज़ा लेती रही और मुझे भी अपना मज़ा देती रही. फिर कुछ देर चूसने के बाद मैंने उनके मुहं से अपने लंड को बाहर निकालकर उनके पेटीकोट के नाड़े को एक झटका देकर खोल दिया जिसकी वजह से वो पेटीकोट नीचे आ गया और मेरे सामने उनकी काले काले छोटे बालों से भरी बिना चुदी चूत और बड़ी सी गांड थी. में अब उन्हे घोड़ी बनाकर पीछे से उनकी गांड पर अपना लंड रगड़ने लगा और वो बिल्कुल बैचेन हो उठी उनकी चूत पानी छोड़ने लगी, तो में अपना लंड उनकी गांड में डालने लगा और वो दर्द से आहे भरने लगी, लेकिन फिर भी उसने मुझे मना नहीं किया और यह देखकर में अब धीरे धीरे अपने लंड को अंदर डालने लगा और उनके मुहं से उईईईई माँ मर गईईई निकल गया और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी.

फिर में अपने लंड को अंदर ही डालकर कुछ देर तक उनके मिल्की बहुत मुलायम बूब्स को मसलने लगा. में उनकी निप्पल को निचोड़ने लगा और उनकी दोनों निप्पल खड़ी हो गई जिसकी वजह से कुछ देर बाद वो जोश में आ गई और अब वो भी मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी. दोस्तों मैंने महसूस किया कि उनकी गांड क्या मस्त गद्दीदार और आकार में बड़ी थी जिसकी वजह से मेरा मन करता था कि में कभी भी उनकी गांड से अपना लंड बाहर नहीं निकालूं.

अब वो भी ज़ोर ज़ोर से कह रही है उफ्फ्फ्फ़ हाँ मेरे जिम्मी अह्ह्ह्हह तू मेरी गांड को और ज़ोर ज़ोर से मार और तेज ज़ोर से तेज ऊउईईईईईई आज तुम मेरी गांड को चोदकर मुझे जन्नत की सैर करवा दो, वाह मज़ा आ गया, तुम तो बहुत मज़े देते हो, तुमने यह काम बहुत अच्छा किया आह्ह्ह हाँ और अंदर तक जाने दो.

फिर इस तरह से में उनकी गांड को करीब बीस मिनट तक ज़ोर से तो कभी धीरे से, लेकिन लगातार धक्के मारता रहा और उसके बाद में उनके गांड में झड़ गया और उसके बाद में उनकी गांड में अपना लंड डालकर उन पर लेटा रहा उसके बाद मेरा लंड उनकी गांड से मुरझाकर बाहर आ गया और वो उठकर बाथरूम में चली गई. दोस्तों में क्या बताऊँ? में उस समय क्या महसूस कर रहा था, क्योंकि मैंने उस समय पहली बार किसी के साथ सेक्स किया था, जिसकी वजह से मुझे बड़ा मज़ा आया था और यह सब करना में सेक्सी फिल्में देखकर ही जान गया था.

फिर कुछ देर के बाद बुआ बाथरूम से वापस आ गई और उन्होंने मुझे चूम लिया और उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को एक चुम्मा दे दिया. फिर तब मैंने महसूस किया कि अब वो भी मेरे साथ पूरी तरह से खुल गई थी.

अब उन्होंने अपने बेड पर मुझे बुलाया और वो मुझसे बोली कि जिम्मी क्या तू मेरे बूब्स पियेगा और अब में भी तुरंत उनके पास में लेटकर उनके बूब्स को चूसने लगा वो अब अपने हाथ से अपने बूब्स को दबा दबाकर छोटे बच्चे की तरह मुझे अपनी निप्पल चुसवा रही थी और आहे भर रही थी. उनकी दोनों आखें बंद थी और वो आह्ह्हह्हहह् कर रही थी. इधर बूब्स को चूसते हुए मेरा लंड भी खड़ा हो रहा था.

अब वो मुझे लेटाकर खुद उठकर मेरे लंड के पास जाकर झुककर उसने लंड को अपने मुहं में ले लिया और अब वो ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी जिसकी वजह से मेरी तो जान ही निकली जा रही थी और वो सेक्स की ज्वालामुखी बन गई थी. लंड को चूसने के साथ साथ उसके मुहं से मोन करने की आवाजे आ रही थी, लेकिन कुछ देर के बाद में झड़ गया और उसने मेरा पूरा वीर्य अपने मुहं में लेकर कुतिया की तरह वो अपनी जीभ से मेरा लंड चाट चाटकर पी गई, वो उस समय किसी अनुभवी रंडी की तरह लग रही थी, लेकिन कुछ भी कहो मुझे उनके साथ बड़ा मज़ा आ रहा था और में अब थोड़ा सा ढीला हो गया, तो वो एक कुर्सी पर बैठ गई और उसने अपने दोनों पैरों को फैला लिया, वो अपनी चूत की तरफ इशारा करते हुए मुझसे बोली कि जिम्मी देख मेरे लंड ने मेरे पास आकर मेरी चूत का क्या हाल कर दिया है? यह अब बह रही है और तेरे लंड को अपने अंदर लेने के लिए तरस रही है, तू अब जल्दी से इसकी पूरी गरमी को खत्म करके मेरी चूत की खुजली को मिटा दे, तू आज मुझे रगड़कर चोद दे और आज तक मेरी चूत को किसी ने नहीं चोदा. आज तू ही इसका उद्घाटन कर दे.

दोस्तों उनकी चुदासी भरी बातें सुनकर मैंने भी अब ज्यादा जोश में आकर उनकी गरम गीली चूत पर अपना मुहं लगा दिया और उस दिन पहली बार मुझे किसी की चूत की खुशबू मिल रही थी जिसकी वजह से में एकदम मदहोश होकर कुत्ते की तरह उनकी चूत के गीलेपन को अपनी जीभ से चाटने लगा और वो ज़ोर से सिसकियाँ भरने लगी आहहोह हाँ और ज़ोर से चूसो मेरे राजा उफफ्फ्फ्फ़ हाँ आज तुम इसको खा जाओ, मेरी चूत को ठंडा कर दो, यह बहुत दिनों से तरस रही है.

फिर इस तरह से में अपनी जीभ को उनकी चूत के बहुत अंदर तक ले गया और वो मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी. में अपनी जीभ से ही उनकी चूत को चोदने लगा और कुछ देर बाद उन्होंने जोश में आकर एक हाथ से अपने बूब्स को दबाते हुए मेरे सर को अपनी दोनों जाँघो के बीच में ज़ोर से दबा लिया और मेरे मुहं में ही उन्होंने अपनी चूत का पानी निकाल दिया.

फिर में उनकी चूत से बाहर निकले पानी की एक एक बूँद को पी गया और मैंने अपनी जीभ से चूत को चाटकर साफ कर दिया, वाह क्या स्वाद था? वो में बता नहीं सकता. फिर उसके बाद उन्होंने मेरे लंड को पकड़कर चूसना शुरू किया और मेरा लंड भी उनके मुहं की गरमी को पाकर कुछ देर में पूरी तरह से तनकर खड़ा हो गया.

मैंने उन्हे बेड पर लेटा दिया और अब मैंने उनकी फूली हुई चूत में अपने लंड का सुपाड़ा डाल दिया जिसकी वजह से वो ज़ोर से चीख उठी आईईईईइ माँ में मर गई, तूने यह क्या किया थोड़ा आराम से नहीं कर सकता क्या, में क्या कहीं भागी जा रही हूँ? उफ्फ्फफ्फ्फ़ मेरी चूत में अब बहुत जलन हो रही है, क्योंकि अभी तक उनकी चूत चुदी नहीं थी, वो वर्जिन ही थी और मैंने महसूस किया कि उनकी चूत बहुत टाइट थी.

में उनकी चीखने की आवाज को सुनकर वहीं पर रुक गया और उनके बूब्स को सहलाने लगा. फिर जब उनका दर्द थोड़ा कम हुआ तो उसने कहा कि तू मेरे मुहं में कपड़ा डाल दे और अब मेरे दर्द की बिल्कुल भी चिंता छोड़कर अपना लंड मेरी चूत में पूरा अंदर डाल दे.

फिर मैंने भी ठीक वैसा ही किया और उनके मुहं में एक कपड़ा डालकर मैंने अचानक से उनकी कमर को ज़ोर से पकड़कर अपने लंड का एक जोरदार धक्का लगाया जिसकी वजह से चार इंच लंड उनकी चूत के अंदर चला गया और अब में उसी तरह लगातार धक्के लगाता रहा और कुछ देर बाद मैंने देखा कि उनकी चूत से खून बाहर निकलने लगा था, लेकिन में फिर भी धक्के मारते हुए उनकी चूत के अंदर तक अपना पूरा लंड डाल रहा था और अब में धीरे धीरे धक्के देकर चुदाई करने लगा.

अब वो भी अपनी कमर को आगे पीछे करने लगी और मैंने अब उनके मुहं से कपड़ा निकाल दिया. अब हम दोनों पूरे जोश में आ चुके थे छप छप आह्ह्हह्ह उफफ्फ्फ्फ़ की आवाज आ रही थी और अब वो मुझे गंदी गंदी गालियाँ दे रही थी कह रही थी कि कुत्ते साले हरामी की औलाद आह्ह्ह्ह तेरी माँ जाने किससे अपनी चूत चुदवाती है और आज तू मेरी चूत को चोद चोदकर इसका भोसड़ा बना दे उफ्फ्फ हाँ पूरा अंदर तक जाने दे.

फिर इस बात से में बहुत जोश में आकर उन्हे ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदने लगा. इस बीच वो दो बार झड़ चुकी थी और में भी अब 25 मिनट की उनकी लगातार चुदाई के बाद अब झड़ने वाला था. मैंने उनसे पूछा क्यों मेरी रांड बता कहाँ लेगी मेरा पानी? तो उसने मुझसे मेरा वीर्य उसकी चूत के अंदर ही डालने को कहा और में तेज़ी से धक्के देता हुआ उसकी चूत में झड़ गया और बिल्कुल निढाल होकर उनके बूब्स पर लेट गया.

हम दोनों बहुत थक चुके थे इस इसलिए हमे कब नींद आ गई पता ही नहीं चला और सुबह दस बजे मेरी नींद खुली मुझे बुआ जगाने आई वो बहुत खुश लग रही थी. फिर उन्होंने मुझे किस किया और फिर मैंने भी झुककर उनकी साड़ी उठाकर उनकी चूत को चूम लिया और फिर उसके बाद हमारी चुदाई ऐसे ही चलती रही. उनको मेरा लंड और मुझे उनकी चूत मिल गई थी जिसके हमने बहुत मज़े लिए मैंने उनको बहुत बार जमकर चोदा.