दीदी को मिलकर चोदा

हैल्लो दोस्तों, में एक बार फिर से आप सभी चाहने वालों के सामने अपनी दूसरी सच्ची कहानी लेकर आया हूँ. कहानी को शुरू करने से पहले में अपने बारे में कुछ बताना चाहूँगा, मेरा नाम निखिल है और में 19 साल का हूँ, मेरा शरीर दिखने में एकदम ठीकठाक है, मेरा लंड 6 इंच का है और मुझे सेक्स करना बचपन से ही बहुत पसंद है तो अब में अपनी आज की कहानी शुरू करता हूँ.

दोस्तों यह घटना उस समय की है जब में और मेरा पूरा परिवार भोपाल में एक फ्लेट में रहते थे, मेरे परिवार में मेरे पापा, मम्मी और सिर्फ़ में ही था. मुझे बहुत समय पहले से सेक्स करने की एक लत लगी हुई थी तो इसलिए में हमारी काम वाली को देख देखकर मुठ मारकर ही अपना काम चलाया करता था और ऐसा करने से मुझे कुछ शांती जरुर मिलती थी, लेकिन उसके बाद में दोबारा कुछ और करने के बारे में सोचने लगता था.

में शुरू से सेक्स और सेक्स जिस्म की तरफ बहुत आकर्षित होता था. दोस्तों हमारे पास में दो फ्लेट थे, एक फ्लेट तो बहुत समय से खाली पड़ा हुआ था और उसमें कोई भी नहीं रहता था, लेकिन दूसरे वाले फ्लेट में एक परिवार अभी अभी कुछ समय पहले ही रहने के लिए आया हुआ था और हम लोगों का उन लोगों से पिछले एक साल में बहुत अच्छा रिश्ता बन गया था. कभी वो हमारे यहाँ पर खाना खाने आते तो कभी हम वहां पर जाते.

उनके परिवार में सिर्फ़ 4 लोग ही थे अंकल, आंटी और उनके दो बच्चे. एक भैया जिनकी उम्र 28 साल और एक दीदी जिनकी उम्र 26 साल थी, वो दीदी बहुत ही हॉट थी और में उनको और उनकी मम्मी दोनों को चोदना चाहता था, लेकिन क्या करूं मुझे बहुत डर लगता था. उन दीदी का नाम भक्ति था और उनकी मम्मी का नाम रश्मि था. उन दोनों ही रंडियों को कैसे भी पाना अब मेरी मन की एक इच्छा थी इसलिए में उनको हर रोज देखकर मुठ मारता था.

दोस्तों फिर आख़िरकार एक दिन वो आ ही गया जब मेरे घरवाले और उनके घरवाले एक पिकनिक पर जा रहे थे, लेकिन मेरे उस समय पेपर थे, इसलिए में उनके साथ नहीं गया और फिर रश्मि आंटी और भक्ति दीदी को भी मेरे लिए रुकना पड़ा, वो दोनों मेरा बहुत ख्याल रखते थे. फिर बाकी सब तो पिकनिक के लिए निकल गये और में उनके घर पर रुका था.

मैंने अपनी कुछ जरूरी किताबे और अपना लेपटोप भी साथ ले लिया. सुबह के 8 बजे थे और भक्ति दीदी नहाने चली गई और में उस समय सो रहा था और वो उसी रूम से जुड़े बाथरूम में नहाने गई थी, मेरी नींद खुली और मैंने उठकर चोरी छिपे उन्हें नहाते हुए देख लिया, वो बिल्कुल नंगी थी और मुझे अपनी गांड दिखाए खड़ी हुई थी और उनकी मम्मी रश्मि आंटी उस समय हमारे लिए नाश्ता बना रही थी, लेकिन मेरे मन में तो अब उन दोनों को चोदने के ख़याल बार बार आ रहे थे और अब में अपने आप पर बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं कर पा रहा था, लेकिन फिर भी मैंने अपने आपको बहुत कंट्रोल किया और फिर में दूसरे बाथरूम में जाकर मुठ मारने लगा और कुछ देर हिलाने के बाद मेरा लंड एकदम शांत हो गया. अब मैंने धीरे धीरे अपना उन दोनों को चोदने का प्लान बनाना शुरू किया. दोपहर के करीब तीन बजे थे और हम सबने खाना खा लिया था.

मैंने उन दोनों को गरम करने के लिए मेरे लेपटोप में बहुत ही हॉट गाने लगाए और कुछ देर बाद दीदी बाजार चली गई थी और अब आंटी घर पर अकेली थी और मैंने महसूस किया कि वो अब तक गरम हो चुकी थी. फिर कुछ देर बाद उन्होंने मुझसे बोला कि बेटा निखिल मेरी कमर आज बड़ी दर्द कर रही है तू थोड़ी देर दबा दे, हो सकता है कि मुझे तेरे छूने से आराम मिल जाए. दोस्तों में उनके बूब्स 36 के थे और वो थोड़ी पतली और लम्बाई में थोड़ी छोटी थी और वो अपनी गांड को कुछ ज्यादा ही हिला हिलाकर चलती थी. अब आगे दोस्तों मैंने उनसे बोला कि क्यों नहीं आंटी और उन्हें बोला कि आप अपना पेटीकोट उतार दो. फिर वो शरमाते हुए बोली बेटा तू ऐसे ही दबा दे रे. फिर मैंने उनके कहने पर दबाना चालू किया और तेल लेकर मसाज भी की और उसके बाद मेरे मन में उनको चोदने का ख्याल एक बार फिर से आ गया और अब मैंने उनकी कमर पर धीरे से हाथ फेरा, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली और अपनी दोनों आखें बंद करके मेरी मसाज का पूरा मज़ा लेने लगी, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत और बड़ गई.

फिर धीरे धीरे मैंने उनके बूब्स को मसलना शुरू किया तो वो तुरंत समझ गई और वो मुझसे झट से अलग हो गई और उठकर बोली यह क्या कर रहा है तू? तो मैंने उनसे बोला कि आंटी प्लीज़ में आपसे बहुत प्यार करता हूँ, आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो आपको पाना मेरी मन की एक इच्छा है और वो मुझसे कुछ बोलने लगी थी, उससे पहले मैंने उसके होंठो को चूसना शुरू कर दिया और अब में बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसलने लगा था, जिसकी वजह से वो कुछ ही सेकिंड में एकदम गरम हो गई और पूरे जोश में आ गई और मैंने झट से उनकी साड़ी को उतार दिया और उनको पूरा नंगा कर दिया और फिर मैंने पहले उनके गले पर किस किया, उसके बाद मैंने उनके दोनों बूब्स को अपने दोनों हाथों में लेकर में दबाने लगा.

दोस्तों यह सब कुछ करीब 15 मिनट तक चला, जिसकी वजह से वो जोश में आकर अपने पूरे होश खो बैठी थी और फिर उन्होंने तुरंत मेरी पेंट को खोल दिया और लंड को बाहर निकाल लिया. अब उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ में लेकर अपने मुहं में ले लिया और अब वो एक रंडी की तरह लंड को चूसने लगी थी. अब मैंने भी उनके बालों को पकड़कर मुहं में लंड को हल्के हल्के धक्के देने शुरू किए, जिसकी वजह से उनकी साँस रुक गई और आँख से आंसू बाहर आने लगे, लेकिन कुछ देर धक्के देने के बाद मैंने अपना वीर्य उसके मुहं में ही डाल दिया, जिसको उन्होंने बहुत खुश होकर चाट चाटकर पूरा साफ कर दिया.

फिर मैंने उनसे कहा कि आंटी अब में आपकी चूत मारूँगा और वो मेरी बात को सुनकर झट से तैयार हो गई. फिर मैंने देखा कि आंटी की चूत एकदम साफ और अंदर से हल्की गुलाबी थी और उभरी हुई भी थी. मैंने लंड को चूत के मुहं पर रखकर हल्के हल्के से धक्के मारने शुरू किए, जिसकी वजह से उन्हें थोड़ा सा दर्द हुआ. फिर मैंने एक ज़ोर का धक्का लगाकर पूरा लंड चूत के अंदर डाल दिया, जिसकी वजह से वो चीखने लगी और मुझे उन्होंने कसकर पकड़ लिया.

फिर मैंने कुछ देर बाद और भी तेज तेज झटके देने शुरू किए. थोड़ी देर बाद वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देने लगी थी, क्योंकि अब शायद उनका दर्द थोड़ा सा कम हो गया था और फिर यह सब करीब एक घंटे तक चलता रहा.

फिर मैंने उन आंटी को डॉगी स्टाइल में और 69 पोजीशन में अलग अलग तरह से लंड डालकर चोदा और बहुत मज़े से उनके साथ चुदाई का पूरा पूरा आनंद लिया. मैंने अपना वीर्य उनकी चूत की गहराई में डाल दिया वो मेरी चुदाई से बहुत खुश संतुष्ट नजर आ रही थी और अब हमने एक लंबा लिप किस किया और एक दूसरे से अलग हो गए.

दोस्तों उसके बाद हम दोनों ने एक प्लान बनाया, जिसमें में आंटी के साथ मिलकर भक्ति दीदी को चोदने वाला था, हमने सोच लिया था कि आज रात को में और मेरी रश्मि डार्लिंग उसको रात में बहुत जोश में लाकर उसके साथ वैसे ही मज़े से सेक्स करेंगे.

फिर कुछ देर बाद भक्ति दीदी बाजार से घर पर आ गई और वो इतनी मस्त लग रही थी. उन्होंने आज सफेद रंग की एकदम टाईट शर्ट और उसके नीचे केफ्री पहनी हुई थी, वो आकार में बहुत छोटी सी पेंट थी और जिससे उनकी गांड भी बहुत आराम से दिख रही है और उनके टॉप में से भी मुझे उनकी काली कलर की ब्रा दिख रही थी. उनके बूब्स कुछ 38 के होंगे, वो थोड़ी से मोटी थी, लेकिन बहुत हॉट थी और उनकी लम्बाई करीब 5.6 इंच होगी, वो उनके सेक्स बदन को लगातार घूर घूरकर देख रहा था.

अब वो कुछ देर बाद कमरे से बाहर आई और फिर हम तीनों मिलकर बातें हंसी मजाक करने लगे, बातों ही बातों में उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तेरी कोई गर्लफ्रेंड है? तो मैंने भी उनको मजाक में बोल दिया कि मुझे अब तक कोई भी आप जैसी नहीं मिली और मेरी यह बात सुनकर उन्होंने मुझे एक शरारती सी स्माईल दी और उठकर सीधी बाथरूम में चली गई.

अब में और रश्मि आंटी को समझने में ज्यादा समय नहीं लगा कि उसे भी मुझसे अपनी चूत को चुदवाना है और हम दोनों उसकी इच्छा को जानकर मन ही मन बहुत खुश थे, क्योंकि हमे हमारा एक साथ मिलकर चुदाई करने का सपना अब सच होता हुआ नजर आ रहा था.

फिर रात को खाना खाने के बाद हमने कुछ देर बैठकर बातें की. उसके बाद रश्मि आंटी ने मुझसे कहा कि तू भी हमारे साथ हमारे रूम में सो जा. उनके मुहं से यह बात सुनकर भक्ति दीदी तो ख़ुशी से झूम उठी थी, लेकिन वो कुछ बोली नहीं और मुझे उनके चेहरे से साफ साफ पता चल रहा था, वैसे हाल तो मेरा भी वही था. फिर हम रात को तीनों एक कमरे में सोने चले गए.

फिर कुछ देर लेटे रहने के बाद अब में और रश्मि आंटी सोने का नाटक कर रहे थे और फिर जैसे ही हमे लगा कि वो सो गई तो रश्मि डार्लिंग ने मुझसे कहा कि तू जा अब भक्ति सो गई है, उसको किस कर और बहुत अच्छी तरह से गरम कर दे. फिर मैंने भी ठीक वैसा ही किया जैसा उन्होंने मुझसे कहा था.

मैंने उनके होंठो पर, गर्दन पर, छाती पर किस करना शुरू किया, जिसकी वजह से वो कुछ देर बाद उठ गई और अब वो मुझसे बोली कि यह क्या कर रहा है? लेकिन फिर हमने उसे कुछ बोलने नहीं दिया और मैंने उसे तुरंत नंगा कर दिया और उसके नरम गुलाबी होंठो को चूसने लगा और दोनों बूब्स को हाथ में लेकर दबाने लगा निचोड़ने लगा और अब रश्मि आंटी भी आ गई, वो पीछे से उसकी गांड को चाट रही थी और कुछ देर बाद उस भक्ति नाम की रांड ने भी हमारा पूरा पूरा साथ देना शुरू किया और अब हम तीनों बारी बारी से एक दूसरे को किस कर रहे थे और फिर भक्ति और रश्मि एक दूसरे को किस करने लगी और में उन दोनों के बूब्स को बारी बारी से चूसने, दबाने लगा.

अब मैंने भक्ति से कहा कि तुम मेरा लंड चूसो और में रश्मि आंटी को किस करके शांत करता हूँ. उसके बाद में और रश्मि आंटी किस करते रहे और वो मेरा लंड चूसती रही. फिर मैंने उसे कुछ देर बाद नीचे लेटाकर अपना लंड डाल दिया और उसको बहुत देर तक लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के देकर चोदा उहह्ह्हहह आईईइ माँ मर गई प्लीज थोड़ा धीरे करो, वो सिसकियाँ लेने लगी और रश्मि पीछे से उसके बूब्स को मसल रही थी. कुछ देर बाद में उसकी चूत में ही झड़ गया और मैंने अपना पूरा वीर्य चूत के अंदर डाल दिया और करीब 5 मिनट में वो भी झड़ गई.

अब मैंने उसको गांड की तरफ से उल्टा बैठने को कहा और बोला कि अब में तेरी गांड भी मारूँगा भक्ति. फिर वो मुझसे बोली कि प्लीज गांड में नहीं यह बहुत दर्द होती है, में ऐसा नहीं कर सकती. फिर मैंने उससे बोला कि तुम्हें कुछ नहीं होगा. में बहुत धीरे धीरे डालूँगा, जिसकी वजह से तुम्हें दर्द कम होगा और फिर मैंने उसकी गांड में बहुत सारा तेल लगाकर अपने लंड को भी चिकना करके गांड पर लंड का दबाव बनाते हुए पूरा अंदर डाल दिया.

उसके बाद मैंने धक्के मारने शुरू किए और मेरे साथ में रश्मि के बाल पकड़कर उसके होंठो को चूसना शुरू किया और साथ में एक बूब्स को दबाना भी शुरू किया और हम सारी रात जमकर चुदाई करते रहे, कभी में भक्ति को चोदता तो कभी रश्मि को. मैंने उन दोनों के साथ बहुत मज़े किए और दोनों को संतुष्ट करने के बाद हम तीनों नंगे ही सो गए और फिर हम तीनों ने प्लान बनाया कि अब हमको जब भी मौका मिलेगा हम तीनों ऐसे ही सेक्स करेंगे.

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