बहन की सील तोड़ी देशी घी लगाकर

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम हैरी है और मेरे दो बहनें है. एक की शादी हो चुकी है और एक अभी कुंवारी है. ये बात 1 महीने पुरानी है. में और मेरी बहन घर पर अकेले थे और में सो रहा था तो मुझे मेरी बहन की आवाज़ सुनाई दी, वो बाथरूम में नहा रही थी. अब मेरा लंड वैसे ही तना हुआ था तो मैंने सोचा कि आज अपना काम हो जाएगा और एक चूत चोदने के लिए मिल जाएगी, मम्मी भी घर पर नहीं है.

मैंने बाथरूम के दरवाजे पर अपनी आँखे लगाकर अंदर देखा तो मुझे ज्योति की चूत की झलक मिल गयी. अब मेरा लंड और तन गया था और अब मेरा मन चूत चोदने का होने लगा था. अब वो अपना शरीर पोंछ रही थी तो में झट से कमरे में अंदर आ गया और सोने का नाटक करने लगा. फिर ज्योति को लगा कि में सो गया हूँ, इसलिए वो टावल लपेटकर कमरे में आ गयी, जब उसने नीचे ब्रा और पेंटी पहन ही रखी थी, जब कमरे की लाईट भी बंद थी तो उसे भी कोई डर नहीं था, लेकिन में उसे देख रहा था.

फिर उसने पहले लाईट ऑन की और देखा कि में सो रहा हूँ या नहीं, लेकिन में तो सोने का नाटक कर हूँ इसका उसे यकीन नहीं हुआ और उसने अपने शरीर से टावल अलग कर दिया, तो में तो उसे देखता ही रह गया और उसका शरीर दूध जैसा था. अब वो अपने शरीर पर क्रीम लगा रही थी.

फिर में धीरे से उठा और उसके पीछे जाकर खड़ा हो गया. अब वो अपने शरीर पर क्रीम लगा रही और अब मेरा लंड सिर्फ़ चूत चाहता था. अब जो भी हो, लेकिन अब मुझे तो सिर्फ चूत चाहिए थी तो मैंने धीरे से अपने लंड को अपनी शर्ट से बाहर निकाला और उसकी गांड पर दबाने लगा. तो वो पीछे मुड़ने की कोशिश करने लगी, तो मैंने उसे पकड़ लिया और वैसे ही खड़े रहने के लिए कहा. फिर वो बोली कि भैया नहीं ये पाप है, तो मैंने कहा कि किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, तू सिर्फ़ चुप हो जा.

फिर में उसे उठाकर अपने बेड पर ले आया और उसको और अपने आपको एक चादर से ढक लिया. फिर मैंने पहले अपने कपड़े उतारे और फिर उसकी पेंटी और ब्रा उतारी. अब ज्योति मेरे साथ मेरे बेड पर नंगी लेटी थी और अब में उसे फ्रेंच किस कर रहा था और वो मेरा लंड सहला रही थी. फिर मैंने उससे कहा कि ज्योति देख तेरी चूत टाईट और कुंवारी है और मेरा लंड मोटा है तो तुझे दर्द होगा तो सह लेना और खून भी निकलेगा, ठीक है.

फिर उसने हाँ में अपना सिर हिला दिया, तो तब मैंने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया और अपने लंड को उसकी चूत में डालने लगा. उसकी चूत बहुत टाईट थी. अब उसे दर्द भी हो रहा था, लेकिन अब वो भी मेरा सहयोग दे रही थी और बोली कि भैया क्रीम लगा लो या फ्रिज में देशी घी रखा है, ले आओ.

फिर मैंने फ्रिज में से देशी घी निकाला और थोड़ा अपने लंड पर और थोड़ा उसकी चूत पर लगाया और धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में घुसाने लगा.

फिर जैसे ही मेरे लंड का सुपड़ा उसकी चूत के अंदर गया, तो मुझे ऐसा लगा कि जैसे में जन्नत में पहुँच गया, लेकिन अब ज्योति को बहुत दर्द हो रहा था और उसके आँसू निकल रहे थे, तो मैंने उसके बूब्स दबाने और चूसने शुरू कर दिए. अब उसे थोड़ा-थोड़ा मज़ा आने लगा था. फिर 10 मिनट के बाद ज्योति बोली कि भैया अभी आपका आधा लंड तो बाहर ही है, तो मैंने कहा कि नहीं ज्योति तुझे दर्द हो रहा है ना, तो ज्योति बोली कि भैया मुझे तो ये दर्द होगा ही और पूरा डालने पर भी उतना ही दर्द होगा, जो अभी हो रहा है और बोली कि भैया आपको बस चूत मारनी है तो पूरा घुसाकर मारो, बस मेरा मुँह किसी चीज़े से दबा देना ताकि मेरी चीख ना निकले. फिर मैंने उस

के होंठो पर अपने होंठ रखे और एक ही झटके में अपना पूरा लंड ज्योति की चूत में घुसा दिया, तो उसकी चीख मेरे मुँह में ही दबकर रह गयी और उसकी चूत की झिल्ली फट गयी और खून बहने लगा.

फिर थोड़ी देर तक हम उसी स्टाइल में पड़े रहे. अब में धीरे-धीरे अपने लंड को आगे पीछे करने लगा था और अब हमें 20 मिनट हो चुके थे और मंजिल भी दूर थी. फिर में ज्योति के ऊपर आ गया और उसकी चुदाई शुरू की. अब पहले मुझे ज़ोर लगाना पड़ रहा था, लेकिन फिर मैंने धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढाई तो चुदाई का मज़ा शुरू हो गया.

अब सुबह के 6 बज रहे थे और हम भाई-बहन किसी मियाँ बीवी की तरह चुदाई में लगे हुए थे. अब ज्योति को भी बड़ा मज़ा आ रहा था और अब कमरे के अंदर ज्योति की आवाज़ और हमारी चुदाई की आवाज़ गूँज रही थी. अब में जन्नत में था और मुझे ज्योति की चूत मारने में बड़ा मज़ा आ रहा था. अब हमें चुदाई करते हुए 30 मिनट हो चुके थे तो तभी ज्योति बोली कि भैया मेरी चूत से कुछ निकलने वाला है. अब ज्योति की चूत से उसका पानी बूंद-बूंद करके गिरने लगा था.

अब मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में घुसा हुआ था और वो एकदम शांत हो चुकी थी. फिर तभी मुझे भी लगा कि मेरा लंड भी झड़ने वाला है तो मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और ज़ोर-ज़ोर से शॉट लगाने लगा, तो तभी मेरे लंड ने ज़ोरदार पिचकारी छोड़ दी और मेरा वीर्य मेरी बहन की चूत में गिरने लगा और में ज्योति से चिपक गया तो ज्योति भी एकदम टाईट होकर मुझसे चिपक गयी.

फिर हम दोनों भाई-बहन उसी तरह 30 मिनट तक सोते रहे और अब मेरा लंड अभी भी उसकी चूत में था और फिर से चुदाई करने के तैयार हो रहा था और ज्योति भी चुदने के लिए तैयार थी और फिर हमने एक और बार चुदाई की और तब से अब तक मैंने ज्योति को कई बार चोदा है.

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