दोस्त की बीवी के अकेले में मजे

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम संजय है और यह मेरी इस साईट पर पहली कहानी है जो में आप सभी के साथ शेयर करना चाहता हूँ. में भोपाल से हूँ और यह कहानी मेरे दोस्त आयूष और उसकी पत्नी निधि की है, अब में आपको निधि के बारे में बताता हूँ, वो एक स्मार्ट बोल्ड सेक्सी हाउस वाईफ है. वो अपने पति से संतुष्ट नहीं थी, जो हमेशा काम में बिज़ी रहता था और निधि हमेशा दुनिया घूमना चाहती थी, जो आयूष उसे नहीं दिखा पा रहा था. हम हमेशा आपस में मिलते थे, निधि मुझसे बड़ा खुश रहती थी, क्योंकि उसे पता था कि में हमेशा उसकी हेल्प करता था.

ये कहानी कुछ ऐसे स्टार्ट होती है कि एक बार उन दोनों ने मुझे खाने पर बुलाया. टाईम रात 9 का फिक्स था. जब हम साथ में डिनर लेते थे तो आयूष और में हमेशा ड्रिंक करते थे, घर में उसकी भी व्यवस्था थी. अब में उनके घर गया और डोर बेल बजाई तो देखा कि निधि ने नेट वाली साड़ी पहनी थी, निधि एक खूबसूरत लेडी थी और मेरे दोस्त की बीवी थी, जिसके बूब्स 36C थे, कमर 32 और हिप्स 38 थे. अब मुझे उसकी नेट की साड़ी में उसके पल्लू के बीच में से क्लीवेज अच्छे से दिख रही थी. अब में चाहकर भी अपना ध्यान नहीं हटा पा रहा था.

अब मेरे पूछने पर उसने बताया कि आयूष लेट आयेगा, उसको जरूरी काम की वजह से रुकना पड़ रहा था. अब मेरे कॉल करने पर उसने कहा कि संजय घर मत आना आज का प्लान केन्सिल करते है. तब में उसे इससे पहले बताता कि में उसके घर पर हूँ, तो उसने कॉल काट दिया, हो सकता है वो काम में ज्यादा बिज़ी हो, लेकिन कुछ देर के बाद निधि के फोन पर भी मैसेज था, जानू प्लान केन्सिल में जल्दी आ जाऊंगा लव यू, इसके बाद मैंने निधि के चेहरे पर कुछ शरारती सी हंसी देखी तो मैंने उससे कहा.

संजय – चलो भाभी अब में जाता हूँ, दोस्त तो काम में बिज़ी हो गया है.

निधि – अरे, तो क्या? खाना तो तैयार है ना खाकर जाओ.

संजय – ना यार मूड खराब करता है, आज आपका पति ड्रिंक के मूड में था.

निधि – तो क्या चलो आज हमारे साथ लो? आपके दोंस्त तो हमें कभी नहीं पिलाते, आप पिलाओ.

यह कहकर निधि ने अपने पैर क्रॉस किए, अब उसकी जांघे देखकर मेरा लंड खड़ा हो रहा था, सोचा कैसे बताऊँ उसको मेरी फीलिंग? लेकिन डर था कि कहीं ग़लत ना ले ले.

संजय – रहने दो भाभी, आप कहाँ पीते हो?

निधि – इच्छाये तो बहुत है, लेकिन वो कहाँ पूरी करते है.

संजय – चलो, आज हम आपको कुछ नया ड्रिंक बनाकर पिलाते है.

अब निधि गर्म हो चुकी थी और कहा कि चलो बहुत टाईम है धीरे-धीरे ड्रिंक लेते है. अब हमने माहौल को इन्जॉय करने के लिए लाईट कम की और स्लो म्यूज़िक लगाया, अब हम सोफे पर साथ बैठकर पी रहे थे, अब कुछ तीन पैग पीने के बाद वो हल्के नशे में थी.

संजय – क्या हुआ भाभी? आप सो जाओ, आपको दारू चढ़ गयी है.

निधि – नहीं बातें करते है, मेरी बड़े टाईम से इच्छा थी कि में तुमसे बातें करूँ.

इतना कहकर उसने मेरे कंधे पर और फिर कंधे से मेरी गोद में अपना सर रखा और बोली कि में ऐसे लेट जाऊं तो बुरा नहीं मानोगे ना.

संजय – नहीं, अब इतना कहकर में उसके बालों से खेलने लगा.

निधि – तुम इतने प्यारे हो, तुम्हारे साथ कितना अच्छा लगता है.

संजय – आप भी बहुत प्यारी हो, आयूष की किस्मत कितनी अच्छी है.

इतनी बातें चल रही थी कि मैंने देखा की निधि का पल्लू नीचे गिरा था, अब उसकी आँखें बंद थी, अब उसके बूब्स उसके ब्लाउज से बाहर लटक रहे थी, जो बड़े गोरे और मिल्की लग रहे थे. अब मेरे लंड से धीरे-धीरे पानी निकल रहा था. फिर मैंने सोचा कि कही मेरे इरादे और ना बिगड़ जाए तो में उनका पल्लू सही करने लगा. अब में पल्लू सही करता, इतने में निधि ने समझ लिया था कि उसकी सीट के नीचे मेरा लंड जवान हो रहा है, अब वो मस्ती के मूड में आ गयी थी. फिर निधि सीधी बोली संजय तुम कब से मेरे बूब्स को देख रहे हो तो फिर पल्लू ऊपर क्यों रखा?

संजय – मुझे लगा कहीं गलती से गिरा हो, सही कर ले.

निधि – नहीं, वो तुमारे लिए गिरा है, मुझे हमेशा से पता है कि तुम्हें मेरे बूब्स बड़े पसंद है, मेरे बूब्स को तुम बड़ा पसंद करते हो, आज मौका है आयूष भी नहीं है, उससे कुछ ज़्यादा होता भी नहीं है आओ आज तुम और में मिलकर दोनों की आग बुझाते है. अब इतना सुनने पर मैंने उसके बूब्स पर हाथ रखे, वो बड़े ही नरम गर्म थे.

निधि – आअहह, संजय आज चालू हो जाओ और रुकना मत, इतना प्यार करो कि में हमेशा तुम्हारी रहूँ, आअहह आअहह और दबाओ खोलो मेरे ब्लाउज को और बूब्स को अच्छे से प्यार करो.

फिर मैंने उसके ब्लाउज को खोला और अब वो अन्दर ब्लेक ब्रा पहने थी. अब मुझे उसकी ब्रा खोलने पर पिंक निप्पल दिखे, जिसे देखकर में पागल सा हो गया और उसे अच्छे से मसलने लगा और चूसने लगा.

निधि – आहह अच्छे से चूसो, मजा आ रहा है आअहह अववववव संजय लव यू आअहह.

अब में निधि को उठाकर उसके रूम में ले गया और उसकी साड़ी उतार दी. अब वो ब्लेक पेंटी पहने थी, अब में उसके होंठो को स्मूच करता, तो कभी गर्दन, तो कभी बूब्स और अपने हाथ उसकी पेंटी के अंदर ले गया था. अब उसकी चूत बहुत गीली थी, जैसे कि मेरा लंड गीला था और अब में उसकी चूत को रब करने लगा था.

निधि – अहह संजय और तेज़्ज़्ज़्ज़ और तेज़्ज़्ज़ आअहह आहहह मत तड़पाओं मुझे चोदो, फुक्ककककक फुक्ककककक, संजययय फुक्कककक मी.

उसके बाद उसने मेरा लंड बाहर निकाला, अब मेरा 7 इंच का लंड देखकर वो खुश हो गयी और मेरा पूरा लंड चूसने लगी. अब वो मेरा लंड ऐसे चूसने लगी थी, जैसे वो कई सालों से बड़ी प्यासी हो. उसे देखकर अब मेरा लंड और बड़ा हो गया. फिर मैंने उसे सीधा लेटाकर उसकी चूत को चाटने लगा. अब वो पागल हो गयी थी, अब उसकी चूत से पानी बाहर आ रहा था.

निधि – संजय चाटो, चाटो आआहह अयाया मज़्ज़्ज़ा आ गया, आयूष को सिख़ाओ में पहली बार ऐसा महसूस कर रही हूँ, आआहहह आआआहह चाट जाओ. अब वो अपने पैर ओपन करके मुझे और चूत के पास ला रही थी. अब में भी बहुत इन्जॉय कर रहा था, अब में 20 मिनट तक उसे ये मजा दिलवाने के बाद उसकी चूत का पूरा पानी पी गया. अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालकर करीब 20 मिनट तक सेक्स किया. अब हम दोनों संतुष्ट थे. इसके बाद हमने 1 बजे तक सेक्स किया और हर महीने में दो बार हम साथ में सेक्स करते है और मजे करते है.

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