नई शादीशुदा भाभी की चूत

हैल्लो दोस्तों, मेरी यह पहली कहानी है, मेरा नाम विनय है. ये मेरी पहली स्टोरी है तो कोई ग़लती के लिए मुझे माफ़ करना. में चंडीगढ़ में रहता हूँ और 12वीं की पढाई कर रहा हूँ. अब में अपनी स्टोरी हिन्दी में लिख रहा हूँ, क्योंकि देशी की बात ही अलग होती है. में एक नॉर्मल सा लड़का हूँ और मेरा लंड भी नॉर्मल है बस 6 इंच लंबा है. में यहाँ एक घर में रूम लेकर एक फेमिली के साथ रह रहा हूँ, उस फेमिली में अंकल, आंटी, उनका बड़ा बेटा और एक बेटी है. वो बहुत ही अच्छी फेमिली है, वो मुझे भी अपने बेटा जैसा ही मानते है.

दोस्तों इस कहानी की हिरोइन मेरी भाभी है. में आपको तो बताना ही भूल गया 24 दिसम्बर 2015 को मेरे मकान मालिक के बड़े बेटे की शादी हुई है. भैया एक बिज़नसमैन है और उनकी शादी बड़े ही धूमधाम से हुई है. अब मैंने और बाकि मेहमानों ने खूब इन्जॉय किया और दारू भी पी, उस दिन तो में कब सो गया मुझे ही पता नहीं चला, लेकिन फिर अगले दिन जब मैंने भाभी को देखा तो देखता ही रह गया. वो बहुत ही सुंदर है.

फिर मैंने उन्हें हाय बोला तो उन्होंने भी हैल्लो बोला. फिर में कॉलेज चला गया, लेकिन अब मेरा मन कॉलेज में नहीं लग रहा था. अब में बस भाभी के बारे में ही सोचे जा रहा था कि भैया कितने भाग्यशाली है. फिर कुछ दिनों के बाद धीरे-धीरे मेरी भाभी से बातें शुरू हो गयी और वैसे भी हम सब एक ही उम्र के है तो वो अक्सर मेरी टाँग खिंचाई करती थी.

अब मैंने भी उनसे थोड़ा फ्लर्ट करना स्टार्ट कर दिया था. भैया अपने बिज़नस के सिलसिले में अक्सर बिज़ी रहते है, लेकिन वो भाभी से बहुत प्यार करते है. अब घर में सब लोग भाभी को बहुत पसंद करते थे और में तो उन पर लट्टू ही हो गया था, लेकिन शो नहीं कर रहा था, भाभी के लंबे बाल मुझे बहुत पसंद है.

फिर एक दिन भाभी किचन में कुछ बना रही थी तो में भी किचन में चला गया और भाभी की हेल्प करने लगा. फिर वो कहने लगी कि रहने दो विनय, लेकिन अब में तो बस उनके साथ टाईम बिताना चाहता था. फिर वो बोली कि विनय तेरे कोई गर्लफ्रेंड है तो मैंने बोला कि कहाँ भाभी मुझको कोई पसंद ही नहीं करती है. फिर वो बोली कि नहीं विनय तुम तो गुड लुकिंग हो, केरिंग भी हो, जो भी लड़की तेरी लाईफ में आएगी बड़ी ही भाग्यशाली होगी.

मैंने बोला कि भाभी मुझको तो आपके जैसी चाहिए, तो भाभी प्यार से मेरे कान को पकड़कर खींचने लगी और बोली कि अच्छा बच्चू, तुम बस शक्ल से ही शरीफ लगते हो. अब भाभी को मेरी कंपनी पसंद थी और मुझे उनकी कंपनी पसंद थी, भाभी का नाम आकृति है और हम यहीं सेक्टर 22 चंडीगढ़ में रहते है.

अब हम काफ़ी फ्रेंक हो गये थे और अब घर में कोई मुझ पर शक भी नहीं करता है, क्योंकि में एक अच्छा लड़का हूँ. ये बात 3 दिन पहले की है, भैया को अपने बिज़नेस के सिलसिले में पुणे जाना पड़ा और भाभी भी उनके साथ जाना चाहती थी, लेकिन भैया ने मना कर दिया और ये कहकर कि वो तो काम में ही बिज़ी रहेंगे तो वो उनको घुमा नहीं पाएगे और बोले कि में वापस आऊंगा तो फिर हम शिमला चलते है. भैया का 3 दिन का ट्रिप था और अब भाभी थोड़ी दुखी हो गई थी.

फिर में भैया को छोड़ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट गया. फिर रास्ते में भैया ने मुझसे बोला कि विनय अपनी भाभी का ख्याल रखना तो मैंने बोला कि कोई बात नहीं बिग ब्रो. फिर में वापस आया तो मैंने देखा कि भाभी अभी भी नाराज़ थी. फिर मैंने भाभी से बोला कि क्यों नाराज़ हो भाभी? में हूँ ना. फिर में भाभी को हंसाने की कोशिश करने लगा और फिर रात को डिनर करने के बाद सब अपने-अपने रूम में सोने चले गये. जब ठंड भी बहुत ज़्यादा थी. अब में अपने रूम में बैठकर किताब खोलकर अपने मोबाईल में सेक्स स्टोरी पढ़ रहा था. तभी दरवाजे पर किसी ने लॉक किया तो मैंने सोचा कि कौन होगा? लेकिन मेरा रूम खुला ही रहता है तो मैंने बोला कि कौन है? अंदर आ जाओ.

फिर जब दरवाजा खुला तो में देखता ही रह गया. अब ब्लेक टाईट नाइटी और लंबे खुले बाल में भाभी कयामत ढा रही थी. फिर वो बोली कि विनय मुझे नींद नहीं आ रही थी तो मैंने सोचा कि तेरे साथ थोड़ी देर बात ही कर लूँ. फिर मैंने बोला कि आओ भाभी बैठो और मैंने कम्बल भाभी की तरफ कर दिया. फिर वो पूछने लगी कि क्या कर रहे थे?

मैंने बोला कि बस भाभी थोड़ी सी पढ़ाई तो वो बोली कि मैंने डिस्टर्ब तो नहीं किया ना. फिर मैंने बोला कि नहीं भाभी, फिर हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे, लेकिन अब मेरी नज़र बस उनके बूब्स पर ही थी और माँ कसम भाभी की बॉडी से क्या खुशबू आ रही थी? फिर भाभी ने भी नोटीस किया और बोली कि क्या विनय कभी लड़की नहीं देखी क्या? तो में हक्का बक्का रह गया और बोला कि देखी तो है, लेकिन आप जैसी नहीं. वास्तव अब आग दोनों तरफ लगी हुई थी. फिर मैंने कुछ नहीं सोचा और बस अपना एक हाथ आगे करके और भाभी के लंबे बालों में फैरने लगा.

अब भाभी बिल्कुल मदहोश हो गयी थी. अब मौसम भले ही ठंडा था, लेकिन अंदर गर्मी हो रही थी. तभी में बेड से उतरा और रूम को लॉक किया और फिर भाभी के पास आकर उनके लिप्स पर अपना लिप रखा और उन्हें किस करने लगा.

फिर भाभी कुछ नहीं बोली, लेकिन वो मेरा पूरा साथ दे रही थी. अब हम दोनों एक दूसरे में खो गये थे. अब में धीरे-धीरे भाभी के बूब्स पर अपना हाथ फैरने लगा था, उनके बूब्स काफ़ी सॉफ्ट और बड़े-बड़े थे. सॉरी दोस्तों मुझे उनका फिगर साईज़ का पता नहीं है. फिर मैंने कहा कि भाभी नाइटी खोल दो, तो वो कहने कि लगी कि तुम खुद ही खोल लो. फिर मैंने देखा कि भाभी ने अंदर बस ब्रा ही पहनी हुई थी.

फिर मैंने उनकी ब्रा खोली और बूब्स को चूसने लगा. अब वो बिल्कुल पागल सी हो गयी थी. फिर में धीरे-धीरे नीचे गया और उनकी चूत तक पहुँच गया. अब उनकी चूत से बड़ी ही अच्छी खुशबू आ रही थी और थोड़ा पानी भी निकल रहा था, शायद भाभी झड़ गयी थी. अब में उनकी चूत को चाटने लगा तो भाभी बोली कि छी-छी ये क्या कर रहे हो? तेरे भैया तो ऐसा नहीं करते है, लेकिन में नशे में उनकी चूत चाटता रहा.

फिर भाभी ने अपना हाथ मेरे सिर पर रखा और दबाने लगी और बोली कि बस विनय अब डाल भी दे. फिर मैंने बोला कि भाभी पहले इसको थोड़ा चूसो, लेकिन वो मना करने लगी और बोली कि नहीं ये बहुत गंदा काम है. फिर मैंने भी उन्हें ज़्यादा फोर्स नहीं किया और अपने लंड को उनकी चूत के ऊपर रखकर सहलाने लगा. भाभी की चूत टाईट थी तो मैंने उनसे पूछा कि भाभी आप कितनी बार चुदी हो तो वो बोली कि बस 2 बार.

फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत के मुँह पर रखा और एक झटका दिया, तो मेरा लंड थोड़ा सा उनकी चूत के अंदर चला गया. अब भाभी को बहुत दर्द हो रहा था और मुझे भी थोड़ा सा दर्द हुआ था. फिर में थोड़ी देर तक रुका और फिर एक पुश किया तो मेरा पूरा लंड उनकी चूत में चला गया. फिर में उनको 15 मिनट तक लगातार चोदता रहा और उनकी चूत के अंदर ही झड़ गया और फिर में उनके ऊपर ही लेटा रहा. फिर थोड़ी देर के बाद में उठा और उनको अपनी गोद में उठाकर उनको उनके रूम में छोड़कर आया. अब भाभी बहुत खुश थी और में भी बहुत खुश था. अब इसके बाद हमें जब भी मौका मिलता है तो हम चुदाई कर लेते है. दोस्तों ये मेरी पहली स्टोरी है अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो प्लीज मुझे माफ़ कर देना.

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